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गणेश चतुर्थी पर हुआ हाथी गलियारे का श्रीगणेश

Thu, 01 Sep 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 12:36 AM IST
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Elephant corridor started on Ganesh Chaturthi
बिजनौर : नेशनल हाईवे 74 को फोरलेन करने के लिए डाली गई मिट्टी। इसी पर बनाया जाना है हाथी गलियारा। - फोटो : BIJNOR
गणेश चतुर्थी पर हुआ हाथी गलियारे का श्रीगणेश
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बिजनौर। हरिद्वार-काशीपुर फोरलेन हाईवे पर वन्य जीवों के गलियारे का श्रीगणेश हो गया है। दरअसल, छह जगहों पर पांच किमी लंबे अंडरपास बनाए जाने हैं। जिनमें चार एलिफेंट अंडरपास हैं और दो अंडरपास छोटे वन्य जीवों के लिए होंगे। अंडरपास बनाए जाने के लिए बुधवार को निर्माण शुरू कर दिया गया है। इनके बन जाने के बाद वन्य जीव सड़क पर नहीं जा सकेंगे।
बुधवार को दो जगहों पर अंडरपास बनाए जाने के लिए निर्माण शुरू कर दिया गया। पूजन के साथ निर्माण का श्रीगणेश हुआ। बता दें कि नेशनल हाईवे 74 हरिद्वार-काशीपुर को फोरलेन बनाया गया है। जिस पर दो हजार करोड़ रुपये की लागत आ रही है। नजीबाबाद से काशीपुर तक हाईवे बनकर तैयार हो चुका है। नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच करीब 27 किमी में फोरलेन होना बाकी था। इसमें पांच किमी का हिस्सा अंडरपास बनाए जाने की वजह से अटका हुआ था। बाकी 22 किमी में सड़क का निर्माण अभी अधूरा है।
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पीली और रवासन नदी के बीच चार अंडरपास रहेंगे, जिनकी लंबाई तीन किलोमीटर से अधिक रहेगी। जबकि चिड़ियापुर में बनने वाला अंडरपास 1500 मीटर लंबा रहेगा। वैसे इनकी संख्या छह रखी गई है। चार अंडरपास हाथियों के लिए बनाए जा रहे हैं और दो अंडर पास छोटे वन्य जीवों के लिए। पहले और अंतिम अंडरपास तक सड़क ऊंची रहेगी, जिससे वन्य जीव सड़क पर नहीं आने पाएं। धरती के तल से इनकी ऊंचाई साढ़े आठ मीटर रखी गई है।
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प्रोजेक्ट में बाद में शामिल हुए अंडरपास
हाईवे को फोरलेन में तब्दील किए जाने के शुरुआती प्रोजेक्ट में वन्यजीवों के लिए अंडरपास बनाया जाना शामिल नहीं था। बाद में वन विभाग ने सड़क बनाने के लिए एनओसी से इन्कार कर दिया। आखिरकार बीच का रास्ता निकालते हुए नेशनल हाईवे प्राधिकरण और वन विभाग के बीच वन्य जीवों को सुरक्षित गलियारा देने पर सहमति बनी। जगह चिह्नित कर छह जगहों पर पांच किलोमीटर लंबे अंडरपास बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। जिन पर 120 करोड़ रुपये लागत आएगी।
हाथियों की वजह से नहीं थमेगा ट्रैफिक
फिलहाल की जो मौजूदा स्थिति है कि सड़क पर हाथी आकर कभी भी खड़े हो जाते हैं, जिनकी वजह से ट्रैफिक थम जाता है। मनमौजी हाथियों को कोई हटा भी नहीं सकता, ये खुद ही सड़क से हटते हैं तो ट्रैफिक आगे बढ़ पाता है। भागूवाला से हरिद्वार के बीच सड़क पर अक्सर हाथी आकर खड़े हो जाते हैं। अंडरपास बन जाने के बाद सड़क ऊपर हो जाएगी और ट्रैफिक मेें बाधा नहीं आएगी।

वर्जन::
वन क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास बनाए जाने हैं। दो जगहों पर बुधवार को निर्माण शुरू कर दिया गया है। चार अंडरपास हाथियों के रहेंगे और दो अंडर पास छोटे वन्य जीवों के लिए बनाए जाने हैं - बीपी पाठक, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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