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गंगा में डाॅल्फिन का कुनबा बढ़ा
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:18 AM IST
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बिजनौर में गंगा में डॉल्फिन के सर्च के लिए जाती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में इस बार गंगा नदी में डाल्फिन का कुनबा और बढ़ सकता है। 225 किलोमीटर की धारा में चलाए जा रहे सर्च अभियान में शुरूआत के ही एक सौ किलोमीटर क्षेत्र में ही टीम को 13 डाल्फिन मिल गईं हैं। पिछले साल भी 22 डाल्फिन मिली थीं।
केंद्र सरकार ने 2009 में डाल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइल्ड फंड) और उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा हर साल गंगा में बालवाली घाट से नरौरा बैराज तक डाल्फिन की संख्या जानने के लिए सर्च अभियान चलाया जाता है। 225 किलोमीटर लंबी गंगा की धारा में पिछले साल 22 डाल्फिन दिखी थीं। इस बार एक सौ किलोमीटर के एरिया में ही टीम को 13 डाल्फिन दिख चुकी हैं। इनमें तीन-चार बच्चे भी शामिल हैं।
बिजनौर क्षेत्र डाल्फिन को पसंद आ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में गंगा में डाल्फिन की संख्या और बढ़ेगी। वहीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी संजीव यादव के मुताबिक बिजनौर क्षेत्र में डाल्फिन पहले से अधिक मिली है। यह एक अच्छा संकेत है। उम्मीद है कि इस बार डाल्फिन की संख्या बढ़ेगी।
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केंद्र सरकार ने 2009 में डाल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइल्ड फंड) और उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा हर साल गंगा में बालवाली घाट से नरौरा बैराज तक डाल्फिन की संख्या जानने के लिए सर्च अभियान चलाया जाता है। 225 किलोमीटर लंबी गंगा की धारा में पिछले साल 22 डाल्फिन दिखी थीं। इस बार एक सौ किलोमीटर के एरिया में ही टीम को 13 डाल्फिन दिख चुकी हैं। इनमें तीन-चार बच्चे भी शामिल हैं।
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बिजनौर क्षेत्र डाल्फिन को पसंद आ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में गंगा में डाल्फिन की संख्या और बढ़ेगी। वहीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी संजीव यादव के मुताबिक बिजनौर क्षेत्र में डाल्फिन पहले से अधिक मिली है। यह एक अच्छा संकेत है। उम्मीद है कि इस बार डाल्फिन की संख्या बढ़ेगी।
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