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बिजनौर: करीबी कब दूरी में बदल जाए, कहना मुश्किल, जो संग थे आज वही बनें विरोधी

Thu, 15 Sep 2022 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 15 Sep 2022 12:24 AM IST
सार

यूपी के बिजनौर में जिला पंचायत की राजनिति को लकेर चल रहे  विरोधी गुट ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीएम को शपथपत्र सौंप दिया, तारीख ना मिलने पर हाईकोर्ट की शरण ली।

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Bijnor: When the close turns into a distance,  difficult to say, those were with you then become against
जिला पंचायत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजनौर में  जिला पंचायत की राजनीति पिछले दो महीनों से गरमायी हुई है। विरोधी गुट ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीएम को शपथपत्र सौंप दिए थे। तारीख मिलने पर हो रही देरी पर इस गुट ने हाईकोर्ट की शरण ली। इस सरगर्मी नतीजा कुछ भी निकले लेकिन जिला पंचायत सदस्यों की तवज्जों बढ़ी हुई है। विरोधी खेमे में शामिल सदस्य पंजाब में सैर सपाटा करने में लगे हुए हैं। जिन्हें आलीशान होटल में ठहराया गया है।
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राजनीति में करीबी कब दूरी बदल में जाए यह कहना मुश्किल होता है। बिजनौर जिला पंचायत की राजनीति में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। जो कभी जिला पंचायत अध्यक्ष के संग थे, उन्होंने विरोधी गुट का झंडा उठा रखा है। भाजपा के सात सदस्य विरोधी खेमे हैं। बता दें कि भाजपा के सात सदस्य चुनाव जीतकर आए थे। बाद में पांच निर्दलीयों ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया था। अब पार्टी के ही सदस्यों की पसंद बदल चुकी है।
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जिसकी तस्वीर जिला पंचायत की बैठक में साफ हो गई थी। लगातार दो बैठकों में कोरम पूरा नहीं हो पाया था। हालांकि विरोधी रहे कुछ सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की और बैठक में शामिल हुए थे। यह बैठक का मसला खत्म हुआ तो भाजपा के ही सदस्य आयुष चौहान के नेतृत्व में 22 सदस्यों ने उपस्थित होकर 32 शपथ पत्र डीएम को सौंप दिए थे। इन शपथ पत्रों के बाद अभी तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक की तारीख नहीं मिली है।
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इस घटनाक्रम के बाद आयुष चौहान को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद भी सरगर्मी लगातार बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो करीब 20 सदस्य पंजाब के पठानकोट में ठहरे हुए हैं जोकि वहीं सैर सपाटा कर रहे हैं। इन्हें तारीख मिलने का इंतजार है।
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आखिर कौन उठा रहा खर्च
करीब एक महीने से सदस्यों को पंजाब में रोका गया है।अब सवाल यह उठता है कि आखिर इनका खर्च कौन उठा रहा है। सूत्रों का दावा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में हार का मुंह देख चुके सपा के उम्मीदवार भी विरोधी खेमे के साथ कदमताल कर रहे हैं।

भीतरघात करने वालों को हो सकती है कठिनाई
चर्चा है कि अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने का सपना देख रहे भीतरघातियों के लिए यह कदम कठिनाई वाला भी साबित हो सकता है। मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक ही नहीं पहुंचा बल्कि प्रदेशाध्यक्ष के संज्ञान में भी है। प्रदेशाध्यक्ष ने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के खिलाफ षड़यंत्र रचने वालों को सख्ती भरे लहजे में चेतावनी भी दी है।

16 सितंबर को हाईकोर्ट में तारीख
अविश्वास प्रस्ताव पर डेट देने को लेकर 16 सितंबर को हाईकोर्ट में तारीख है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में डीएम बिजनौर से जबाव मांगा था। सूत्रों की माने तो प्रशासन जबाव तैयार करने में जुटा है और 16 तारीख में प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में जबाव दाखिल किया जाएगा। इस तारीख के बाद डेट को लेकर कोई निष्कर्ष निकलने की संभावना जताई जा रही है।
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