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खनन कर्मचारियों को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 17 May 2016 11:48 PM IST
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hangama
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर के नजीबाबाद में खनन अधिकारी का रौब गालिब कर अवैध वसूली में जुटे कर्मचारियों को श्रमिकों ने घेर लिया। नीली बत्ती लगी गाड़ी के नाले में फंसने पर कर्मचारी पशोपेश में पड़ गए। करीब एक घंटे तक ड्रामे के बाद पहुंची पुलिस ने अधिकारी की गाड़ी को भीड़ से छुड़ाया।
मंगलवार सुबह धनौरा क्षेत्र में नाले की पुलिया पर उत्तर प्रदेश सरकार की नीली बत्ती लगी गाड़ी को कुछ लोग ने घेरकर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वाहन में सवार कुछ लोग उतरकर भाग गए, जबकि गाड़ी के चालक सुनील और दो होमगार्डों को भीड़ ने पकड़ लिया।
शोरशराबा होने पर एसआई ब्रजेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसआई ने धनौरा क्षेत्र में नाले में फंसी गाड़ी को ट्रैक्टर से खिंचवाकर बाहर निकलवाया। पुलिस ने खनन विभाग के अधिकारी के वाहन चालक और होमगार्डों से पूछताछ की। इसके बाद वाहन को छोड़ दिया।
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श्रमिक राशिद, शहजाद, नफीस, लतीफ, सोनू, छोटे, इमदाद, नौशाद, रवि, अतीक आदि ने पुलिस के वाहन छोड़ने पर नाराजगी जताई।हंगामा कर रहे नासर अहमद ने खनन अधिकारी का रौब गालिब कर अवैध वसूली में जुटे लोगों को छोड़ने का पुलिस पर आरोप लगाया।
नासर ने पुलिस को बताया कि यह गाड़ी तड़के कल्हेड़ी क्षेत्र में ईंट भट्ठा क्षेत्र में पहुंची थी, जहां वह जेसीबी चला रहा था। उसका कहना था कि गाड़ी में खनन अधिकारी नहीं थे। आरोप है कि गाड़ी में सवार लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए दो लाख रुपये की डिमांड की।
इस पर उसने कहा कि मालिक अभी भट्ठे पर नहीं है। रॉयल्टी जमा है, जुर्माना भुगतने और सुविधा शुल्क देने का कोई मतलब ही नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि जब भट्ठे से कुछ और लोगों को बुलाकर गाड़ी पकड़ने की बात कही, तो चालक गाड़ी लेकर भागने लगा।
नीली बत्ती लगी गाड़ी धनौरा में नाले की पुलिया क्षेत्र में फंसने पर पीछा कर रहे लोगों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। एसआई ब्रजेश सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई, जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।
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मंगलवार सुबह धनौरा क्षेत्र में नाले की पुलिया पर उत्तर प्रदेश सरकार की नीली बत्ती लगी गाड़ी को कुछ लोग ने घेरकर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वाहन में सवार कुछ लोग उतरकर भाग गए, जबकि गाड़ी के चालक सुनील और दो होमगार्डों को भीड़ ने पकड़ लिया।
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शोरशराबा होने पर एसआई ब्रजेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसआई ने धनौरा क्षेत्र में नाले में फंसी गाड़ी को ट्रैक्टर से खिंचवाकर बाहर निकलवाया। पुलिस ने खनन विभाग के अधिकारी के वाहन चालक और होमगार्डों से पूछताछ की। इसके बाद वाहन को छोड़ दिया।
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श्रमिक राशिद, शहजाद, नफीस, लतीफ, सोनू, छोटे, इमदाद, नौशाद, रवि, अतीक आदि ने पुलिस के वाहन छोड़ने पर नाराजगी जताई।हंगामा कर रहे नासर अहमद ने खनन अधिकारी का रौब गालिब कर अवैध वसूली में जुटे लोगों को छोड़ने का पुलिस पर आरोप लगाया।
नासर ने पुलिस को बताया कि यह गाड़ी तड़के कल्हेड़ी क्षेत्र में ईंट भट्ठा क्षेत्र में पहुंची थी, जहां वह जेसीबी चला रहा था। उसका कहना था कि गाड़ी में खनन अधिकारी नहीं थे। आरोप है कि गाड़ी में सवार लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए दो लाख रुपये की डिमांड की।
इस पर उसने कहा कि मालिक अभी भट्ठे पर नहीं है। रॉयल्टी जमा है, जुर्माना भुगतने और सुविधा शुल्क देने का कोई मतलब ही नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि जब भट्ठे से कुछ और लोगों को बुलाकर गाड़ी पकड़ने की बात कही, तो चालक गाड़ी लेकर भागने लगा।
नीली बत्ती लगी गाड़ी धनौरा में नाले की पुलिया क्षेत्र में फंसने पर पीछा कर रहे लोगों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। एसआई ब्रजेश सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई, जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।