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चंदनपुरा के ग्रामीणों का आरोप, चीनी मिल के डिस्टलरी प्लांट से बढ़ी हैं बीमारियां

Sun, 16 Oct 2022 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 11:55 PM IST
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Dozens of people sick in Chandanpura, three died in a week
नजीबाबाद के गांव चंदनपुरा के बीमार ग्रामीण। - फोटो : NAZIBABAD
चंदनपुरा में दर्जनों लोग बीमार, एक सप्ताह में तीन की मौत
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नजीबाबाद। गांव चंदनपुरा में एक सप्ताह में एक बालिका सहित तीन लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि चीनी मिल के डिस्टलरी प्लांट से क्षेत्र का वातावरण दूषित हो रहा है। जिससे कृषि और पेड़-पौधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उधर, चीनी मिल प्रशासन का दावा है कि प्लांट 15 दिन से बंद है। मौसमी बीमारियों से ग्रामीण प्रभावित हैं। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को गांव में शिविर लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।
कोटद्वार मार्ग पर चीनी मिल के डिस्टलरी प्लांट के निकट गांव चंदनपुरा की आबादी है। चंदनपुरा में काफी समय से ग्रामीण कई बीमारियों से ग्रसित हैं। ग्राम पंचायत मथुरापुरमोर के प्रधान खुर्शीद अहमद, चंदनपुरा निवासी मोहम्मद इदरीस का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर अकबर की दो वर्षीय पुत्री लीजा, नवेद की 22 वर्षीय पत्नी गुलशन और 55 वर्षीय हनीफ की सांस लेने में परेशानी होने, बुखार और पेट विकार से मौत हो चुकी है। गंभीर रूप से बीमार साबिर की पुत्री जीनत का मेरठ में उपचार चल रहा है।
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चंदनपुरा में अधिकांश ग्रामीण पेट की बीमारी, बुखार आदि से ग्रसित हैं। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से दर्जनों लोगों को रोजाना महंगी प्राइवेट चिकित्सा के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गांव में दर्जनों ग्रामीण ऐसे हैं, जिन्हें रोजाना ड्रिप चढ़ाई जा रही है। बीमारों में जमीर अहमद, मंजूर अहमद, सबीला खातून, फरमान, महराज सहित अनेक ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से गांव की आबादी के निकट चीनी मिल का डिस्टलरी प्लांट स्थापित हुआ है तब से पर्यावरण प्रदूषित हुआ है। चीनी मिल परिसर में लगे सागौन के पुराने वृक्षों सहित आसपास के वृक्ष और फसलें प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों को लगातार बीमारियों ने घेरा हुआ है।
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उधर, डिस्टलरी प्लांट के प्रबंधक सुभाष अग्रवाल का कहना है कि 15 दिन से प्लांट बंद है। दूषित पानी के ट्रीटमेंट का प्लांट लगा है, शीरे के पानी को सांद्रित करके ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। मिल परिसर के बाहर दूषित पानी नहीं छोड़ा जाता। प्लांट परिसर में कई वर्षों से सूखे वृक्ष खड़े हैं।
ग्रामीण मौसमी बीमारियों से ग्रसित हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर भ्रमण किया गया था। मिल की स्थापना के समय पर्यावरण पर असर पड़ने के बाद प्रदूषण विभाग और चीनी मिल प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए थे। प्लांट का पानी कृषि और आबादी तक न पहुंचे इसकी की जा रही है - सुखवीर सिंह, प्रधान प्रबंधक चीनी मिल नजीबाबाद

गांव चंदनपुरा में स्वास्थ्य शिविर लगाने के पीएचसी प्रभारी डॉ. जुबैर को निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों के बीमारी के कारणों की भी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे - विजय वर्धन तोमर, एसडीएम नजीबाबाद
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