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कानून का लचीलापन खत्म होना बहुत जरूरी’

Sun, 04 Oct 2020 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 12:07 AM IST
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Ending the flexibility of the law is very important.
बिजनौर में हाथरस कांड को लेकर वेबिनार में भाग लेतीं महिलाएं। - फोटो : BIJNOR
कानून का लचीलापन खत्म होना बहुत जरूरी’
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बिजनौर। हाथरस में बिटिया के साथ हुई घटना को लेकर चारों ओर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं महिलाओं ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून में सम्मिलित लचीलापन को समाप्त करने की मांग की है।
अमर उजाला की ओर से आयोजित वेबिनार से जुड़ी शिक्षाविद डॉ. ऊषा त्यागी ने कहा कि हाथरस कांड जैसी घटनाएं समाज में व्याप्त पुरुषवादी सोच का परिणाम है। महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के लिए कानून में व्याप्त लचीलापन को समाप्त करने की आवश्यकता है।
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वीकेआईटी की डायरेक्टर ऑफ एडमिशन नेहा सिंह ने कहा कि हाथरस की घटना पर होने वाली राजनीति भी महिलाओं को परेशानी में डालती है। ऐसे कांड में पीड़िता का नाम गुप्त रखा जाता है लेकिन वर्तमान में सोशल मीडिया पर नाम जाहिर होने से परिवार को भी जीवन भर मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ता है।
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केनरा बैंक बिजनौर की शाखा प्रबंधक पूनम अभिश्री का मानना है कि कई बार ऐसी बहुत सी घटनाएं छोटे स्तर पर दब जाती हैं, लेकिन बाद में ऐसी ही घटनाएं व्यापक रूप लेकर उपस्थित होती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिला पुलिस को अधिक क्रियाशील बनाने की आवश्यकता है।
वेबिनार से जुड़ी गृहिणी मोना गुप्ता का मानना है कि हाथरस जैसी घटनाएं रोकने के लिए शिक्षा का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है। वर्तमान में वास्तविक शिक्षा का अभाव है। किताबी शिक्षा के साथ-साथ प्रयोगात्मक शिक्षा की अनिवार्यता बढ़नी चाहिए।
शिक्षिका शशि मलिक का कहना है कि समाज में महिलाओं पर आए दिन दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन कई घटनाएं सामने नहीं आ पाती और यह मामले पीड़िता को बिना इंसाफ मिले समाप्त हो जाते हैं। महिलाओं पर होने वाला प्रत्येक मामला पंजीकृत होना चाहिए।

नगीना निवासी दीपसी विश्नोई का कहना है कि दुष्कर्म जैसे मामलों को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है और फांसी की सजा का भी प्रावधान कर दिया गया है, लेकिन त्वरित न्याय मिलना महत्वपूर्ण है। अधिक फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित होने चाहिए।
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