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Bijnor News: ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर से बढ़ेगी आय, पानी की भी बचत
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-इनके माध्यम से सिंचाई, तरल खाद व कीटनाशक भी डाल सकते हैं
-इस बार जनपद को दिया 1457 हेक्टेयर लाइन डालने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फसलों के उत्पादन में लागत कम व उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग ड्रिप सिस्टम एवं मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दे रहा है। इनके माध्यम से पौधे की जड़ को पानी, उर्वरक मिलने से पोषक तत्व ज्यादा मिलता है। साथ फसल उत्पादन करने में श्रम, समय तथा पानी की बचत होती है।
जनपद में गन्ना फसल सबसे ज्यादा क्षेत्रफल में होती है। इस बार जनपद में दो लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर है। इसमें 30 से 35 प्रतिशत क्षेत्रफल में ट्रैंच विधि से गन्ना बुवाई होती है। उद्यान विभाग गन्ना विभाग की मदद से गन्ना किसानों को सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम एवं मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम तथा पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेन गन लगवाने की कवायद कर रहा है। अन्य फसलों के लिए भी किसानों सिस्टम लगवाने को प्रेरित कर रहा है।
जनपद में इस बार लक्ष्य 1457 हेक्टेयर लक्ष्य आया है। इसपर किसानों को 80 से 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेन गन का किसानों को 65 से 75 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इच्छुक किसान पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी, बैंक पासबुक फोटो कॉपी, खतौनी, पासपोर्ट साइज फोटो एवं मोबाइल नंबर आवश्यक है।
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सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर विधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके प्रयोग से पानी की बचत के साथ फसलों की लागत में कमी और उत्पादन में 25 से 35 प्रतिशत की वृद्धि होती है। इन सिस्टम से तरल उर्वरक, दवाई भी पौधे की जड़ तक पहुंचती है।
-जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी।
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-इस बार जनपद को दिया 1457 हेक्टेयर लाइन डालने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फसलों के उत्पादन में लागत कम व उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग ड्रिप सिस्टम एवं मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दे रहा है। इनके माध्यम से पौधे की जड़ को पानी, उर्वरक मिलने से पोषक तत्व ज्यादा मिलता है। साथ फसल उत्पादन करने में श्रम, समय तथा पानी की बचत होती है।
जनपद में गन्ना फसल सबसे ज्यादा क्षेत्रफल में होती है। इस बार जनपद में दो लाख 63 हजार 883 हेक्टेयर है। इसमें 30 से 35 प्रतिशत क्षेत्रफल में ट्रैंच विधि से गन्ना बुवाई होती है। उद्यान विभाग गन्ना विभाग की मदद से गन्ना किसानों को सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम एवं मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम तथा पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेन गन लगवाने की कवायद कर रहा है। अन्य फसलों के लिए भी किसानों सिस्टम लगवाने को प्रेरित कर रहा है।
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जनपद में इस बार लक्ष्य 1457 हेक्टेयर लक्ष्य आया है। इसपर किसानों को 80 से 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं रेन गन का किसानों को 65 से 75 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इच्छुक किसान पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी, बैंक पासबुक फोटो कॉपी, खतौनी, पासपोर्ट साइज फोटो एवं मोबाइल नंबर आवश्यक है।
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सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर विधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके प्रयोग से पानी की बचत के साथ फसलों की लागत में कमी और उत्पादन में 25 से 35 प्रतिशत की वृद्धि होती है। इन सिस्टम से तरल उर्वरक, दवाई भी पौधे की जड़ तक पहुंचती है।
-जितेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी।