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शिक्षकों, कर्मचारियों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:44 PM IST
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बिजनौर में कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे राज्य कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में ऑल टीचर्स, एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के आह्वान पर शुक्रवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
शुक्रवार को अटेवा के जिलाध्यक्ष चंद्रहास, प्राथमिक शिक्षक संघ के नागेश कुमार, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के सुधीर कुमार यादव, राज्य कर्मचारी संघ के अर्जुन सिंह, महासंघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां धरना देते हुए लखनऊ में लाठीचार्ज की घटना की निंदा की और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। अटेवा के जिलाध्यक्ष चंद्रहास ने कहा कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों का उत्पीड़न बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपे मांग पत्र में घटना की सीबीआई जांच कराने तथा शिक्षक रामाशीष सिंह के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई।
इसके अलावा 1500 शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे भी समाप्त करने तथा घायल शिक्षकों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने की मांग उठाई गई। चेतावनी दी गई कि मांगें न मानने पर आंदोलन तेज होगा। धरने में प्रदीप कुमार साहिल, लोकेंद्र सिंह, राकेश शर्मा, ओमप्रकाश यादव, अभिषेक, हरि सिंह, आर के तरानिया, मुकेश सिन्हा सहित अन्य शामिल रहे।
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शुक्रवार को अटेवा के जिलाध्यक्ष चंद्रहास, प्राथमिक शिक्षक संघ के नागेश कुमार, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के सुधीर कुमार यादव, राज्य कर्मचारी संघ के अर्जुन सिंह, महासंघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां धरना देते हुए लखनऊ में लाठीचार्ज की घटना की निंदा की और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। अटेवा के जिलाध्यक्ष चंद्रहास ने कहा कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों का उत्पीड़न बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपे मांग पत्र में घटना की सीबीआई जांच कराने तथा शिक्षक रामाशीष सिंह के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई।
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इसके अलावा 1500 शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे भी समाप्त करने तथा घायल शिक्षकों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने की मांग उठाई गई। चेतावनी दी गई कि मांगें न मानने पर आंदोलन तेज होगा। धरने में प्रदीप कुमार साहिल, लोकेंद्र सिंह, राकेश शर्मा, ओमप्रकाश यादव, अभिषेक, हरि सिंह, आर के तरानिया, मुकेश सिन्हा सहित अन्य शामिल रहे।
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