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हर यूनिट पर आधा किलो का चढ़ावा चढ़ता है राशन डीलर को
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हर यूनिट पर आधा किलो कम मिल रहा राशन
बिजनौर। राशन डीलरों को हर यूनिट पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा चढ़ाना एक अघोषित नियम बन चुका है। राशन डीलर की ऐसी कई वीडियो सामने आ चुकी हैं जिनमें वे राशन की कालाबाजारी की बात स्वीकार कर चुके हैं। जनता ने भी ऐसे लोगों की कई बार शिकायत की है। इन राशन डीलरों के खिलाफ तो कार्रवाई हो जाती है लेकिन कार्रवाई राशन डीलर से आगे किसी सरकारी कर्मचारी तक आज तक नहीं पहुंची है।
जिले में करीब छह लाख राशन कार्ड धारक हैं। इनमें अंत्योदय कार्डधारक करीब 20 हजार हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड 35 किलो अनाज दिया जाता है। बाकी कार्ड धारकों को परिवार के प्रति सदस्य के हिसाब से पांच किलो अनाज दिया जाता है। इसमें तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल दिया जाता है। लेकिन गरीबों को यह अनाज अक्सर पूरा नहीं दिया जाता है। राशन डीलर हर कार्ड पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा जनता से लेते हैं। खुद कई बार राशन डीलर भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। उनकी ऐसी कई वीडियो भी वायरल हो चुकी हैं। वे कहते नजर आते हैं कि उन्हें ऊपर से ही कम अनाज मिलता है। राशन डीलरों पर अब भी गरीबों के अंगूठा का निशान लगवाकर उन्हें राशन न देने की शिकायतें आती रहती हैं। लॉकडाउन शुरू होने से पहले भी मेरठ की चुंगी के पास जब पूर्ति विभाग के अफसर एक मामले की जांच करने गए थे तब कार्ड धारकों ने भी अफसरों को हर कार्ड पर आधा किलो अनाज की कटौती की बात कही थी। उस राशन डीलर का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। लेकिन हर राशन डीलर और हर कार्ड की राशन वितरण की कटौती पर नजर रखना अफसरों के लिए भी बड़ी चुनौती है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार राशन डीलरों को पूरा अनाज दिया जाता है। वे कभी कम राशन देने की शिकायत नहीं करते हैं। जनता को राशन पूरा न देने पर ऐसे राशन डीलरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। समय समय पर चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।
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बिजनौर। राशन डीलरों को हर यूनिट पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा चढ़ाना एक अघोषित नियम बन चुका है। राशन डीलर की ऐसी कई वीडियो सामने आ चुकी हैं जिनमें वे राशन की कालाबाजारी की बात स्वीकार कर चुके हैं। जनता ने भी ऐसे लोगों की कई बार शिकायत की है। इन राशन डीलरों के खिलाफ तो कार्रवाई हो जाती है लेकिन कार्रवाई राशन डीलर से आगे किसी सरकारी कर्मचारी तक आज तक नहीं पहुंची है।
जिले में करीब छह लाख राशन कार्ड धारक हैं। इनमें अंत्योदय कार्डधारक करीब 20 हजार हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड 35 किलो अनाज दिया जाता है। बाकी कार्ड धारकों को परिवार के प्रति सदस्य के हिसाब से पांच किलो अनाज दिया जाता है। इसमें तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल दिया जाता है। लेकिन गरीबों को यह अनाज अक्सर पूरा नहीं दिया जाता है। राशन डीलर हर कार्ड पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा जनता से लेते हैं। खुद कई बार राशन डीलर भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। उनकी ऐसी कई वीडियो भी वायरल हो चुकी हैं। वे कहते नजर आते हैं कि उन्हें ऊपर से ही कम अनाज मिलता है। राशन डीलरों पर अब भी गरीबों के अंगूठा का निशान लगवाकर उन्हें राशन न देने की शिकायतें आती रहती हैं। लॉकडाउन शुरू होने से पहले भी मेरठ की चुंगी के पास जब पूर्ति विभाग के अफसर एक मामले की जांच करने गए थे तब कार्ड धारकों ने भी अफसरों को हर कार्ड पर आधा किलो अनाज की कटौती की बात कही थी। उस राशन डीलर का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। लेकिन हर राशन डीलर और हर कार्ड की राशन वितरण की कटौती पर नजर रखना अफसरों के लिए भी बड़ी चुनौती है।
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जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार राशन डीलरों को पूरा अनाज दिया जाता है। वे कभी कम राशन देने की शिकायत नहीं करते हैं। जनता को राशन पूरा न देने पर ऐसे राशन डीलरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। समय समय पर चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।
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