बिजनौर: गंगा किनारे ढांग गिरने से किसान दंपती 35 फीट गहराई में गिरे, मिट्टी में दबकर घायल; जिला अस्पताल रेफर
बिजनौर के गौसपुर में गंगा किनारे खेत पर चारा काटते समय ढांग गिरने से किसान दंपती करीब 30 से 35 फीट गहराई में जा गिरे। मिट्टी में दबने से दोनों घायल हुए। ग्रामीणों ने बाहर निकाला, जिसके बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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गांव गौसपुर में गुरुवार सुबह गंगा किनारे खेत पर चारा काट रहे किसान दंपती अचानक ढांग गिरने से करीब 30 से 35 फीट गहराई में जा गिरे। दोनों मिट्टी में दबकर घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को मिट्टी से बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
चारा काटते समय अचानक भरभराकर गिरी ढांग
गौसपुर निवासी सत्यपाल (60) अपनी पत्नी उषा (56) और पुत्रवधू शशि (35) के साथ गांव से करीब 700 मीटर दक्षिण दिशा में गंगा किनारे स्थित खेत पर चारा काटने गए थे। इसी दौरान अचानक ढांग भरभराकर गिर गई।
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ढांग के साथ नीचे जा गिरे दंपती
ढांग गिरने से सत्यपाल और उषा उसके साथ नीचे जा गिरे और मिट्टी में दबकर घायल हो गए। कुछ दूरी पर चारा काट रही उनकी पुत्रवधू शशि ने घटना देखी और शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया।
ग्रामीणों ने मिट्टी में दबे दंपती को बाहर निकाला
पास के खेत में काम कर रहे किशन और मनोज ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कामेंद्र, शुभम, बृजेश, मनोज समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिट्टी में दबे सत्यपाल और उषा को बाहर निकाला।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, दोनों जिला अस्पताल रेफर
सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष अनु कुमारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घायल दंपती को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांदक भिजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
एसडीएम और नायब तहसीलदार ने किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार अमित कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसानों को गंगा कटान से प्रभावित क्षेत्र में न जाने की हिदायत दी।