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दिनेश चुने गए सहकारी बैंक के चेयरमैन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 12 May 2018 12:15 AM IST
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जिला सहकारी बैंक का निर्विरोध अध्यक्ष बनने पर दिनेश सिंह का स्वागत करते भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में भाजपा के एमएलसी अशोक कटारिया के खेमे ने सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के चुनाव में सांसद व विधायकों के खेमे को मात दे दी। भाजपा के तीनों सांसद व दो विधायक बगावती तेवर अपना कर विधायक अशोक राणा की मां शांति देवी को चुनाव लड़ाना चाहते थे। भाजपा के दोनों खेमे आमने-सामने आ गए थे। दोनों खेमों में खूब घमासान मचा रहा। भाजपा के प्रदेश महामंत्री व एमएलसी अशोक कटारिया पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़े रहे। अशोक कटारिया ने चुनाव में पूर्व विधायक लोकेंद्र चौहान की भूमिका निभाई।
नूरपुर निवासी दिनेश सिंह पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी के रिश्तेदार हंै। भाजपा ने दिनेश सिंह को जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए पहले से प्रत्याशी घोषित किया था। इस सीट पर जिले के चौहान बिरादरी के नेता काबिज होना चाहते थे। चौहान बिरादरी के नेताओं ने धामपुर के विधायक अशोक राणा की मां शांति देवी को चुनाव लड़ाने का मन बना लिया। मुरादाबाद के सांसद सर्वेश कुमार उनके पुत्र बढ़ापुर के विधायक सुशांत सिंह, नगीना के सांसद डा. यशवंत सिंह, बिजनौर के सांसद भारतेंद्र सिंह समेत तमाम नेता अशोक राणा के साथ खड़े हो गए। भाजपा के प्रदेश महामंत्री व एमएसलसी अशोक कटारिया ने दूसरे खेमे की कमान संभाल ली। उनके साथ जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी के ससुर अधिवक्ता राजेंद्र सिंह समेत कई नेता खड़े रहे।
बृहस्पतिवार को चुनाव के दौरान दोनों खेमों में खूब घमासान मचा। जिला सहकारी बैंक के 14 संचालकों को चुनाव में हिस्सा लेना था। 12 संचालक चुनाव में जीते थे। दो सीटों पर मतदान नहीं हुआ था। दो संचालक शासन से नामित होने थे। जीते 12 संचालकों में छह अशोक राणा व छह भाजपा प्रत्याशी दिनेश सिंह के पाले में चले गए। अशोक राणा का खेमा संचालकों की संख्या कम होने की वजह से शुक्रवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारा। इस खेमे ने शांति देवी का नामांकन नहीं कराया।
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दिनेश सिंह ने ही अपना पर्चा भरा। सुबह से ही साफ हो गया था कि दिनेश सिंह ही बैंक के चेयरमैन बनेंगे। शुक्रवार को दूसरे खेमे का कोई नेता नजर नहीं आया। दिनेश सिंह के साथ एमएलसी अशोक कटारिया के अलावा मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, नहटौर के विधायक ओमकुमार, अधिवक्ता राजेंद सिंह, लोकेंद्र चौहान के भाई सीपी सिंह, समेत कई नेता मौजूद रहे। पूरे चुनाव में एमसलसी अशोक कटारिया ने हर मोर्चे पर भाजपा के दूसरे खेमे को मात देते रहे।
चेयरमैन और वाइस चेयरमैन दोनों निर्विरोध
बिजनौर में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए दिनेश कुमार को निर्विरोध चेयरमैन चुन लिया गया। जबकि संदीप कुमार को निर्विरोध वाइस चेयरमैन चुना गया है। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए कोतवाली निर्वाचन क्षेत्र से निर्चाचित दिनेश कुमार ने बाजी मार ली। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी एवं जिला सहकारी बैंक के निर्वाचन अधिकारी हरेंद्र के अनुसार सभी पदों पर निर्वाचन निर्विरोध हुआ है। चेयरमैन पद के लिए दिनेश कुमार को तथा वाइस चेयरमैन पद के लिए संदीप कुमार को चुना गया है। राजेंद्र सिंह एडवोकेट प्रतिनिधि (वृत्तिक) उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लखनऊ, राजीव कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लखनऊ, इंद्रा सिंह प्रतिनिधि महिला उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लखनऊ, जितेंद्र कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश सहकारी क्रयक्रियन एवं तिलहन विकास संघ लिमिटेड लखनऊ, अरविंद कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लखनऊ, ब्रजराज सिंह प्रतिनिधि सहकारी किसान चीनी मिल नजीबाबाद, मनोज कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लखनऊ चुने गए हैं। इसके साथ ही चंद्रप्रकाश प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल कारपोरेशन कानपुर, अभिषेक मलिक प्रतिनिधि इंडस्ट्रियल फाइनेंस कारपोरेशन ऑफ इंडिया नई दिल्ली, सिद्धार्थ कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ, प्रेमपाल सिंह प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव प्रिंटिंग प्रेस दिल्ली, पीतम सिंह प्रतिनिधि द कोऑपरेटिव टैक्सटाइल मिल्स लिमिटेड बुलंदशहर उत्तर प्रदेश निर्वाचित हुए हैं। तपराज सिंह को प्रतिनिधि इफ्को नई दिल्ली व प्रेमपाल सिंह को प्रतिनिधि कृभको नई दिल्ली चुना गया है।
