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कर्ज के तनाव में दम तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:14 PM IST
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अफजलगढ़ के गांव शाहपुर जमाल में गमजदा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़ में बैंक के कर्ज का नोटिस देख किसान की हार्टअटैक पड़ने से मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। उधर, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मृतक किसान की न तो कोई आरसी काटी गई न ही वसूली के लिए तहसील प्रशासन ने कोई दबाव बनाया। इस मामले की जांच कर मुआवजे के लिए उचित हो गई।
गांव शाहपुरजमाल निवासी किसान के बेटे नरेश ने बताया कि उसके पिता चिरंजी सिंह (65) के पास 17 बीघा जमीन है। उनके पिता ने अलग-अलग बैंकों से कर्जा लिया था, जो की करीब पांच लाख रुपये है। दो लाख रुपये सर्व यूपी ग्रामीण बैंक और तीन लाख रुपये किसान सहकारी समिति के बकाया थे। कुछ दिनों पहले बैंकों की ओर से उसके पिता को वसूली के लिए नोटिस मिला था, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान थे। आरोप है कि कई बार तहसील के संग्रह अमीनों ने भी दबाव बना रखा था। आए दिन संग्रह अमीन कर्ज चुकाने के लिए घर पर पहुंच जाते थे। पिता ने रकम की व्यवस्था होते ही कर्ज चुकाने का भरोसा दिया था। बैंक भी दो-तीन बार नोटिस भेज चुका था। मानसिक तनाव के चलते शनिवार की सुबह पानी पीने के लिए वह नल पर गए। अचानक बेहोश होने के कारण वहीं पर वह गिर पड़े, जब तक परिजन पहुंचे उनकी मौत हो चुकी थी।परिजनों के ही मुताबिक तनाव में दिल का दौरा पड़ने के कारण ही उनका निधन हुआ। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मृतक किसान की न तो कोई आरसी काटी गई न ही वसूली के लिए तहसील प्रशासन ने कोई दबाव बनाया। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर सहायता का प्रयास किया जाएगा। सूचना पर राजस्व विभाग ने जांच कर मुआवजे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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गांव शाहपुरजमाल निवासी किसान के बेटे नरेश ने बताया कि उसके पिता चिरंजी सिंह (65) के पास 17 बीघा जमीन है। उनके पिता ने अलग-अलग बैंकों से कर्जा लिया था, जो की करीब पांच लाख रुपये है। दो लाख रुपये सर्व यूपी ग्रामीण बैंक और तीन लाख रुपये किसान सहकारी समिति के बकाया थे। कुछ दिनों पहले बैंकों की ओर से उसके पिता को वसूली के लिए नोटिस मिला था, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान थे। आरोप है कि कई बार तहसील के संग्रह अमीनों ने भी दबाव बना रखा था। आए दिन संग्रह अमीन कर्ज चुकाने के लिए घर पर पहुंच जाते थे। पिता ने रकम की व्यवस्था होते ही कर्ज चुकाने का भरोसा दिया था। बैंक भी दो-तीन बार नोटिस भेज चुका था। मानसिक तनाव के चलते शनिवार की सुबह पानी पीने के लिए वह नल पर गए। अचानक बेहोश होने के कारण वहीं पर वह गिर पड़े, जब तक परिजन पहुंचे उनकी मौत हो चुकी थी।परिजनों के ही मुताबिक तनाव में दिल का दौरा पड़ने के कारण ही उनका निधन हुआ। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
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उधर, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मृतक किसान की न तो कोई आरसी काटी गई न ही वसूली के लिए तहसील प्रशासन ने कोई दबाव बनाया। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर सहायता का प्रयास किया जाएगा। सूचना पर राजस्व विभाग ने जांच कर मुआवजे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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