{"_id":"615c96428ebc3edac41df442","slug":"employees-took-out-bike-rally-bijnor-news-mrt5593958190","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों ने निकाली बाइक रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों ने निकाली बाइक रैली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मचारियों ने निकाली बाइक रैली
बिजनौर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अनेक मांगों को लेकर शहर में बाइक रैली निकाली। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर समस्या के समाधान की मांग की गई।
जिला संयुक्त परिषद कार्यालय पर कर्मचारी एकत्र हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए शहर में बाइक रैली निकाली। कलक्ट्रेट में दिए ज्ञापन में कहा कि कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड 19 से बचाव के अभियान में केंद्र व प्रदेश सरकार के आदेशों को अंजाम तक पहुंचाया। इसमें उनके कई साथी काल के गाल में समा गए। कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए आवाज न उठा सकें, इसलिए सरकार ने तीन-तीन बार एस्मा लगा दिया, लेकिन कर्मचारी अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
ज्ञापन में पुरानी पेंशन व निरस्त किए गए भत्ते बहाल करने, कैश लैस चिकित्सा सुविधा देने, वेतन विसंगति दूर करने, 600 दिनों का उपार्जित अवकाश देने, क्षेत्रीय कर्मचारियों को बाइक भत्ता देने, ऑनलाइन कार्य के नाम पर कर्मचारियों व शिक्षकों का शोषण बंद करने, सुबह आठ से साढ़े चार बजे तक माध्यमिक विद्यालय खोलने के आदेश वापस लेने, विभागों के खाली पदों को भरने, कंप्यूटर ऑपरेटर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि का मानदेय न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक करने आदि मांग की। इस दौरान अर्जुन सिंह, देशराज सिंह, नागेश कुमार, बीना रानी, सतीश वर्मा, धर्मवीर सिंह, शिव ध्यान सिंह, रविंद्र शर्मा, नरेंद्र सिंह, सलीमुद्दीन, नौबहार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अनेक मांगों को लेकर शहर में बाइक रैली निकाली। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर समस्या के समाधान की मांग की गई।
जिला संयुक्त परिषद कार्यालय पर कर्मचारी एकत्र हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए शहर में बाइक रैली निकाली। कलक्ट्रेट में दिए ज्ञापन में कहा कि कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड 19 से बचाव के अभियान में केंद्र व प्रदेश सरकार के आदेशों को अंजाम तक पहुंचाया। इसमें उनके कई साथी काल के गाल में समा गए। कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए आवाज न उठा सकें, इसलिए सरकार ने तीन-तीन बार एस्मा लगा दिया, लेकिन कर्मचारी अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
विज्ञापन
ज्ञापन में पुरानी पेंशन व निरस्त किए गए भत्ते बहाल करने, कैश लैस चिकित्सा सुविधा देने, वेतन विसंगति दूर करने, 600 दिनों का उपार्जित अवकाश देने, क्षेत्रीय कर्मचारियों को बाइक भत्ता देने, ऑनलाइन कार्य के नाम पर कर्मचारियों व शिक्षकों का शोषण बंद करने, सुबह आठ से साढ़े चार बजे तक माध्यमिक विद्यालय खोलने के आदेश वापस लेने, विभागों के खाली पदों को भरने, कंप्यूटर ऑपरेटर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि का मानदेय न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक करने आदि मांग की। इस दौरान अर्जुन सिंह, देशराज सिंह, नागेश कुमार, बीना रानी, सतीश वर्मा, धर्मवीर सिंह, शिव ध्यान सिंह, रविंद्र शर्मा, नरेंद्र सिंह, सलीमुद्दीन, नौबहार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन