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ईआरपी सिस्टम के लागू होने से किसानों में भ्रम की स्थिति,शिकायत के बाद सुनवाई न होने से असंतोष

Tue, 04 Jan 2022 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 12:04 AM IST
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Farmer code is of 14 digits, weighing from the old 11 digits only
Farmer code is of 14 digits, weighing from the old 11 digits only
कृषक कोड हुआ 14 अंक का, तौल पुराने 11 अंकों से ही
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सतीश शर्मा
धामपुर। गन्ना विभाग द्वारा समितियों में ईआरपी सिस्टम के लागू किए जाने से किसानों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ईआरपी सिस्टम से किसानों के पुराने कृषक कोड नंबर खत्म हो गए हैं और नए कृषक कोड नंबर जारी हो गए है। पुराने कृषक कोड नंबर 11 अंकों के थे। अब नए कृषक कोड नंबर 14 अंकों के हैं।
गन्ना समितियों में तो किसानों के पुराने कृषक कोड के स्थान पर नए नंबरों के साथ डाटा फीड हो गया है। गन्ना समितियाें द्वारा किसानों को नए कृषक कोड के आधार पर गन्ना पर्चियों के मैसेज मोबाइल फोन पर भेजे जा रहे हैं। जबकि चीनी मिल के सिस्टम में पुराना कृषक कोड डाटा फीड होने के कारण किसानों और चीनी मिल दोनों को गन्ना तौल कराने में दिक्क्त आ रही है।
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चीनी मिल में गन्ना तौल कराने पहुंचे किसान दलवीर सिंह, मनोज कुमार, कुशलपाल सिंह, गंभीर सिंह, पंकज शर्मा का कहना है कि गन्ना समिति ने नए कोड से उनके मोबाइल पर गन्ना पर्ची तौल कराने के मैसेज भेजा। जब वह चीनी मिल में गन्ना तौल कराने पहुंचे तो मिल के कंप्यूटर सिस्टम ने उनकी पर्ची को नहीं पकड़ा। गन्ना तौल में दिक्कत आने पर वह पर्ची को सही कराने कभी मिल अधिकारियों के पास, तो कभी गन्ना समिति के अधिकारी के पास पहुंचे। लेकिन समस्या का स्थायी निदान नहीं हो सका है। आखिर में चीनी मिल ने उनके पुराने कृषक कोड मंगाकर ही उनकी गन्ना पर्चियों की तौल की।
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जल्द होगा समाधान : मनोज कुमार, विशेष सचिव
गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार कहना है कि गन्ना विभाग के लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय से कृषक कोडों को ईआरपी से जोड़ा जा रहा है। पहले कृषक कोड 11 अंकों का होता था। पर अब 14 अंकों का होने से किसानों को दिक्कत आ रही है। समस्या का निदान कराने को अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही निदान होगा।

मिल और किसान दोनों परेशान: जीएम गन्ना
गन्ना जीएम ओमवीर सिंह का कहना है कि गन्ना विभाग की ओर से सीजन के बीच में नया काम शुरू कर देने से चीनी मिल और किसान दोनों को दिक्कत हो रही है। किसानों में भ्रम की स्थिति है। मिल सिस्टम में पुराने कृषक कोड से डाटा फीड है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि वह नए कोड के साथ पुराने कोड को भी लेकर आएं। जिससे पुराने कोड पर उनकी गन्ना तौल कराई जा सके और नए कोड को एक-एक कर अपने सिस्टम में फीड कराया जा सके।
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