{"_id":"648617200917ef4f0f0af6e4","slug":"efforts-to-restore-the-ban-river-to-its-original-form-bijnor-news-c-41-1-smrt1043-1309-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: बान नदी को मूल स्वरूप दिलाने की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: बान नदी को मूल स्वरूप दिलाने की कवायद
Mon, 12 Jun 2023 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 12 Jun 2023 12:19 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद - अलावलपुर नैनू का बान नदी का उद्दगम स्थल माना जाने वाला तालाब।
- डीएम ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से कराया सर्वे, मांगा गया रिकॉर्ड
फोटो - 11एनजेडबी04ए, 04बी एवं 04सी
एजाज अहमद
नजीबाबाद। नदी के अस्तित्व को बचाने और सिंचाई संसाधन विकसित करने की डीएम की महत्वाकांक्षी योजना जल्द परवान चढ़ने की उम्मीद है। डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग बान नदी का रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
नजीबाबाद की ग्राम पंचायत अलावलपुर नैनू के तालाब से बान नदी का उद्दगम माना जाता है। लगभग 103 किलोमीटर लंबी बान नदी अमरोहा जनपद तक पहुंचा है। 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने बान नदी को उसका मूल स्वरूप दिलाने की कवायद शुरू की थी। योजना पर काम शुरू हुआ लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। डीएम उमेश मिश्रा ने कृषि विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के साथ ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और सिंचाई से जुड़ी नदियों के अस्तित्व और उसकी अविरल धारा को बरकरार रखने की मुहिम लंबे समय से चलाई है।
डीएम की महत्वाकांक्षी योजना में बान नदी को सिंचाई संसाधन के रूप में विकसित करने और नदी को मूल स्वरूप दिलाने की मुहिम भी जल्द परवान चढ़ती नजर आ रही है। सीडीओ पूर्ण बोरा के नेतृत्व में राजस्व विभाग बान नदी का राजस्व रिकॉर्ड खंगालने में जुटा है। हाल ही में एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने डीएम और सीडीओ के निर्देशन में बान नदी के नजीबाबाद तहसील में बताए जाने वाले उद्दगम स्थल और उसकी वर्तमान स्थिति का भौतिक निरीक्षण किया।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र में बान नदी की लंबाई लगभग 700 मीटर बताई जाती है। जानकार बताते हैं कि एक समय था जब बान नदी काफी चौड़ी थी। वर्तमान में अतिक्रमण के चलते बान नदी नाले का रूप ले चुकी है। कहीं पर तीन से चार मीटर तो कहीं पर कुछ अधिक चौड़ाई में बान नदी नाले के रूप में दिखाई देती है। कभी वर्ष भर पानी से सराबोर रहने वाली बान नदी नाला वर्तमान में जगह-जगह सूखा नजर आता है। जिला प्रशासन की बान नदी को सिंचाई संसाधनों के रूप में विकसित करने की योजना परवान चढ़ती है तो यह किसानों के लिए वरदान साबित होगी। (संवाद)
राजस्व रिकॉर्ड में अलावलपुर नैनू नहीं है उद्दगम स्थल
प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत अलावलपुर नैनू के ग्राम प्रधान राहुल हुड्डा बताते हैं कि गांव में लगभग 12 बीघा का झील नुमा तालाब है। बान नदी का उद्दगम स्थल के रूप में तालाब का जिक्र आता है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब बान नदी के उद्दगम स्थल के रूप में दर्ज नहीं है। झील नुमा तालाब के आसपास भी वर्तमान में कोई नाला या नदी निकलने के संकेत नहीं हैं। प्रधान राहुल हुड्डा का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत मुबारकपुरराध्ठे से ही बान नदी दर्ज है।
अतिक्रमण से नदी बनी नाला
नजीबाबाद। कभी अविरल धारा के रूप में बहने वाली बान नदी वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में नाले का रूप ले चुकी है। इसकी चौड़ाई तीन से चार मीटर है तो कहीं पर छह से आठ मीटर है। अधिकांश नदी क्षेत्र में अतिक्रमण के रूप में खेत नजर आते हैं।
विज्ञापन
फोटो - 11एनजेडबी04ए, 04बी एवं 04सी
एजाज अहमद
नजीबाबाद। नदी के अस्तित्व को बचाने और सिंचाई संसाधन विकसित करने की डीएम की महत्वाकांक्षी योजना जल्द परवान चढ़ने की उम्मीद है। डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग बान नदी का रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
नजीबाबाद की ग्राम पंचायत अलावलपुर नैनू के तालाब से बान नदी का उद्दगम माना जाता है। लगभग 103 किलोमीटर लंबी बान नदी अमरोहा जनपद तक पहुंचा है। 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने बान नदी को उसका मूल स्वरूप दिलाने की कवायद शुरू की थी। योजना पर काम शुरू हुआ लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। डीएम उमेश मिश्रा ने कृषि विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के साथ ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और सिंचाई से जुड़ी नदियों के अस्तित्व और उसकी अविरल धारा को बरकरार रखने की मुहिम लंबे समय से चलाई है।
विज्ञापन
डीएम की महत्वाकांक्षी योजना में बान नदी को सिंचाई संसाधन के रूप में विकसित करने और नदी को मूल स्वरूप दिलाने की मुहिम भी जल्द परवान चढ़ती नजर आ रही है। सीडीओ पूर्ण बोरा के नेतृत्व में राजस्व विभाग बान नदी का राजस्व रिकॉर्ड खंगालने में जुटा है। हाल ही में एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने डीएम और सीडीओ के निर्देशन में बान नदी के नजीबाबाद तहसील में बताए जाने वाले उद्दगम स्थल और उसकी वर्तमान स्थिति का भौतिक निरीक्षण किया।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र में बान नदी की लंबाई लगभग 700 मीटर बताई जाती है। जानकार बताते हैं कि एक समय था जब बान नदी काफी चौड़ी थी। वर्तमान में अतिक्रमण के चलते बान नदी नाले का रूप ले चुकी है। कहीं पर तीन से चार मीटर तो कहीं पर कुछ अधिक चौड़ाई में बान नदी नाले के रूप में दिखाई देती है। कभी वर्ष भर पानी से सराबोर रहने वाली बान नदी नाला वर्तमान में जगह-जगह सूखा नजर आता है। जिला प्रशासन की बान नदी को सिंचाई संसाधनों के रूप में विकसित करने की योजना परवान चढ़ती है तो यह किसानों के लिए वरदान साबित होगी। (संवाद)
राजस्व रिकॉर्ड में अलावलपुर नैनू नहीं है उद्दगम स्थल
प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत अलावलपुर नैनू के ग्राम प्रधान राहुल हुड्डा बताते हैं कि गांव में लगभग 12 बीघा का झील नुमा तालाब है। बान नदी का उद्दगम स्थल के रूप में तालाब का जिक्र आता है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब बान नदी के उद्दगम स्थल के रूप में दर्ज नहीं है। झील नुमा तालाब के आसपास भी वर्तमान में कोई नाला या नदी निकलने के संकेत नहीं हैं। प्रधान राहुल हुड्डा का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत मुबारकपुरराध्ठे से ही बान नदी दर्ज है।
अतिक्रमण से नदी बनी नाला
नजीबाबाद। कभी अविरल धारा के रूप में बहने वाली बान नदी वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में नाले का रूप ले चुकी है। इसकी चौड़ाई तीन से चार मीटर है तो कहीं पर छह से आठ मीटर है। अधिकांश नदी क्षेत्र में अतिक्रमण के रूप में खेत नजर आते हैं।