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मूसलाधार बारिश से खेत-तालाब, सड़के-गलियां जलमग्न
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बिजनौर-नजीबाबाद रोड पर आदर्श नगर के सामने बारिश से हुए जलभराव से पानी से गुजरते वाहन।
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश रविवार को भी नहीं थमी बल्कि और तेज हो गई। मूसलाधार बारिश से खेत और तालाब लबालब हो गए, वहीं सड़कें और गलियां भी जलमग्न रही। शहर से लेकर गांव देहात तक बारिश के चलते जनजीवन बिगड़ गया। बेमौसम बरसात से नदियों में भी उफान बना हुआ है। बदलों के बरसने से तापमान में भी गिरावट आई है।
रविवार को सवेरे बूंदाबांदी होती रही, दोपहर में 11 बजे से मोटी मोटी बूंदों के साथ बारिश शुरू हो गई। शाम ढलने तक लगातार बारिश होती रही। बरसात से शहर की सिविल लाइन से लेकर नजीबाबाद रोड, नगीना रोड और मंडावर रोड पर पानी ही पानी दिखाई दिया। वहीं नई बस्ती और आवास विकास समेत शहर की गहरी कॉलानियों में पानी भर गया। नई बस्ती की हर गली जलमग्न रही। नालियां उफनी तो सड़कों पर पानी बहने लगा। सिविल लाइन में भी सड़क के दोनों ओर पानी भर गया।
बारिश के चलते लोग घरों से नही निकल पाए। केवल जरूरी कामकाज वाले लोग ही मजबूरी में घरों से बाहर निकले। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। रोडवेज बस स्टैंड पर भी इक्का दुक्का यात्री ही दिखाई दिए।
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3 दिन में 120 मिमी बारिश
रविवार को 75 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि तीन दिनों में 120 मिमी बारिश हुई है। अक्तूबर के महीने में इतनी बारिश होना एक रिकार्ड है। उधर रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियास दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री बना रहा। अधिकतम तापमान में बारिश होने की वजह से तीन डिग्री की गिरावट आई है क्योंकि सात अक्तूबर को अधिकतम तापमान 25 डिग्री बना हुआ था। इस बारिश ने मौसम में भी ठंडक घोल दी है।
गंगा के जलस्तर में हुआ इजाफा
पहाड़ और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से गंगा समेत अन्य नदियों में उफान है। रविवार को गंगा का जलस्तर 218.80 मीटर दर्ज किया गया जबकि शनिवार को यह 218.70 मीटर बना हुआ था। उधर हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से रविवार की सुबह गंगा में 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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रविवार को सवेरे बूंदाबांदी होती रही, दोपहर में 11 बजे से मोटी मोटी बूंदों के साथ बारिश शुरू हो गई। शाम ढलने तक लगातार बारिश होती रही। बरसात से शहर की सिविल लाइन से लेकर नजीबाबाद रोड, नगीना रोड और मंडावर रोड पर पानी ही पानी दिखाई दिया। वहीं नई बस्ती और आवास विकास समेत शहर की गहरी कॉलानियों में पानी भर गया। नई बस्ती की हर गली जलमग्न रही। नालियां उफनी तो सड़कों पर पानी बहने लगा। सिविल लाइन में भी सड़क के दोनों ओर पानी भर गया।
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बारिश के चलते लोग घरों से नही निकल पाए। केवल जरूरी कामकाज वाले लोग ही मजबूरी में घरों से बाहर निकले। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। रोडवेज बस स्टैंड पर भी इक्का दुक्का यात्री ही दिखाई दिए।
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3 दिन में 120 मिमी बारिश
रविवार को 75 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि तीन दिनों में 120 मिमी बारिश हुई है। अक्तूबर के महीने में इतनी बारिश होना एक रिकार्ड है। उधर रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियास दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री बना रहा। अधिकतम तापमान में बारिश होने की वजह से तीन डिग्री की गिरावट आई है क्योंकि सात अक्तूबर को अधिकतम तापमान 25 डिग्री बना हुआ था। इस बारिश ने मौसम में भी ठंडक घोल दी है।
गंगा के जलस्तर में हुआ इजाफा
पहाड़ और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से गंगा समेत अन्य नदियों में उफान है। रविवार को गंगा का जलस्तर 218.80 मीटर दर्ज किया गया जबकि शनिवार को यह 218.70 मीटर बना हुआ था। उधर हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से रविवार की सुबह गंगा में 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।