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सैंडिल बांध मार्ग पर हाथी ने रोका रास्ता
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सैंडिल बांध मार्ग पर हाथी ने रोका रास्ता
कालागढ़। कालागढ़ के सैंडिल बांध मार्ग पर हाथी व बाघ से बांध क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सैंडिल बांध मार्ग पर टस्कर हाथी के उतर आने से बांध पर जाने वालों का काफी देर तक रास्ता रुका रहा।
कालागढ़ के सैंडिल बांध क्षेत्र में जान हथेली पर रखकर परियोजना के कार्यों को सिंचाई विभाग के अधिकारी व श्रमिक पूरा कर रहे हैं। बांध के मार्ग पर टस्कर हाथी उतर आए हैं। जिसकी वजह से मार्ग से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। बांध के सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि बांध क्षेत्र में दो किलोमीटर से, मीरा स्रोत व कांदरू तक बाघ व हाथी दोनों ही सक्रिय हैं। बाघ की दहाड़ सुनकर कभी भी श्रमिक दहशत में आ जाते हैं। वहीं, सैंडिल बांध पर किए गए कार्यों को कभी भी हाथी ध्वस्त कर डालता है। हाथी के क्रोध को लेकर दहशत का माहौल है। टस्कर हाथी बांध के मार्ग पर उतर आया। जिससे श्रमिकों का रास्ता रुक गया। काफी देर शोरशराबा होने के बाद हाथी वन के अंदर चला गया। दो दिन पूर्व हाथी ने बांध पर फुलवारी को भी नष्ट कर दिया। इस बारे में वन विभाग को सूचना दी जा चुकी है। वन विभाग से बांध क्षेत्र में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र गश्ती दल तैनात करने की मांग की गई है।
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कालागढ़। कालागढ़ के सैंडिल बांध मार्ग पर हाथी व बाघ से बांध क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सैंडिल बांध मार्ग पर टस्कर हाथी के उतर आने से बांध पर जाने वालों का काफी देर तक रास्ता रुका रहा।
कालागढ़ के सैंडिल बांध क्षेत्र में जान हथेली पर रखकर परियोजना के कार्यों को सिंचाई विभाग के अधिकारी व श्रमिक पूरा कर रहे हैं। बांध के मार्ग पर टस्कर हाथी उतर आए हैं। जिसकी वजह से मार्ग से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। बांध के सहायक अभियंता मनोज कुमार लिखवार ने बताया कि बांध क्षेत्र में दो किलोमीटर से, मीरा स्रोत व कांदरू तक बाघ व हाथी दोनों ही सक्रिय हैं। बाघ की दहाड़ सुनकर कभी भी श्रमिक दहशत में आ जाते हैं। वहीं, सैंडिल बांध पर किए गए कार्यों को कभी भी हाथी ध्वस्त कर डालता है। हाथी के क्रोध को लेकर दहशत का माहौल है। टस्कर हाथी बांध के मार्ग पर उतर आया। जिससे श्रमिकों का रास्ता रुक गया। काफी देर शोरशराबा होने के बाद हाथी वन के अंदर चला गया। दो दिन पूर्व हाथी ने बांध पर फुलवारी को भी नष्ट कर दिया। इस बारे में वन विभाग को सूचना दी जा चुकी है। वन विभाग से बांध क्षेत्र में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र गश्ती दल तैनात करने की मांग की गई है।
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