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इस साल नहीं लगेगा मेला छड़ी जाहर दीवान
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इस साल नहीं लगेगा मेला छड़ी जाहर दीवान
बिजनौर। गंगा किनारे लगने वाला मेला छड़ी जाहर दीवान इस बार नहीं लगेगा। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए शासन ने इस बार मेला नहीं आयोजित कराने का निर्णय लिया है। मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते थे। इससे पहले शासन श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को भी स्थगित कर चुका है।
मेला छड़ी जाहर दीवान का आयोजन श्रावण मास की अष्टमी, नवमी, दशमी तिथि को होता है। इस मौके पर महात्मा विदुर की कुटिया के सामने गंगा किनारे मेला लगता है। मेले में जिले के अलावा राजस्थान, बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु पहुंचते हैं। चार दिन तक गंगा किनारे तंबुओं का शहर बसा रहता है। तीन दिन तक लोग परिवार के साथ मेले में ही रहते हैं। मेले के आयोजन की व्यवस्था जिला पंचायत विभाग करता है। मेले में बड़े एरिया में बाजार, झूले, खिलौनों की दुकान आदि लगती हैं। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए श्रावण मास की कांवड़ यात्रा पहले ही स्थगित की जा चुकी है।
धार्मिक स्थलों पर भी केवल पांच लोगों को ही जाने की अनुमति है। अब प्रशासन ने मेला छड़ी जाहर दीवान के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। मेला 24 से 29 जुलाई तक गंगा किनारे आयोजित होना था। लेकिन विषम परिस्थितियों के कारण इस बार मेला नहीं लगेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा का कहना है कि कोविड 19 महामारी से जनता की सुरक्षा के लिए इस साल मेला न लगाए जाने का निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है।
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बिजनौर। गंगा किनारे लगने वाला मेला छड़ी जाहर दीवान इस बार नहीं लगेगा। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए शासन ने इस बार मेला नहीं आयोजित कराने का निर्णय लिया है। मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते थे। इससे पहले शासन श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को भी स्थगित कर चुका है।
मेला छड़ी जाहर दीवान का आयोजन श्रावण मास की अष्टमी, नवमी, दशमी तिथि को होता है। इस मौके पर महात्मा विदुर की कुटिया के सामने गंगा किनारे मेला लगता है। मेले में जिले के अलावा राजस्थान, बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु पहुंचते हैं। चार दिन तक गंगा किनारे तंबुओं का शहर बसा रहता है। तीन दिन तक लोग परिवार के साथ मेले में ही रहते हैं। मेले के आयोजन की व्यवस्था जिला पंचायत विभाग करता है। मेले में बड़े एरिया में बाजार, झूले, खिलौनों की दुकान आदि लगती हैं। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए श्रावण मास की कांवड़ यात्रा पहले ही स्थगित की जा चुकी है।
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धार्मिक स्थलों पर भी केवल पांच लोगों को ही जाने की अनुमति है। अब प्रशासन ने मेला छड़ी जाहर दीवान के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। मेला 24 से 29 जुलाई तक गंगा किनारे आयोजित होना था। लेकिन विषम परिस्थितियों के कारण इस बार मेला नहीं लगेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा का कहना है कि कोविड 19 महामारी से जनता की सुरक्षा के लिए इस साल मेला न लगाए जाने का निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है।
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