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यूक्रेन में फंसे युवकों की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद चिंतित
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यूक्रेन में फंसे युवकों की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित
शेरकोट/धामपुर। यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एक छात्रा सहित शेरकोट के छह लोग यूक्रेन में फंसे हैं। ये सभी वहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गए थे। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी रात की नींद और दिन का चैन खत्म हो गया है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे किसी भी तरह से उनकी आंखों के सामने आ जाए।
शेरकोट के मोहल्ला मनिहारान निवासी अताउर्रहमान ने बताया कि उनका पुत्र सनाउर्रहमान डेढ़ वर्ष से यूक्रेन के ही इवानो शहर की इवानो यूनिवर्सिटी में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यूनिवर्सिटी के नजदीक ही हमला होने से न केवल उनका पुत्र, बल्कि परिजन भी भयभीत हैं। मोहल्ला नई सराय निवासी फारुख सऊदी अरब में है। उनका पुत्र अमान लगभग चार माह पहले ही यूक्रेन गया है। मोहल्ला मनिहारान निवासी सलीम ने बताया कि उनकी पुत्री इकरा सलीम यूक्रेन के इवानो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस करने गई थी। नहीं पता था कि वहां के हालात ऐसे हो जाएंगे। उन्होंने अपनी पुत्री को भारत बुलाने के लिए टिकट भी कराया दिया था। लेकिन युद्ध शुरू होने से फ्लाइट रद्द हो गई और इकरा वहीं फंस गई। इकरा को लेकर वह और उनके परिवार के सदस्य परेशान है।
बताया कि शेरकोट के छह युवक वहां पर फंसे हैं। सभी के परिजनों की एक जैसी ही स्थिति बनी है। जब बच्चों से फोन पर बात होती है। तो वे यहीं बताते हैं कि यहां के हालात अभी ठीक नहीं है। लेकिन वे सुरक्षित हैं। ऐसा मोहल्ला मनिहारान निवासी आकिब बताते हैं। आकिब का कहना है कि उनका भाई शाकिब लगभग पांच वर्ष से उडेसा यूनिवर्सिटी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला कर देने परिवार चिंतित है।
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शेरकोट/धामपुर। यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एक छात्रा सहित शेरकोट के छह लोग यूक्रेन में फंसे हैं। ये सभी वहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गए थे। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी रात की नींद और दिन का चैन खत्म हो गया है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे किसी भी तरह से उनकी आंखों के सामने आ जाए।
शेरकोट के मोहल्ला मनिहारान निवासी अताउर्रहमान ने बताया कि उनका पुत्र सनाउर्रहमान डेढ़ वर्ष से यूक्रेन के ही इवानो शहर की इवानो यूनिवर्सिटी में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यूनिवर्सिटी के नजदीक ही हमला होने से न केवल उनका पुत्र, बल्कि परिजन भी भयभीत हैं। मोहल्ला नई सराय निवासी फारुख सऊदी अरब में है। उनका पुत्र अमान लगभग चार माह पहले ही यूक्रेन गया है। मोहल्ला मनिहारान निवासी सलीम ने बताया कि उनकी पुत्री इकरा सलीम यूक्रेन के इवानो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस करने गई थी। नहीं पता था कि वहां के हालात ऐसे हो जाएंगे। उन्होंने अपनी पुत्री को भारत बुलाने के लिए टिकट भी कराया दिया था। लेकिन युद्ध शुरू होने से फ्लाइट रद्द हो गई और इकरा वहीं फंस गई। इकरा को लेकर वह और उनके परिवार के सदस्य परेशान है।
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बताया कि शेरकोट के छह युवक वहां पर फंसे हैं। सभी के परिजनों की एक जैसी ही स्थिति बनी है। जब बच्चों से फोन पर बात होती है। तो वे यहीं बताते हैं कि यहां के हालात अभी ठीक नहीं है। लेकिन वे सुरक्षित हैं। ऐसा मोहल्ला मनिहारान निवासी आकिब बताते हैं। आकिब का कहना है कि उनका भाई शाकिब लगभग पांच वर्ष से उडेसा यूनिवर्सिटी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला कर देने परिवार चिंतित है।
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