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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Exclusive: North India largest Ayurvedic hospital and research center will be built on Vidur land of Bijnor

Exclusive: बिजनौर की विदुर भूमि पर बनेगा उत्तर भारत का बड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल व रिसर्च सेंटर, यहा मिलेगी खास किस्म की चाय

Sun, 18 Jul 2021 03:58 PM IST
Dimple Sirohi रजनीश त्यागी, अमर उजाला, बिजनौर
रजनीश त्यागी, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 18 Jul 2021 03:58 PM IST
सार

आयुर्वेद के लिए जहां प्राइवेट कॉलेजों से यहां मदद ली जाएगी, वहीं सरकारी आयुर्वेदिक विभाग में से कुछ चिकित्सकों की यहां तैनाती हो सकती है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह योजना कागजों से निकलकर धरातल पर दिखनी शुरू हो जाएगी।

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Exclusive: North India largest Ayurvedic hospital and research center will be built on Vidur land of Bijnor
विदुर कुटी के पास पीपल का पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की विदुरभूमि केवल पर्यटक स्थल ही नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश ही नहीं पूरे उत्तर भारत में बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल और रिसर्च सेंटर के रूप में भी जाना जाएगा। यहां जाने के लिए लोगों के पास एक या दो नहीं, बल्कि तीन से ज्यादा कारण होंगे। पर्यटन के शौकीन लोग यहां जा सकेंगे।
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वहीं पौराणिक दृष्टि से विदुर भूमि के दर्शन लाभ भी यहां मिलेगा। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण लोग अपना नेचुरोपैथी, आयुर्वेदिक, पंचकर्मा जैसे विधाओं से अपना उपचार कराने यहां पहुंच सकेंगे। सबकुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक इस पर काम होना शुरू हो जाएगा। वहीं उपचार अगले माह से शुरू हो सकता है। प्रशासन ने इसकी रूप रेखा बनानी शुरू भी कर दी है।
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बिजनौर में विदुरकुटी महाभारत सर्किट में शामिल है। यहां काम तो हुआ, लेकिन जिले के अफसरों और नेताओं की उपेक्षा के कारण इसे उचित नाम और विकास नहीं मिल सका। अब प्रशासन ने विदुरकुटी को पर्यटन स्थल के साथ-साथ पौराणिक, आयुर्वेदिक संस्थान, पंचकर्मा, योग आदि रूप में एक और नई पहचान देने की तैयारी शुरू कर दी है।
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प्रशासनिक अधिकारी इसकी रूप रेखा बनाने में जुट चुके हैं। खासबात यह है कि यहां अधिकांश कार्य जनसहयोग से ही कराए जाएंगे। इसके लिए आस्थावान लोगों को इस मुहिम से जोड़कर कार्य कराए जाएंगे। आयुर्वेद के लिए जहां प्राइवेट कॉलेजों से यहां मदद ली जाएगी, वहीं सरकारी आयुर्वेदिक विभाग में से कुछ चिकित्सकों की यहां तैनाती हो सकती है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह योजना कागजों से निकलकर धरातल पर दिखनी शुरू हो जाएगी।

बथुए का साग और अर्जुन की छाल की चाय भी मिलेगी
विदुरकुटी पर आने का लोगों के पास अभी केवल पौराणिक कारण ही है। प्रशासन की योजना सफल रही तो लोग जहां महात्मा विदुर की भूमि के दर्शन कर पाएंगे। वहीं बथुए के साग का स्वाद और अर्जुन की छाल की चाय भी पी सकेंगे। इसके अलावा असाध्य बीमारियों का आयुर्वेदिक, पंचकर्मा के माध्यम से उपचार भी करा सकेंगे।

कण्व ऋषि की भूमि पर उगेगी विदुरभूमि के लिए औषधि
विदुरकुटी पर बनने वाले आयुर्वेदिक संस्थान या अस्पताल के लिए आयुर्वेदिक औषधि की व्यवस्था पर भी योजना बननी शुरू हो गई है। कण्व ऋषि आश्रम की भूमि पर जो पौधरोपण होना है, उसमें मेडिशनल प्लांट भी लगाए जाएंगे। यहां उगाई औषधि से विदुरभूमि पर जाने वाले मरीजों का उपचार किया जाएगा। इस पर भी योजना तैयार की जा रही है।

विदुरकुटी पर कार्य कराने की योजना तैयार की जा रही है। आयुर्वेदिक अस्पताल शुरू करने पर योजना बन रही है। अभी यह कागजों में है, सबकुछ ठीक रहा तो शीघ्र ही इसे शुरू कराया जाएगा।-
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर 

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