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अमानगढ़ को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की कवायद
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बिजनौर। अमानगढ़ को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए उद्योगपतियों और बड़े समूहों की मदद ली जाएगी। उनसे अमानगढ़ के बाहर रिसोर्ट व अन्य सुविधाएं विकसित कराई जाएंगी। इसके लिए प्रशासन औद्योगिक समूहों से संपर्क कर रहा है। अगर सब कुछ सही रहा तो इसी साल अमानगढ़ में काम शुरू हो जाएगा। जल्दी ही जिलेवासी अमानगढ़ में प्रकृति की सुंदरता का नजारा ले पाएंगे।
उत्तराखंड की सीमा से सटे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व असल में जिम कॉर्बेट का ही हिस्सा है। उत्तराखंड के अलग होने के बाद अमानगढ़ को बिजनौर में शामिल किया गया था। अमानगढ़ एक लाख बीघा जमीन से अधिक में बसा है। यहां पर बाघ, हाथी, गुलदार, भालू आदि की भरमार है। प्राकृतिक खजाना होने के बाद भी अमानगढ़ अब तक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित नहीं हो पाया है। हाल ही में अमानगढ़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की अनुमति मिली है, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। अमानगढ़ में रिसोर्ट आद निर्माण कार्य के लिए बड़े औद्योगिक समूहों से संपर्क किया जा रहा है। अगर योजना पर ठीक तरह से अमल हो गया तो अमानगढ़ को विश्वस्तर का पर्यटन केंद्र बनाया जा सकता है।
पीली बांध के पास होगा काम
अमानगढ़ के अंदर वन विभाग के गेस्ट हाउस पहले से ही बने हैं। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिहाज से यहां ज्यादा निर्माण नहीं हो सकता है। अमानगढ़ के बाहर पीली बांध के पास जरूरी निर्माण कराया जाएगा। यहां पर रिसोर्ट आदि बनाया जा सकता है। पर्यटकों को घुमाने के लिए अमानगढ़ में गाड़ी आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीली नदी में भी बोटिंग की सुविधा भी होगी। काम इस तरह किया जाएगा कि पर्यटक घूम भी लें और वन्य जीवों का जीवन भी प्रभावित न हो।
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अमानगढ़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यहां जरूरी काम करने के लिए बड़े समूहों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अगर ऐसा हो गया तो अमानगढ़ विश्वस्तर का पर्यटन केंद्र बन सकता है - उमेश मिश्रा, डीएम
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उत्तराखंड की सीमा से सटे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व असल में जिम कॉर्बेट का ही हिस्सा है। उत्तराखंड के अलग होने के बाद अमानगढ़ को बिजनौर में शामिल किया गया था। अमानगढ़ एक लाख बीघा जमीन से अधिक में बसा है। यहां पर बाघ, हाथी, गुलदार, भालू आदि की भरमार है। प्राकृतिक खजाना होने के बाद भी अमानगढ़ अब तक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित नहीं हो पाया है। हाल ही में अमानगढ़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की अनुमति मिली है, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। अमानगढ़ में रिसोर्ट आद निर्माण कार्य के लिए बड़े औद्योगिक समूहों से संपर्क किया जा रहा है। अगर योजना पर ठीक तरह से अमल हो गया तो अमानगढ़ को विश्वस्तर का पर्यटन केंद्र बनाया जा सकता है।
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पीली बांध के पास होगा काम
अमानगढ़ के अंदर वन विभाग के गेस्ट हाउस पहले से ही बने हैं। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिहाज से यहां ज्यादा निर्माण नहीं हो सकता है। अमानगढ़ के बाहर पीली बांध के पास जरूरी निर्माण कराया जाएगा। यहां पर रिसोर्ट आदि बनाया जा सकता है। पर्यटकों को घुमाने के लिए अमानगढ़ में गाड़ी आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीली नदी में भी बोटिंग की सुविधा भी होगी। काम इस तरह किया जाएगा कि पर्यटक घूम भी लें और वन्य जीवों का जीवन भी प्रभावित न हो।
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अमानगढ़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यहां जरूरी काम करने के लिए बड़े समूहों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। अगर ऐसा हो गया तो अमानगढ़ विश्वस्तर का पर्यटन केंद्र बन सकता है - उमेश मिश्रा, डीएम