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Bijnor News: बिजनौर/चांदपुर - हिंसा के विरोध में मणिपुर सरकार का पुतला जलाया
Wed, 26 Jul 2023 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:30 AM IST
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- जिला मुख्यालय पर आभास महासंघ की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/चांदपुर। मणिपुर में हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में जिला मुख्यालय पर आभास महासंघ की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई। मणिपुर सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया।
मंगलवार को आभास महासंघ के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। रोडवेज बस स्टैंड के पास मणिपुर सरकार के पुतले का दहन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया। जिसमें मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए कहा गया कि वहां बुकी आदिवासी समुदाय की महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। उनके यौन शोषण की घटनाओं पर मणिपुर सरकार के मुख्यमंत्री के बयानों की निंदा की गई। इस दौरान जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार, अंकुर कुमार, सुमित कुमार, मिथलेश गौतम, नीशू, मुन्नी देवी, अमित कुमार, अरविंद केशरवाल आदि शामिल रहे।
वहीं, चांदपुर में अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, सीआईटीयू संगठन कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रितु रानी को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा कि मणिपुर में दो समुदायों में टकराव के कारण हिंसा, आगजनी, महिलाओं पर अत्याचार की घटना से देश शर्मसार है। वहां की सरकार शांति बहाल करने में नाकाम रही है। ज्ञापन में वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। इस दौरान अमर सिंह सैनी, तुलाराम, मोनिस, आलम सिंह, मांगेराम सैनी, बदरूल हसन, आलमगीर, भारत सिंह, मलखान सिंह, राजपाल सिंह, पवन कुमार, प्रीतम सिंह, योगेंद्र सिंह, चमन सिंह, सतराम आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर/चांदपुर। मणिपुर में हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में जिला मुख्यालय पर आभास महासंघ की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई। मणिपुर सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया।
मंगलवार को आभास महासंघ के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। रोडवेज बस स्टैंड के पास मणिपुर सरकार के पुतले का दहन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया। जिसमें मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए कहा गया कि वहां बुकी आदिवासी समुदाय की महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। उनके यौन शोषण की घटनाओं पर मणिपुर सरकार के मुख्यमंत्री के बयानों की निंदा की गई। इस दौरान जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार, अंकुर कुमार, सुमित कुमार, मिथलेश गौतम, नीशू, मुन्नी देवी, अमित कुमार, अरविंद केशरवाल आदि शामिल रहे।
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वहीं, चांदपुर में अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, सीआईटीयू संगठन कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रितु रानी को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा कि मणिपुर में दो समुदायों में टकराव के कारण हिंसा, आगजनी, महिलाओं पर अत्याचार की घटना से देश शर्मसार है। वहां की सरकार शांति बहाल करने में नाकाम रही है। ज्ञापन में वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। इस दौरान अमर सिंह सैनी, तुलाराम, मोनिस, आलम सिंह, मांगेराम सैनी, बदरूल हसन, आलमगीर, भारत सिंह, मलखान सिंह, राजपाल सिंह, पवन कुमार, प्रीतम सिंह, योगेंद्र सिंह, चमन सिंह, सतराम आदि मौजूद रहे।
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