रातभर चली दोनों खेमों में खींचतान
चुनाव में रातभर दोनों खेमों में खींचतान मची रही। बैंक के उपसभापति बने संदीप कुमार बृहस्पतिवार की शाम अपने गांव तिसोतरा चले गए। उनके साथ विधायक सुचि चौधरी के ससुर राजेंद्र सिंह, सीपी सिंह समेत कई नेताओं ने तिसोतरा गांव में डेरा डाल दिया। रात में राजेंद्र सिंह और सीपी सिंह, संदीप कुमार को लेकर गांव से चले गए। अशोक राणा के खेमे को जब पता चला कि संदीप कुमार अपने गांव में हैं तो इस खेमे ने संदीप को अपने पाले में करने के लिए गांव में गाड़ी दौड़ा दी। सबसे पहले सांसद भारतेंद्र सिंह वहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और खरीखोटी सुनाई।
अशोक राणा के खेमे का खेल बिगाड़ा
सहकारी बैंक के लिए शासन से नामित हुए दो संचालक अभिनव और आंचल ने अशोक राणा के खेमे का चुनाव में खेल बिगाड़ दिया। अशोक राणा का खेमा अपने खेमे के संचालकों को शासन से नामित कराने के लिए जोड़तोड़ करने में जुटा था, पर उसे कामयाबी नहीं मिली। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी की सरकार में गहरी पकड़ है। वह अपने बहनोई दिनेश सिंह के लिए उनके खेमे के अभिनव और आंचल को शासन से नामित कराने में कामयाब रहे। इसका पता चलते ही दूसरा खेमा टूट गया। इन दो संचालकों के नामित होने से दिनेश सिंह के पास आठ संचालक हो गए। उनकी जीत पक्की हो गई।
गाज गिरने के डर से भी खींचे कदम
चुनाव में शासन के डर से भी अशोक राणा के खेमे ने चुनाव में अपने पैर पीछे खींच लिए। सरकार व भाजपा संगठन में मंत्री भूपेंद्र सिंह की गहरी पकड़ पहले से है। भाजपा के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर से भी चुनाव मैदान में कूदने पर विधायक अशोक राणा व बाकी नेताओं के पेंच कसे गए। कहा गया कि इससे पार्टी का गलत संदेश जाएगा। विरोधी खेमा पहले चाहता था कि बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी के ससुर राजेंद्र सिंह पर दांव खेला जाए पर राजेंद्र सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने बैंक के चेयरमैन का चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी व पार्टी के साथ खडे़ रहे।
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नूरपुर निवासी दिनेश सिंह पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी के रिश्तेदार हंै। भाजपा ने दिनेश सिंह को जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए पहले से प्रत्याशी घोषित किया था। इस सीट पर जिले के चौहान बिरादरी के नेता काबिज होना चाहते थे। चौहान बिरादरी के नेताओं ने धामपुर के विधायक अशोक राणा की मां शांति देवी को चुनाव लड़ाने का मन बना लिया। मुरादाबाद के सांसद सर्वेश कुमार उनके पुत्र बढ़ापुर के विधायक सुशांत सिंह, नगीना के सांसद डा. यशवंत सिंह, बिजनौर के सांसद भारतेंद्र सिंह समेत तमाम नेता अशोक राणा के साथ खड़े हो गए। भाजपा के प्रदेश महामंत्री व एमएसलसी अशोक कटारिया ने दूसरे खेमे की कमान संभाल ली। उनके साथ जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी के ससुर अधिवक्ता राजेंद्र सिंह समेत कई नेता खड़े रहे।
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बृहस्पतिवार को चुनाव के दौरान दोनों खेमों में खूब घमासान मचा। जिला सहकारी बैंक के 14 संचालकों को चुनाव में हिस्सा लेना था। 12 संचालक चुनाव में जीते थे। दो सीटों पर मतदान नहीं हुआ था। दो संचालक शासन से नामित होने थे। जीते 12 संचालकों में छह अशोक राणा व छह भाजपा प्रत्याशी दिनेश सिंह के पाले में चले गए। अशोक राणा का खेमा संचालकों की संख्या कम होने की वजह से शुक्रवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारा। इस खेमे ने शांति देवी का नामांकन नहीं कराया।
