शासन से बजट स्वीकृत: 48 साल बाद शुरू हुआ राजकीय शीतगृह का कायाकल्प, जानें इसकी खास बात
करीब 48 साल बाद राजकीय शीतगृह केंद्र का कायाकल्प शुरू हो गया है। इसके लिए शासन से बजट स्वीकृत किया गया है।
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आजादी के बाद पहली बार मोदीपुरम राजकीय शीतगृह केंद्र का कायाकल्प शुरू हो गया है। दो करोड़ छह लाख रुपये से इसकी मरम्मत की जाएगी। बजट स्वीकृत हो गया है। इसके बनने से किसानों को आलू भंडारण में सुविधा मिलेगी। 1974 में बना यह शीतगृह वेस्ट यूपी का पहला और यूपी का दूसरा है। मोदीपुरम के बाद लखनऊ में ही दूसरा शीतगृह है।
वेस्ट यूपी में गन्ने के बाद दूसरे नंबर पर किसान आलू की खेती करती है। इसका रकबा भी लगातार बढ़ रहा है। करीब 48 साल से मोदीपुरम में बने राजकीय शीतगृह की मरम्मत का काम नहीं किया गया था। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस पर काम किया जाएगा। अभी तक 68 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल, टीन शेड, टॉयलेट, इंटर लॉकिंग सड़क आदि का काम हो गया है। शीतगृह के अंदर का काम नवंबर में शुरू होगा। फरवरी तक इसे पूरा किया जाएगा। इसकी भंडारण क्षमता 23 हजार 622 क्विंटल आलू की है।
ये होंगे काम
-वर्तमान में शीतगृह फ्रीऑन गैस से संचालित है। अब इसे अमोनिया गैस से चलाया जाएगा।
-शीतगृह का इंसुलेशन बदला जाएगा, बिजली फिटिंग और कंप्रेशर का काम होगा। दो साउंड प्रूफ जनरेटर लगाए जाएंगे।
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इन जिलों को भेजा जाता है आलू
मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, बुलंदशहर, बदायूं, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़, आगरा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, एटा, इटावा, मैनपुरी आदि।
राजकीय शीतगृह पर 68 लाख रुपये से सुंदरीकरण का काम हो गया है। 2 करोड़ 6 लाख रुपये से अंदर मरम्मत कार्य होगा। - एनके सहानिया, आलू विकास अधिकारी
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राजकीय शीतगृह में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए शासन ने बजट स्वीकृत किया है। आगामी सीजन में आलू भंडारण से पहले ही काम को पूरा करा दिया जाएगा। वेस्ट यूपी में आलू की खेती किसान बड़े स्तर पर करते हैं। - दिगेंद्र कुमार, प्रभारी, राजकीय शीतगृह, मोदीपुरम