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‘बेटियों का हौसला बढ़ाएं, भरने दंे कामयाबी की उड़ान
Wed, 30 Jan 2019 12:06 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 30 Jan 2019 12:06 AM IST
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नूरपूर में अपराजिता कार्यक्रम में कविता पेश करते छात्र छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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नूरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे अपराजिता अभियान के तहत आरआर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में आयोजित कविता पाठ व भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम में छात्राओं ने नारी शक्ति एवं उसकी गरिमा का बखान किया। छात्राओं ने कविताओं व भाषण से नारी की शौर्य गाथा का बखान किया। कहा कि रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य के आगे अंग्रेज भी नतमस्तक हो गए थे। छत्रपति शिवाजी को भी माता जीजाबाई ने ही तपाकर कुंदन बनाया था। कहा कि बेटियों ने समाज में खुद को साबित करके दिखा दिया है। अभियान के तहत छात्राओं ने लघु नाटिका बेटी बचाओ के माध्यम से भ्रूणहत्या रोकने व बेटों और बेटियों में भेदभाव न करने का संदेश दिया। प्रधानाचार्य प्रणय मनु गुप्ता ने कहा कि बेटियों ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर समाज में अपना मान बढ़ाया है। बदलते समाज में लोगों की सोच में भी महिलाओं के प्रति काफी बदलाव आया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। कहा कि चूल्हा-चौका के बजाए कुछ अलग कर समाज में पहचान बनाने की सोच रखने वाली बेटियों को रोकने के बजाय उनके हौसलों को उड़ान देने की जरूरत है। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से छात्राओं का आत्मबल बढ़ता है। आयोजन में चंचल कटारिया, टीकम सिंह, कपिल चौधरी आदि शिक्षकों का योगदान रहा।
अब समान हैं बेटा-बेटी
शिक्षिका रीता त्यागी का कहना है कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अपनी मेहनत और लगन के बल पर महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए समाज को पुरुषवादी मानसिकता से ऊपर उठकर बेटियों को समान रूप से अवसर उपलब्ध कराने की है।
महिलाओं को मिले पूरी आजादी
शिक्षिका स्वाति यादव के अनुसार महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता दिए जाने की जरूरत है। यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। साथ ही सभी को महिलाओं के प्रति अपनी धारणा बदलनी चाहिए। अमर उजाला के इस सराहनीय प्रयास को प्रणाम।
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महिला हों सशक्त
शिक्षिका निशा सैफी देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। माता ही बच्चे की पहली गुरु होती है, इसलिए महिलाओं का उच्च शिक्षित होना अति आवश्यक है।
अभियान से मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा
छात्रा मुस्कान का कहना है कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। अमर उजाला का यह मिशन अनूठा है।
नारी सशक्तिकरण को मिलेगा बल
छात्रा आंचल चौहान ने अमर उजाला को धन्यवाद देते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण एवं उसके गौरव के बताने के लिए अपराजिता मिशन की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। अमर उजाला का यह कार्यक्रम समाज के लिए अनुकरणीय है।
सोच बदले समाज
मुस्कान राजपूत का कहना है कि महिला सुरक्षा एवं उसके सम्मान के लिए समाज की सोच बदलने की जरूरत है। अमर उजाला ने नारी गरिमा से जुड़ा विषय मिशन के रूप में चलाकर सराहनीय कार्य किया है।
मातृ शक्ति को उच्च स्थान
तनिष्का चौहान का कहना है कि पुरातन काल से ही भारत में मातृ शक्ति को उच्च स्थान दिया गया है। अमर उजाला के कार्यक्रम से उन्हें नारि शक्ति का एहसास हुआ है कि नारी हमेशा से ही अपराजिता रही है।
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अब समान हैं बेटा-बेटी
शिक्षिका रीता त्यागी का कहना है कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अपनी मेहनत और लगन के बल पर महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए समाज को पुरुषवादी मानसिकता से ऊपर उठकर बेटियों को समान रूप से अवसर उपलब्ध कराने की है।
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महिलाओं को मिले पूरी आजादी
शिक्षिका स्वाति यादव के अनुसार महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता दिए जाने की जरूरत है। यह उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। साथ ही सभी को महिलाओं के प्रति अपनी धारणा बदलनी चाहिए। अमर उजाला के इस सराहनीय प्रयास को प्रणाम।
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शिक्षिका निशा सैफी देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। माता ही बच्चे की पहली गुरु होती है, इसलिए महिलाओं का उच्च शिक्षित होना अति आवश्यक है।
अभियान से मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा
छात्रा मुस्कान का कहना है कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। अमर उजाला का यह मिशन अनूठा है।
नारी सशक्तिकरण को मिलेगा बल
छात्रा आंचल चौहान ने अमर उजाला को धन्यवाद देते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण एवं उसके गौरव के बताने के लिए अपराजिता मिशन की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। अमर उजाला का यह कार्यक्रम समाज के लिए अनुकरणीय है।
सोच बदले समाज
मुस्कान राजपूत का कहना है कि महिला सुरक्षा एवं उसके सम्मान के लिए समाज की सोच बदलने की जरूरत है। अमर उजाला ने नारी गरिमा से जुड़ा विषय मिशन के रूप में चलाकर सराहनीय कार्य किया है।
मातृ शक्ति को उच्च स्थान
तनिष्का चौहान का कहना है कि पुरातन काल से ही भारत में मातृ शक्ति को उच्च स्थान दिया गया है। अमर उजाला के कार्यक्रम से उन्हें नारि शक्ति का एहसास हुआ है कि नारी हमेशा से ही अपराजिता रही है।