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Bijnor News: बिजनौर- समितियों के बकाएदार चुनाव में नहीं ले सकेंगे भाग

Tue, 07 Mar 2023 08:48 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Tue, 07 Mar 2023 08:48 PM IST
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Dues of cooperative societies will not be able to participate in elections
- समिति बार तैयार हो रही बकाएदारों की सूची, करीब दो लाख हैं मतदाता
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सहकारी समितियों के बकाएदार चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे। सहकारिता विभाग समिति बार बकाएदारों की सूची तैयार करने में लगा है। समितियों में बड़ी संख्या में सदस्यों ने बकाया जमा नहीं किया है। बकाएदारों को चुनाव लड़ने से वंचित रखने की घोषणा से दावेदारों में खलबली मची है।
जनपद की 98 सहकारी समितियों में चुनाव होने हैं। इनमें 94 प्रारंभिक सहकारी ऋण समितियां अर्थात पैक्स, 03 मत्स्य सहकारी समिति तथा 01 अध्यापक वेतन भोगी सहकारी समिति है। चुनाव प्रक्रिया 11 मार्च से शुरू है। प्रारंभिक सहकारी ऋण समितियां किसानों खाद, बीज समेत नकद धनराशि उधार देती हैं। सहकारिता विभाग के अनुसार 94 सहकारी समितियों में हजारों की संख्या में ऐसे किसान सदस्य हैं, जिन्होंने तय समय में बकाया जमा नहीं किया है। बकाएदारों को समय समय पर बकाया जमा करने को कहा गया। सभी बकाएदार चुनाव में मतदाता हैं। इन समितियों में करीब दो लाख मतदाता हैं।
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यह बकाएदार नहीं ले सकेंगे चुनाव में भाग
सहायक निबंधक सहकारी समितियां प्रदीप सिंह के अनुसार प्रथम चरण में समितियों के संचालकों के चुनाव है। निर्वाचित संचालक सभापति व उपसभापति समेत अन्य संस्थाओं को भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का चुनाव करेंगे। कोई भी बकाएदार संचालक, सभापति या उपसभापति के चुनाव में भाग नहीं ले सकता है। किसी भी प्रतिनिधि मंडल में भी बकाएदार का नाम नहीं जाएगा। कहा कि छह माह से पुराने बकाएदारों पर यह नियम लागू है। समितियां बकाएदारों की सूची तैयार कर रही हैं।
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एक नजर
94 सहकारी समितियां
03 मत्स्य सहकारी समिति
01 अध्यापक वेतन भोगी सहकारी समिति
इन समितियों में करीब 02 लाख मतदाता

सहकारिता की राजनीति से ब्लाॅक प्रमुख तक तय किया सफर
बिजनौर। किसान सहकारी समितियों को राजनीति की पहला पायदान कहा जाता है। इसी के माध्यम से ग्रामीण अंचल में व्यक्ति राजनीति शुरू कर आगे बढ़ जाते हैं। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सुभाष सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय हरिराम सिंह ने समिति से राजनीति शुरु की थी। करीब छह बार वह किसान सहकारी समिति भरैरा के सभापति रहे। उसी से जिला सहकारी बैंक के डेलीगेट, फिर बैंक संचालक बने। भूमि विकास ग्रामीण बैंक हल्दौर कई बार सभापति बने। करीब 24 साल तक हल्दौर ब्लाॅक के प्रमुख रहे। एक बार जिला पंचायत सदस्य भी रहे। सुभाष सिंह ने बताया कि सहकारी समिति भरैरा के कई बार सभापति, जिला सहकारी बैंक के संचालक और ब्लॉक प्रमुख हल्दौर के पद पर रहे। संवाद
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