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ठगी करने वाला फर्जी सुपरवाइजर धरा
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ठगी करने वाला फर्जी सुपरवाइजर धरा
बिजनौर। बढ़ापुर पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का मकान बनवाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले समाज कल्याण विभाग के फर्जी सुपरवाइजर को दबोचा है। यह फर्जी सुपरवाइजर गांव वालों से खूब अवैध वसूली कर रहा था।
एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक बढ़ापुर थाने के गांव भोगापुर के पूर्व प्रधान भोजाराम ने पुलिस से शिकायत की थी कि कोई व्यक्ति खुद को समाज कल्याण विभाग का सुपरवाइजर बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित परिवारों की सूची लेकर गांव में अवैध वसूली कर रहा है। लोगों से कह रहा है कि उनका पक्का मकान बनवाने के लिए वह एक लाख 35 हजार रुपये सरकार से आवंटित करा देगा। 15 दिन के भीतर खाते में पैसा आ जाएगा। शेरकोट थाने के गांव उमरपुर निवासी फर्जी सुपरवाइजर पुनीत को गांव वालों ने एक-एक हजार रुपये दे दिए। रुपये उन लोगों ने दिए जिनका नाम पुनीत ने चयनित सूची में दिखाया था। कुआखेड़ा और मदपुरी के ग्राम वासियों के साथ प्रधान को फर्जी सुपरवाइजर के भोले भाले लोगों से अवैध धन की उगाही का पता चला। गांव वालों ने पुनीत की घेराबंदी करके उसे दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुनीत के पास से छल से एकत्र किए गए कागजात, एक मोबाइल, बाइक, 8975 रुपये, बसपा का कार्ड, एटीएम, मोबाइल बरामद हुए। पुनीत ने पुलिस को बताया कि वह बीए पास करने के बाद भी बेराजगार है। लालच में आकर वह फर्जी सुपरवाइजर बन प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित परिवार से रुपये ऐंठने के लिए गांव कुआखेड़ा और मदपुरी गया। पुनीत ने लोगों से कहा कि वह सुपरवाइजर है। प्रधानमंत्री आवास योजना में उनकी जांच की रिपोर्ट दी जाएगी। योजना में आवास गांव वालों को मिलेंगे। उनकी जांच रिपोर्ट लगने के बाद ही यह काम पूरा होगा। गांव वालों को आवास वह कैंसल भी करा सकता है। अगर उसे एक-एक हजार रुपये नहीं दिए तो वह गांव वालों का आवास निरस्त करा देगा। लोगों को विश्वास में लेने के लिए उनका आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या आदि कागज भी लिए। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चालान किया जा रहा है।
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बिजनौर। बढ़ापुर पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्का मकान बनवाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले समाज कल्याण विभाग के फर्जी सुपरवाइजर को दबोचा है। यह फर्जी सुपरवाइजर गांव वालों से खूब अवैध वसूली कर रहा था।
एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक बढ़ापुर थाने के गांव भोगापुर के पूर्व प्रधान भोजाराम ने पुलिस से शिकायत की थी कि कोई व्यक्ति खुद को समाज कल्याण विभाग का सुपरवाइजर बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित परिवारों की सूची लेकर गांव में अवैध वसूली कर रहा है। लोगों से कह रहा है कि उनका पक्का मकान बनवाने के लिए वह एक लाख 35 हजार रुपये सरकार से आवंटित करा देगा। 15 दिन के भीतर खाते में पैसा आ जाएगा। शेरकोट थाने के गांव उमरपुर निवासी फर्जी सुपरवाइजर पुनीत को गांव वालों ने एक-एक हजार रुपये दे दिए। रुपये उन लोगों ने दिए जिनका नाम पुनीत ने चयनित सूची में दिखाया था। कुआखेड़ा और मदपुरी के ग्राम वासियों के साथ प्रधान को फर्जी सुपरवाइजर के भोले भाले लोगों से अवैध धन की उगाही का पता चला। गांव वालों ने पुनीत की घेराबंदी करके उसे दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
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पुनीत के पास से छल से एकत्र किए गए कागजात, एक मोबाइल, बाइक, 8975 रुपये, बसपा का कार्ड, एटीएम, मोबाइल बरामद हुए। पुनीत ने पुलिस को बताया कि वह बीए पास करने के बाद भी बेराजगार है। लालच में आकर वह फर्जी सुपरवाइजर बन प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित परिवार से रुपये ऐंठने के लिए गांव कुआखेड़ा और मदपुरी गया। पुनीत ने लोगों से कहा कि वह सुपरवाइजर है। प्रधानमंत्री आवास योजना में उनकी जांच की रिपोर्ट दी जाएगी। योजना में आवास गांव वालों को मिलेंगे। उनकी जांच रिपोर्ट लगने के बाद ही यह काम पूरा होगा। गांव वालों को आवास वह कैंसल भी करा सकता है। अगर उसे एक-एक हजार रुपये नहीं दिए तो वह गांव वालों का आवास निरस्त करा देगा। लोगों को विश्वास में लेने के लिए उनका आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या आदि कागज भी लिए। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चालान किया जा रहा है।
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