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गौसपुर के लोगों में जगी गंगा नदी क्षेत्र में तटबंध बनने की उम्मीद

Thu, 23 Jan 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 11:54 PM IST
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Expected embankment in Gauspur
नजीबाबाद के गांव गौसपुर में गंगा नदी के कटान को दिखते ग्रामवासी। - फोटो : NAZIBABAD
गौसपुर के लोगों में जगी गंगा नदी क्षेत्र में तटबंध बनने की उम्मीद
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नांगलसोती/नजीबाबाद(बिजनौर)। सीएम के गंगा यात्रा कार्यक्रम को लेकर गांव गौसपुर निवासी उत्साहित हैं। प्रशासन द्वारा गांव में जिस गति से विकास कार्य कराए जा रहे है उससे ग्रामवासियों में गंगा नदी क्षेत्र में जल्द तटबंध बनाने की उम्मीद जगी है। गंगा नदी के कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ने से ग्रामवासियों को कृषि भूमि के साथ-साथ गांव लील जाने का भी डर सता रहा है।

नांगलसोती क्षेत्र के गंगा के निकट बसे गांव तैयबपुर गौरवा उर्फ गौसपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का गंगा यात्रा का संभावित कार्यक्रम है। गंगा यात्रा का शुभारंभ भागूवाला क्षेत्र के गांव सबलगढ़ के निकट जैनुद्दीन पीर बाबा स्थल से भूमि-पूजन, गंगा आरती और नांगलसोती के गांव तैयबपुर गौरवा में स्वागत कार्यक्रम के साथ होना संभावित है। सीएम के कार्यक्रम को लेकर दोनों की गांव में विकास कार्य तेजी से कराए गए हैैं। प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपाइयों का क्षेत्र में बार-बार दौरा करने से गांव गौसपुर निवासियों को गंगा नदी क्षेत्र में तटबंध बनाए जाने की उम्मीद जगी है। हालांकि मुख्यमंत्री के गंगा यात्रा कार्यक्रम को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन ग्रामवासी बेहद उत्साहित हैं। किसान लाखन सिंह का कहना है कि सीएम गांव आए तो गंगा नदी पर जल्द तटबंध बनाए जाने की संभावना बनेगी। शिमला देवी का कहना है कि गंगा यात्रा कार्यक्रम शुरू होने से पहले उनके गांव में जिस तरह अधिकारी आ-जा रहे हैं उससे लगता है कि इस बार तटबंध बन जाने से उनके खेत कटान से बच जाएंगे। युवा अवनीश कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री के गांव आने से पूर्व उनकी कई समस्याओं का निवारण हो चुका है। मुख्यमंत्री गांव आए तो तटबंध की मांग उनके समक्ष उठाएंगे। राजेश सिंह, रोहिताश सिंह, रामप्रसाद, विजय, सुरेंद्र अमर सिंह, पीतम सिंह, मनोज कुमार, चंद्रपाल आदि का कहना है कि कई वर्षों से गंगा नदी कटान करते हुए उनके खेतों को निगल रही है। अब तक गंगा नदी के उफान से किसानों की सैकड़ों कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। समय रहते गंगा नदी क्षेत्र में तटबंध नहीं बनाया गया तो गंगा नदी कटान करते हुए एक दिन उनके गांव को भी लील लेगी।
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