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गंगा किनारे के गांवों में जैविक खेती पर जोर
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बिजनौर कलक्ट्रेट में जिला गंगा समिति की बैठक लेते डीएम उमेश मिश्रा।
- फोटो : BIJNOR
गंगा किनारे के गांवों में जैविक खेती पर जोर
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की एक बैठक हुई। जिसमें उन्होंने गंगा किनारे के 21 गांवों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। गंगा किनारे के गांवों में जैविक व रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों को गंगा हॉट व अन्य जगहों पर भी प्रदर्शित किया जाए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला वन अधिकारी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के उप सचिव व दल सदस्यों ने बैराज घाट को 500 मीटर और बढ़ाने व बैराज से रावली घाट तक करीब नौ किलोमीटर लंबी बंधा रोड पर साइकिल ट्रैक बनाने के लिए स्थलों को मुआयना किया है। बैराज घाट पर हॉट बाजार विकसित करने और घाट पर विद्युत शवदाह गृह बनाने के लिए प्रस्ताव को लेकर सभी स्थलों का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि दल सदस्य इस संबंध में जल्द ही सूचित करेंगे। जिसके बाद वन विभाग अन्य संबंधित विभागों से समन्वय कर अंतिम प्रस्ताव तैयार कर बजट के लिए भेजा जाएगा। इस अवसर पर सीएमओ, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिले को ईको-टूरिज्म के रूप में किया जाए विकसित
बिजनौर। जिला पर्यावरणीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि बिजनौर को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाए। राजकीय व प्राइवेट अस्पतालों से बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने और इसके लिए एक कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए। कहा कि बिजनौर में हरियाली है, इसको और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। गांवों को स्वच्छ व सुंदर रखें। जिससे होम स्टे टूरिज्म को जनपद में बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनपद को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी सहयोग करें। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। जो औचक रूप से निरीक्षण करते हुए बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारित करने के मानकों की जांच करेगी। जिला वन अधिकारी डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि प्रत्येक नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्राम पंचायत में अमृत वन बनाए जाएंगे। जिसमें प्रत्येक अमृत वन में नगर निकायो में 750-750 पौधे तथा ग्राम पंचायतो में 75-75 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी जियो टैगिंग भी की जाएगी।
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बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की एक बैठक हुई। जिसमें उन्होंने गंगा किनारे के 21 गांवों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। गंगा किनारे के गांवों में जैविक व रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों को गंगा हॉट व अन्य जगहों पर भी प्रदर्शित किया जाए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिला वन अधिकारी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के उप सचिव व दल सदस्यों ने बैराज घाट को 500 मीटर और बढ़ाने व बैराज से रावली घाट तक करीब नौ किलोमीटर लंबी बंधा रोड पर साइकिल ट्रैक बनाने के लिए स्थलों को मुआयना किया है। बैराज घाट पर हॉट बाजार विकसित करने और घाट पर विद्युत शवदाह गृह बनाने के लिए प्रस्ताव को लेकर सभी स्थलों का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि दल सदस्य इस संबंध में जल्द ही सूचित करेंगे। जिसके बाद वन विभाग अन्य संबंधित विभागों से समन्वय कर अंतिम प्रस्ताव तैयार कर बजट के लिए भेजा जाएगा। इस अवसर पर सीएमओ, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले को ईको-टूरिज्म के रूप में किया जाए विकसित
बिजनौर। जिला पर्यावरणीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि बिजनौर को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाए। राजकीय व प्राइवेट अस्पतालों से बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने और इसके लिए एक कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए। कहा कि बिजनौर में हरियाली है, इसको और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। गांवों को स्वच्छ व सुंदर रखें। जिससे होम स्टे टूरिज्म को जनपद में बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनपद को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी सहयोग करें। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। जो औचक रूप से निरीक्षण करते हुए बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारित करने के मानकों की जांच करेगी। जिला वन अधिकारी डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि प्रत्येक नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्राम पंचायत में अमृत वन बनाए जाएंगे। जिसमें प्रत्येक अमृत वन में नगर निकायो में 750-750 पौधे तथा ग्राम पंचायतो में 75-75 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी जियो टैगिंग भी की जाएगी।
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