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Bijnor News: सहकारी समिति शेरकोट में आठ लाख का गबन
Wed, 17 May 2023 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 17 May 2023 12:47 AM IST
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- मामले की जांच में सही पाए गए आरोप, सचिव को निलंबित किया गया
- एरियर के भुगतान की आड़ में किया गया है गबन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सहकारी समिति शेरकोट में आठ लाख से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, एरियर के भुगतान की आड़ में यह गबन किया गया है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ. प्रदीप सिंह के अनुसार विनीता देवी पत्नी वेदप्रकाश ने प्रार्थना पत्र दिया था कि वह सहकारी समिति शेरकोट में कर्मचारी थी। अब वह सेवा निवृत्त हो गई है। उसके छठे वेतन आयोग का निर्धारण हुआ। 2018 से नवंबर 2022 तक के छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। जबकि समिति के सभी कर्मचारियों को एरियर का भुगतान हो गया है। विनीता का कहना था कि उसे एरियर दिलवाया जाए।
भुगतान नहीं करने के हैं आदेश
सहायक निबंधक डॉ. प्रदीप सिंह के अनुसार शासन का आदेश हैं कि छठे वेतन आयोग का निर्धारण करते समय समिति कार्मिक को एरियर नहीं दिया जाएगा। सचिव आनंद कुमार सिंह ने नियमों को ताक पर रखकर समिति के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान किया है। सहायक निबंधक ने मामला संज्ञान में आने पर जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी धामपुर को सौंपी थी।
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समिति के सभी कर्मचारियों को कर दिया भुगतान
अपर जिला सहकारी अधिकारी धामपुर ने जब सहकारी समिति शेरकोट जाकर अभिलेखों की जांच की तो यह बात सामने आई कि सहकारी समिति में कार्यरत सभी चार कर्मचारियों के एरियर का भुगतान कर दिया गया है। केवल विनीता को भुगतना नहीं हुआ है। जबकि नियमानुसार भुगतान नहीं किया जाना चाहिए था। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सहकारी समिति सचिव आनंद कुमार सिंह ने समिति को करीब आठ लाख का नुक़सान पहुंचाया है। प्रथम दृष्टया इसके लिए सहकारी समिति शेरकोट के सचिव आनंद कुमार सिंह दोषी है। आनंद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित अवधि में आनंद कुमार सिंह सहकारी समिति शेरगढ़ से संबद्ध रहेंगे।
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- एरियर के भुगतान की आड़ में किया गया है गबन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सहकारी समिति शेरकोट में आठ लाख से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, एरियर के भुगतान की आड़ में यह गबन किया गया है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ. प्रदीप सिंह के अनुसार विनीता देवी पत्नी वेदप्रकाश ने प्रार्थना पत्र दिया था कि वह सहकारी समिति शेरकोट में कर्मचारी थी। अब वह सेवा निवृत्त हो गई है। उसके छठे वेतन आयोग का निर्धारण हुआ। 2018 से नवंबर 2022 तक के छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। जबकि समिति के सभी कर्मचारियों को एरियर का भुगतान हो गया है। विनीता का कहना था कि उसे एरियर दिलवाया जाए।
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भुगतान नहीं करने के हैं आदेश
सहायक निबंधक डॉ. प्रदीप सिंह के अनुसार शासन का आदेश हैं कि छठे वेतन आयोग का निर्धारण करते समय समिति कार्मिक को एरियर नहीं दिया जाएगा। सचिव आनंद कुमार सिंह ने नियमों को ताक पर रखकर समिति के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के एरियर का भुगतान किया है। सहायक निबंधक ने मामला संज्ञान में आने पर जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी धामपुर को सौंपी थी।
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समिति के सभी कर्मचारियों को कर दिया भुगतान
अपर जिला सहकारी अधिकारी धामपुर ने जब सहकारी समिति शेरकोट जाकर अभिलेखों की जांच की तो यह बात सामने आई कि सहकारी समिति में कार्यरत सभी चार कर्मचारियों के एरियर का भुगतान कर दिया गया है। केवल विनीता को भुगतना नहीं हुआ है। जबकि नियमानुसार भुगतान नहीं किया जाना चाहिए था। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सहकारी समिति सचिव आनंद कुमार सिंह ने समिति को करीब आठ लाख का नुक़सान पहुंचाया है। प्रथम दृष्टया इसके लिए सहकारी समिति शेरकोट के सचिव आनंद कुमार सिंह दोषी है। आनंद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित अवधि में आनंद कुमार सिंह सहकारी समिति शेरगढ़ से संबद्ध रहेंगे।