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Bijnor News: एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित भूमि का 10 गुना मुआवजा मांगा
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बिजनौर। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे बिजनौर से होकर गुजरेगा। इससे धामपुर तहसील के गांवों की जमीन का भी अधिग्रहण होगा। ऐसे में प्रभावित किसानों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा 10 गुना करने की मांग की।
मंगलवार को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को लेकर गांव गुरदासपुर, बहादुरपुर, सत्तोनंगली, दीनदारपुर, दौलताबाद, श्यामाबाद, सुल्तानपुर, बगबाड़ा, किशाना रामपुर, पाडली, उमरी आदि के ग्रामीणों कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि हमारी कृषि भूमि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिगृहित की जा रही है। यह जमीन ही हमारे परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। भूमि अधिग्रहण से हमारा जीवन एवं भविष्य प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होगा। इसलिए किसानों के साथ न्याय होना चाहिए। ग्रामीणों ने अधिगृहित भूमि का मुआवजा किसानों को उसकी वास्तविक बाजार कीमत के आधार पर कम से कम 10 गुना दिया जाए। इसके अलावा भूमि की पैमाइश, सीमांकन एवं जांच प्रत्येक किसान की उपस्थिति में कराने, अधिगृहित होने वाली जमीन के प्रत्येक खसरे का नक्शा एवं विवरण किसानों को उपलब्ध कराने की बात कही।
साथ ही किसी भी प्रकार की त्रुटि, आपति या विवाद का निस्तारण मुआवजा निर्धारित करने से पहले किया जाए। मुआवजा राशि का भुगतान पारदर्शी तरीके से करने, जमीन अधिग्रहित किए जाने वाले किसानों के पुनर्वास एवं आजीविका की सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि जिन किसानों के खेत एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बच रहे हैं, उनकी सिंचाई के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था कराने, सरकारी नक्शे में दर्ज रास्तों पर अंडरपास बनाने की मांग की। इस मौके पर गौरव कुमार, ओमप्रकाश, भूपेंद्र सिंह, अभयवीर सिंह, देशराज सिंह, प्रभात कुमार, बलकरन सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को लेकर गांव गुरदासपुर, बहादुरपुर, सत्तोनंगली, दीनदारपुर, दौलताबाद, श्यामाबाद, सुल्तानपुर, बगबाड़ा, किशाना रामपुर, पाडली, उमरी आदि के ग्रामीणों कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि हमारी कृषि भूमि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिगृहित की जा रही है। यह जमीन ही हमारे परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। भूमि अधिग्रहण से हमारा जीवन एवं भविष्य प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होगा। इसलिए किसानों के साथ न्याय होना चाहिए। ग्रामीणों ने अधिगृहित भूमि का मुआवजा किसानों को उसकी वास्तविक बाजार कीमत के आधार पर कम से कम 10 गुना दिया जाए। इसके अलावा भूमि की पैमाइश, सीमांकन एवं जांच प्रत्येक किसान की उपस्थिति में कराने, अधिगृहित होने वाली जमीन के प्रत्येक खसरे का नक्शा एवं विवरण किसानों को उपलब्ध कराने की बात कही।
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साथ ही किसी भी प्रकार की त्रुटि, आपति या विवाद का निस्तारण मुआवजा निर्धारित करने से पहले किया जाए। मुआवजा राशि का भुगतान पारदर्शी तरीके से करने, जमीन अधिग्रहित किए जाने वाले किसानों के पुनर्वास एवं आजीविका की सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि जिन किसानों के खेत एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बच रहे हैं, उनकी सिंचाई के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था कराने, सरकारी नक्शे में दर्ज रास्तों पर अंडरपास बनाने की मांग की। इस मौके पर गौरव कुमार, ओमप्रकाश, भूपेंद्र सिंह, अभयवीर सिंह, देशराज सिंह, प्रभात कुमार, बलकरन सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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