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डिप्लोमा इंजीनियर्स ने धरना दिया
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:49 PM IST
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बिजनौर में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने प्रांतीय आह्वान पर कलक्ट्रेट में दो दिवसीय धरना दिया गया। दूसरे दिन धरने के समापन पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
दो दिवसीय धरने के दूसरे दिन महासंघ के जिलाध्यक्ष आरके तरानिया ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स की विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। प्रांतीय संघ कई बार शासन को अवगत कराया गया।
लेकिन आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव ने सहायता अभियंता से नीचे का ग्रेड पे दिलाने की मांग पर सहमति दी। लेकिन दस माह के बाद अभी तक इस संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया गया। इस कारण डिप्लोमा इंजीनियर्स को जूनियर इंजीनियर से भी कम अथवा बराबर वेतन मिल रहा है। जो दुखद है। राजकीय, निगम-निकाय, प्राधिकरण आदि समस्त विभागों के जूनियर इंजीनियर्स को सहमति के अनुरूप वाहन अनुश्रवण भत्ता के रूप में तीस लीटर पैट्रोल के मूल्य की धनराशि प्रदान की जाए।
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अन्य विभागों की तरह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग आदि में कार्यरत तीन वर्षीय अभियंत्रण डिप्लोमाधारी संगणक का जूनियर इंजीनियर पद पर पदनाम परिवर्तित किया जाए। आईटीआई नगर एवं ग्राम नियोजन, भूमि एवं जल संसाधन विभाग में अवर अभियंता संवर्ग की सेवा नियमावलियां का संशोधन किया जाए। डिप्लोमा में प्रवेश की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल के स्थान पर इंटरमीडिएट किया जाए। इसके अतिरिक्त अन्य मांगों को भी उन्होंने जल्द पूरा कराने की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव कविराज, संदीप शर्मा, गजेंद्र कुमार, देवेंद्र यादव, मनोज कुमार, मणीकांत सिंह आदि रहे।
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दो दिवसीय धरने के दूसरे दिन महासंघ के जिलाध्यक्ष आरके तरानिया ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स की विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। प्रांतीय संघ कई बार शासन को अवगत कराया गया।
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लेकिन आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव ने सहायता अभियंता से नीचे का ग्रेड पे दिलाने की मांग पर सहमति दी। लेकिन दस माह के बाद अभी तक इस संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया गया। इस कारण डिप्लोमा इंजीनियर्स को जूनियर इंजीनियर से भी कम अथवा बराबर वेतन मिल रहा है। जो दुखद है। राजकीय, निगम-निकाय, प्राधिकरण आदि समस्त विभागों के जूनियर इंजीनियर्स को सहमति के अनुरूप वाहन अनुश्रवण भत्ता के रूप में तीस लीटर पैट्रोल के मूल्य की धनराशि प्रदान की जाए।
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अन्य विभागों की तरह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग आदि में कार्यरत तीन वर्षीय अभियंत्रण डिप्लोमाधारी संगणक का जूनियर इंजीनियर पद पर पदनाम परिवर्तित किया जाए। आईटीआई नगर एवं ग्राम नियोजन, भूमि एवं जल संसाधन विभाग में अवर अभियंता संवर्ग की सेवा नियमावलियां का संशोधन किया जाए। डिप्लोमा में प्रवेश की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल के स्थान पर इंटरमीडिएट किया जाए। इसके अतिरिक्त अन्य मांगों को भी उन्होंने जल्द पूरा कराने की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव कविराज, संदीप शर्मा, गजेंद्र कुमार, देवेंद्र यादव, मनोज कुमार, मणीकांत सिंह आदि रहे।