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Bijnor News: दूसरे दिन पांच जगह दिखी डॉल्फिन, दस जगहों पर प्रवासी पक्षी
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-डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम कर रही है डॉल्फिन गणना
-गंगा में डॉल्फिन की संख्या देख उत्साहित है टीम
-चार से ज्यादा प्रजाति के प्रवासी पक्षी भी गंगा में दिखे
-37 किलोमीटर दूसरे दिन गंगा चली टीम
-12 जगहों पर तक अब तक देखे जा चुके हैं डॉल्फिन के झुंड
-2 से 3 की संख्या में एक साथ रह रही हैं डॉल्फिन
-72 किलोमीटर दो दिन में यात्रा कर चुकी है टीम
-06 अक्तूबर को नरौरा पहुंच जाएगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने दूसरे दिन गंगा में 37 किलोमीटर की यात्रा की। यह यात्रा जलीलपुर-हस्तिनापुर पुल से शुरू हुई और खड़काली तक गई। दूसरे दिन टीम को पांच जगहों पर डॉल्फिन के झुंड दिखाई दिए। हर झुंड में डॉल्फिन की संख्या दो से तीन थी। मंगलवार को टीम को यात्रा के दौरान घड़ियाल और चार प्रजाति से ज्यादा प्रवासी पक्षी दिखाई दिए। मौसम सर्द होते ही प्रवासी पक्षी देख टीम उत्साहित हो गई।
सोमवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ सर्वे टीम में शामिल गंगा डॉल्फिन संरक्षण प्रोजेक्ट देख रहे मोहम्मद शाहनवाज खान, वरिष्ठ कॉआर्डिनेटर संजीव यादव ने यात्रा शुरू की थी। दो दिनों में 72 किलोमीटर की दूरी तय करके मंगलवार को टीम खड़काली पहुंच गई। दोनों दिन में 12 जगहों पर डॉल्फिन देखी गई है। छह अक्तूबर को यह टीम नरौरा बैराज पहुंच जाएगी। इसके बाद पूरी यात्रा के दौरान देखी गई डॉल्फिन की संख्या को सार्वजनिक किया जाएगा। टीम का कहना है कि गंगा में जिस तरह डॉल्फिन दिख रही है, इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हमारी एक टीम आसपास के गांवों के लोगों को संरक्षण के लि जागरूक भी कर रही है।
गंगा में दिख रही बड़ी मादा घड़ियाल
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम को मंगलवार को गंगा में कई जगहों पर मादा घड़ियाल दिखाई दिए। इनमें से कई वर्ष 2010 से पहले छोड़े गए घड़ियाल हैं। बता दें कि गंगा में घड़ियाल पूरी तरह विलुप्त हो चुके थे। करीब 15 वर्ष पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने पुनर्वास अभियान चलाकर अब तक 700 से ज्यादा घड़ियाल गंगा में छोड़े हैं। इनमें सबसे पहले छोड़े गए घड़ियाल अब युवा अवस्था में आ चुके हैं।
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चार प्रजाति से ज्यादा प्रवासी पक्षी दिखे
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम डॉल्फिन गणना कर रही है। इस दौरान टीम को गंगा में पक्षी दिखाई दिए। जब इन्हें देखा गया तो पता चला यह प्रवासी पक्षी हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से मोहम्मद शाहनवाज खान ने बताया कि मंगलवार को प्रवासी पक्ष ब्लैक हेडेड गल, पेंटेड स्टॉक, बुली नेक्ड स्टॉर्क, ब्राहमणी डक के झुंड दिखाई दिए। अभी यह पक्षी आने शुरू हुए हैं। आने वाले एक सप्ताह में इनकी संख्या और बढ़ जाएगी।
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-गंगा में डॉल्फिन की संख्या देख उत्साहित है टीम
-चार से ज्यादा प्रजाति के प्रवासी पक्षी भी गंगा में दिखे
-37 किलोमीटर दूसरे दिन गंगा चली टीम
-12 जगहों पर तक अब तक देखे जा चुके हैं डॉल्फिन के झुंड
-2 से 3 की संख्या में एक साथ रह रही हैं डॉल्फिन
-72 किलोमीटर दो दिन में यात्रा कर चुकी है टीम
-06 अक्तूबर को नरौरा पहुंच जाएगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने दूसरे दिन गंगा में 37 किलोमीटर की यात्रा की। यह यात्रा जलीलपुर-हस्तिनापुर पुल से शुरू हुई और खड़काली तक गई। दूसरे दिन टीम को पांच जगहों पर डॉल्फिन के झुंड दिखाई दिए। हर झुंड में डॉल्फिन की संख्या दो से तीन थी। मंगलवार को टीम को यात्रा के दौरान घड़ियाल और चार प्रजाति से ज्यादा प्रवासी पक्षी दिखाई दिए। मौसम सर्द होते ही प्रवासी पक्षी देख टीम उत्साहित हो गई।
सोमवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ सर्वे टीम में शामिल गंगा डॉल्फिन संरक्षण प्रोजेक्ट देख रहे मोहम्मद शाहनवाज खान, वरिष्ठ कॉआर्डिनेटर संजीव यादव ने यात्रा शुरू की थी। दो दिनों में 72 किलोमीटर की दूरी तय करके मंगलवार को टीम खड़काली पहुंच गई। दोनों दिन में 12 जगहों पर डॉल्फिन देखी गई है। छह अक्तूबर को यह टीम नरौरा बैराज पहुंच जाएगी। इसके बाद पूरी यात्रा के दौरान देखी गई डॉल्फिन की संख्या को सार्वजनिक किया जाएगा। टीम का कहना है कि गंगा में जिस तरह डॉल्फिन दिख रही है, इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हमारी एक टीम आसपास के गांवों के लोगों को संरक्षण के लि जागरूक भी कर रही है।
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गंगा में दिख रही बड़ी मादा घड़ियाल
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम को मंगलवार को गंगा में कई जगहों पर मादा घड़ियाल दिखाई दिए। इनमें से कई वर्ष 2010 से पहले छोड़े गए घड़ियाल हैं। बता दें कि गंगा में घड़ियाल पूरी तरह विलुप्त हो चुके थे। करीब 15 वर्ष पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने पुनर्वास अभियान चलाकर अब तक 700 से ज्यादा घड़ियाल गंगा में छोड़े हैं। इनमें सबसे पहले छोड़े गए घड़ियाल अब युवा अवस्था में आ चुके हैं।
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चार प्रजाति से ज्यादा प्रवासी पक्षी दिखे
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम डॉल्फिन गणना कर रही है। इस दौरान टीम को गंगा में पक्षी दिखाई दिए। जब इन्हें देखा गया तो पता चला यह प्रवासी पक्षी हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से मोहम्मद शाहनवाज खान ने बताया कि मंगलवार को प्रवासी पक्ष ब्लैक हेडेड गल, पेंटेड स्टॉक, बुली नेक्ड स्टॉर्क, ब्राहमणी डक के झुंड दिखाई दिए। अभी यह पक्षी आने शुरू हुए हैं। आने वाले एक सप्ताह में इनकी संख्या और बढ़ जाएगी।