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होम आइसोलेशन के नियमों में हुआ संशोधन
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होम आइसोलेशन में हर दिन रखना होगा धड़कन का हिसाब
बिजनौर। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए होम आइसोलेशन के नियमों में संशोधन कर दिया गया है। अब नये नियमों के मुताबिक मरीज को हर रोज तापमान, धड़कन और ऑक्सीजन लेवल बताना होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों के बदलाव करते हुए संशोधित गाइडलाइन जारी की है। नए गाइडलाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों द्वारा जांच के आधार पर हल्का एवं बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करना अनिवार्य है। कम प्रतिरोधक क्षमता वाले, ट्रांसप्लांट कराने वाले एवं कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाएगा, जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोगी और कमजोर फेफड़े, गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं, उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर चिकित्सक की अनुमति के बाद ही होम आइसोलेशन में रखने की बात की गई है।
होम आइसोलेशन के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज दस दिन तक निगरानी चार्ट भरेंगे। उन्होंने बताया कि निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन शरीर के तापमान, ऑक्सीजन एवं हृदय गति भरना जरूरी है। पहले से बेहतर, पूर्व की तरह या उससे खराब, पल्स ऑक्सीजन का स्तर एवं थर्मल गन की रीडिंग भरनी होगी। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज चार्ट में स्वास्थ्य से जुड़ी हर बिंदुओं को अंकित करेंगे।
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बिना परामर्श के न लें कोई दवाई
होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मरीज को दिन में दो बार गर्म पानी से गरारा कराएं। भाप ले सकते हैं और रेमडेसीविर या इस तरह के अन्य अनुसंधानात्मक थेरेपी को लेने से पूर्व किसी चिकित्सक की सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई भी दवाई न दें। मरीज को एक अलग कमरे में रखा जाए और परिजन उनसे दूरी बनाकर रखें। कमरे में पर्याप्त ताजा हवा की व्यवस्था की जाए। अधिकतम आठ घंटे ही मास्क का प्रयोग करना होगा। मास्क भीग जाने पर तुरंत बदल दें। मरीज से शारीरिक दूरी बनाए रखें, साथ ही नियमित अंतराल पर हाथ को धोते रहें।
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बिजनौर। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए होम आइसोलेशन के नियमों में संशोधन कर दिया गया है। अब नये नियमों के मुताबिक मरीज को हर रोज तापमान, धड़कन और ऑक्सीजन लेवल बताना होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों के बदलाव करते हुए संशोधित गाइडलाइन जारी की है। नए गाइडलाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों द्वारा जांच के आधार पर हल्का एवं बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करना अनिवार्य है। कम प्रतिरोधक क्षमता वाले, ट्रांसप्लांट कराने वाले एवं कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाएगा, जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोगी और कमजोर फेफड़े, गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं, उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर चिकित्सक की अनुमति के बाद ही होम आइसोलेशन में रखने की बात की गई है।
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होम आइसोलेशन के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज दस दिन तक निगरानी चार्ट भरेंगे। उन्होंने बताया कि निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन शरीर के तापमान, ऑक्सीजन एवं हृदय गति भरना जरूरी है। पहले से बेहतर, पूर्व की तरह या उससे खराब, पल्स ऑक्सीजन का स्तर एवं थर्मल गन की रीडिंग भरनी होगी। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज चार्ट में स्वास्थ्य से जुड़ी हर बिंदुओं को अंकित करेंगे।
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बिना परामर्श के न लें कोई दवाई
होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मरीज को दिन में दो बार गर्म पानी से गरारा कराएं। भाप ले सकते हैं और रेमडेसीविर या इस तरह के अन्य अनुसंधानात्मक थेरेपी को लेने से पूर्व किसी चिकित्सक की सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई भी दवाई न दें। मरीज को एक अलग कमरे में रखा जाए और परिजन उनसे दूरी बनाकर रखें। कमरे में पर्याप्त ताजा हवा की व्यवस्था की जाए। अधिकतम आठ घंटे ही मास्क का प्रयोग करना होगा। मास्क भीग जाने पर तुरंत बदल दें। मरीज से शारीरिक दूरी बनाए रखें, साथ ही नियमित अंतराल पर हाथ को धोते रहें।