ऋषिपाल हत्याकांड में खुलासा: चंद रुपयों के लिए ममेरे भाई संग मिलकर की माैसा की हत्या, फिर शादी में हुए शामिल
उत्तर प्रदेश के बिजनाैर में जली हुई लाश मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है, जांच पड़ताल में सामने आया कि चंद रुपयों के लिए इस वीभत्स वारदात को अंजाम दिया गया।
विस्तार
बिजनाैर जनपद में हुए ऋषिपाल हत्याकांड का पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए खुलासा कर दिया है। तीसरे आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। उधार दिए सात लाख रुपये लौटाने का तकादा करने पर आरोपी ने ममेरे भाई के साथ मिलकर मौसा की हत्या की गई थी।
शनिवार को एएसपी देहात राम अर्ज ने खुलासा करते हुए बताया कि13 नवंबर को कोटरा-फतेहपुर मा र्ग पर दौलत वाली पुलिया के पास जला हुआ शव बरामद हुआ। जिसकी शिनाख्त धामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलसाना निवासी ऋषिपाल (50) के रूप में हुई। पहचान छिपाने के मकसद से पट्रोल, पुआल और कंबल डालकर शव को जलाया गया था।
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दो आरोपी किए गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
पुलिस ने इस हत्याकांड में विवेक पुत्र ब्रह्मपाल और अंकुर पुत्र कृष्णपाल निवासीगण आजादनगर कॉलोनी नगीना को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो हत्या किए जाने का पूरा राज उगल दिया। बता दें कि पकड़ा गया आरोपी विवेक मृतक ऋषिपाल के सगे साढू का लड़का है और अंकुर साले का बेटा है।
एएसपी देहात राम अर्ज ने बताया कि सात साल पहले ऋषिपाल ने जमीन बेची थी, उससे मिले सात लाख रुपये विवेक और उसके पिता को दिए थे। अब ऋषिपाल बेटी की शादी करने के लिए उक्त रकम को वापस करने के लिए तकादा करने लगा। 12 नवंबर को ऋषिपाल ने विवेक के पास फोन भी किया।
ऐसे बनाई हत्या की योजना
बताया कि विवेक की बहन की शादी छह साल पहले हुई थी, अब उसकी बहन अपने पति से विवाद के चलते धामपुर में किराए पर रह रही है। आरोपी विवेक अपनी बहन और बहनोई के बीच हुए विवाद का जिम्मेदार मौसा की बेटी को भी मानता था।
रकम वापसी के लिए तकादा और बहन के मामले को लेकर आरोपी विवेक ने अपने ममेर भाई अंकुर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। जिसमें उसने पास में ही रहने वाले विपिन को भी शामिल कर लिया।
घर पर रख दिए थे आरोपियों ने अपने फोन
फोन की लोकेशन से बचने के लिए तीनों आरोपियों ने अपने फोन घर पर ही छोड़ दिए और बोलेरो गाड़ी से निकल गए। मंझेड़ा में शराब खरीदी और ठेके के सेल्समैन के फोन से ऋषि पाल को बुलाया था। इसके बाद ऋषि पाल को शराब पिलाते हुए गाड़ी में घूमाते रहे। जोकि कोतवाली देहात तक आए महेश्वरी जट से भी शराब खरीदी।
रास्ते में गमछे से गला घोंटकर ऋषिपाल की हत्या कर दी। मरने का यकिन नहीं हुआ तो तीन बार गला घोंटा। फिर शव लेकर गाड़ी में घूमते रहे, रास्ते में मनकावाला से पुआल के दो पुले गाड़ी में रखे। पट्रोल भी खरीदा। फिर पहचान छिपाने के लिए पुआल, कंबल और पेट्रोल डालकर शव को आग लगा दी।
हत्या के बाद शादी में हुए शामिल
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों अपने घर नगीना लौट आए। इसके बाद तीनों एक शादी में शामिल होने के लिए धामपुर चले गए। आरोपियों ने मृतक का फोन पहले नगीना की सब्जी मंडी में दबा दिया था, बाद में मोबाइल बमराद होने का डर लगा तो गांगन नदी में फेंक दिया।
गाड़ी में मिले पुआल के अवशेष
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी को बरामद कर लिया है। गाड़ी में पुआल के अवशेष भी मिले हैं। वहीं मृतक के मोबाइल का कवर और पट्रोल की खाली बोतल भी बरामद की है।