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Bijnor News: मृतकों के प्रमाणपत्र से कागजों में जिंदा होने की कवायद

Fri, 05 Dec 2025 11:56 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 05 Dec 2025 11:56 PM IST
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Efforts to prove that the deceased are alive on paper through certificates
नगीना। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के चलते आपने आपको कागजों में साबित करने की लोगों में होड़ मच गई है। इसके लिए लोग अपने जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। स्थिति यह है कि आजादी से पहले जन्मे लोगों के भी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। कुछ मामले तो ऐसे सामने आए जिनमें मृतकों के जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के लिए आवेदन कर दिए गए। कुछ लोग गलत तथ्यों से भी आवेदन कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने अपने बेटे का जन्म 31 जून को होना बताकर उसके प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। नगर पालिका में आए दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
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नगर पालिका में 2015 तक जन्म प्रमाण पत्र का कार्य ऑफलाइन होता था। लोगों में पुराने बने प्रमाण पत्र को ऑनलाइन कराने की भी होड़ मची हुई है। करीब एक माह के भीतर 25 ऐसे आवेदन पकड़ में आए हैं, जिन्होंने अपने या अपने संबंधियों के ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करने के लिए पालिका में आवेदन किया तो जांच में यह जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। एक युवक ने अपने मृतक पिता का ऑफलाइन जन्म प्रमाण ऑनलाइन करवाने के लिए आवेदन किया। जांच में इसे निरस्त किया गया। एक अन्य बुजुर्ग का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया गया। उसकी जांच प्रक्रिया चल ही रही थी कि बुजुर्ग के मृत्यु होने की खबर आ गई तो उसके आवेदन को निरस्त कर दिया गया। मोहल्ला लुहारी सराय निवासी एक व्यक्ति ने अपने पुत्र की जन्म तिथि 31 जून 2009 होने का दावा करते हुए प्रमाण पत्र बनवाने का आवेदन किया।
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सबूत के तौर पर इसी मोहल्ले के एक शिक्षण संस्थान के कक्षा पांच की अंक तालिका आवेदन के साथ लगाई गई। जांच के दौरान पालिका लिपिक रोहित कुमार ने जब जन्म तिथि चेक की तो 31 जून देखते ही माथा ठनक गया। उन्होंने आवेदन निरस्त कर दिया। एक महिला ने अपने पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। बताया कि उसका पुत्र बाहर काम करता है। जांच की गई तो पता चला कि आवेदक का पुत्र जेल में बंद है, तब इस आवेदन को भी निरस्त किया गया। संवाद
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जन्म प्रमाण पत्र के एक हजार आवेदन प्रक्रिया में
नगर पालिका में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के कार्य को देख रहे रोहित कुमार का कहना है कि एसआईआर का काम शुरू होने के बाद जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। बताया कि इस वर्ष सितंबर माह में 241, अक्टूबर में 341 जन्म प्रमाण पत्र बने वहीं नवंबर माह में यह संख्या 397 तक पहुंच गई। उनका कहना है कि अभी भी करीब 1000 जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं, जिनकी जांच चल रही है।


ईओ एवं एसडीएम ( न्यायिक) आशुतोष रामप्यारे जैसवाल का कहना है कि गलत तथ्यों के साथ जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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