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दिनेश सिंह ने ही अपना पर्चा भरा। सुबह से ही साफ हो गया था कि दिनेश सिंह ही बैंक के चेयरमैन बनेंगे। शुक्रवार को दूसरे खेमे का कोई नेता नजर नहीं आया। दिनेश सिंह के साथ एमएलसी अशोक कटारिया के अलावा मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, नहटौर के विधायक ओमकुमार, अधिवक्ता राजेंद सिंह, लोकेंद्र चौहान के भाई सीपी सिंह, समेत कई नेता मौजूद रहे। पूरे चुनाव में एमसलसी अशोक कटारिया ने हर मोर्चे पर भाजपा के दूसरे खेमे को मात देते रहे।
चेयरमैन और वाइस चेयरमैन दोनों निर्विरोध
बिजनौर में जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए दिनेश कुमार को निर्विरोध चेयरमैन चुन लिया गया। जबकि संदीप कुमार को निर्विरोध वाइस चेयरमैन चुना गया है। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के लिए कोतवाली निर्वाचन क्षेत्र से निर्चाचित दिनेश कुमार ने बाजी मार ली। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी एवं जिला सहकारी बैंक के निर्वाचन अधिकारी हरेंद्र के अनुसार सभी पदों पर निर्वाचन निर्विरोध हुआ है। चेयरमैन पद के लिए दिनेश कुमार को तथा वाइस चेयरमैन पद के लिए संदीप कुमार को चुना गया है। राजेंद्र सिंह एडवोकेट प्रतिनिधि (वृत्तिक) उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लखनऊ, राजीव कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लखनऊ, इंद्रा सिंह प्रतिनिधि महिला उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लखनऊ, जितेंद्र कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश सहकारी क्रयक्रियन एवं तिलहन विकास संघ लिमिटेड लखनऊ, अरविंद कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लखनऊ, ब्रजराज सिंह प्रतिनिधि सहकारी किसान चीनी मिल नजीबाबाद, मनोज कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लखनऊ चुने गए हैं। इसके साथ ही चंद्रप्रकाश प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल कारपोरेशन कानपुर, अभिषेक मलिक प्रतिनिधि इंडस्ट्रियल फाइनेंस कारपोरेशन ऑफ इंडिया नई दिल्ली, सिद्धार्थ कुमार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ, प्रेमपाल सिंह प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव प्रिंटिंग प्रेस दिल्ली, पीतम सिंह प्रतिनिधि द कोऑपरेटिव टैक्सटाइल मिल्स लिमिटेड बुलंदशहर उत्तर प्रदेश निर्वाचित हुए हैं। तपराज सिंह को प्रतिनिधि इफ्को नई दिल्ली व प्रेमपाल सिंह को प्रतिनिधि कृभको नई दिल्ली चुना गया है।
रातभर चली दोनों खेमों में खींचतान
चुनाव में रातभर दोनों खेमों में खींचतान मची रही। बैंक के उपसभापति बने संदीप कुमार बृहस्पतिवार की शाम अपने गांव तिसोतरा चले गए। उनके साथ विधायक सुचि चौधरी के ससुर राजेंद्र सिंह, सीपी सिंह समेत कई नेताओं ने तिसोतरा गांव में डेरा डाल दिया। रात में राजेंद्र सिंह और सीपी सिंह, संदीप कुमार को लेकर गांव से चले गए। अशोक राणा के खेमे को जब पता चला कि संदीप कुमार अपने गांव में हैं तो इस खेमे ने संदीप को अपने पाले में करने के लिए गांव में गाड़ी दौड़ा दी। सबसे पहले सांसद भारतेंद्र सिंह वहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और खरीखोटी सुनाई।
अशोक राणा के खेमे का खेल बिगाड़ा
सहकारी बैंक के लिए शासन से नामित हुए दो संचालक अभिनव और आंचल ने अशोक राणा के खेमे का चुनाव में खेल बिगाड़ दिया। अशोक राणा का खेमा अपने खेमे के संचालकों को शासन से नामित कराने के लिए जोड़तोड़ करने में जुटा था, पर उसे कामयाबी नहीं मिली। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी की सरकार में गहरी पकड़ है। वह अपने बहनोई दिनेश सिंह के लिए उनके खेमे के अभिनव और आंचल को शासन से नामित कराने में कामयाब रहे। इसका पता चलते ही दूसरा खेमा टूट गया। इन दो संचालकों के नामित होने से दिनेश सिंह के पास आठ संचालक हो गए। उनकी जीत पक्की हो गई।
गाज गिरने के डर से भी खींचे कदम
चुनाव में शासन के डर से भी अशोक राणा के खेमे ने चुनाव में अपने पैर पीछे खींच लिए। सरकार व भाजपा संगठन में मंत्री भूपेंद्र सिंह की गहरी पकड़ पहले से है। भाजपा के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर से भी चुनाव मैदान में कूदने पर विधायक अशोक राणा व बाकी नेताओं के पेंच कसे गए। कहा गया कि इससे पार्टी का गलत संदेश जाएगा। विरोधी खेमा पहले चाहता था कि बिजनौर की विधायक सुचि चौधरी के ससुर राजेंद्र सिंह पर दांव खेला जाए पर राजेंद्र सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने बैंक के चेयरमैन का चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी व पार्टी के साथ खडे़ रहे।