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नहीं मिला कोई अपहृत

Tue, 05 Jan 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 05 Jan 2016 11:49 PM IST
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Did not find any hijacked
बिजनौर। विधायक रुचिवीरा के पति उदयनवीरा के धर्मनगरी स्थित आवास पर कोई अपहृत सदस्य सर्च  अभियान के दौरान नहीं मिला है। कोर्ट के आदेश पर हुई सर्च की रिपोर्ट सीओ धामपुर ने अपने शपथ पत्र के साथ सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को दाखिल की।
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सीजेएम के आदेश पर सोमवार शाम उदयनवीरा के आवास पर पुलिस ने जिला पंचायत के अपहृत सदस्य कल्पना सिंह और डॉ. विकास की बरामदगी के लिए सर्च अभियान चलाया था। जिले भर की पुलिस धर्मनगरी गांव में इस काम के लिए डेरा डाले रही।
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करीब ढाई घंटे से चले अभियान में पुलिस को घर से कोई अपहृत नहीं मिले। पुलिस की टीम वहां से खाली हाथ लौट आई थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट पहले आला अफसरों को सौंप दी। कोर्ट ने सर्च वारंट जारी करने के दौरान यह भी आदेश पुलिस को दिए थे कि वह सर्च की रिपोर्ट कोर्ट को दे।
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सीओ धामपुर अशोक यादव ने अपनी रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ सीजेएम कोर्ट में सौंप दी। जिसमें कहा कि सर्च के दौरान कोई अपहृत उन्हें उदयनवीरा के घर से नहीं मिला है।

छावनी में तब्दील हुई जजी
अपहृत दोनों जिला पंचायत सदस्यों के कोर्ट में बयान कराने की अफवाह पर पुलिस ने जजी का छावनी में तब्दील कर दिया। जजी में आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी गई, लेकिन कोई सदस्य बयान देने नहीं आया। मंगलवार को विधायक रुचिवीरा किसी काम से जजी गई थीं।

यह बात सपा प्रत्याशी नीलम पारस खेमे को पता लगी। यह खेमा यह पता लगाने में जुट गया कि रुचिवीरा जजी में क्या करने गई थी? चर्चा रही कि किसी ने नीलम पारस खेमे को बता दिया कि अपहृत दोनों सदस्य कल्पना सिंह और डॉ. विकास के कोर्ट में शाम के वक्त बयान कराए जाएंगे।

बंदूक के साथ दबोचे प्रधान के पति समेत चार का चालान
बिजनौर। विधायक रुचिवीरा के पति के घर पर पुलिस के चले सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक के साथ गांव फजलपुर ढ़ाकी के प्रधान के पति समेत चार को दबोच लिया। बंदूक को कब्जे में लेकर चारों का चालान कर दिया है।

अपहृत दो जिला पंचायत सदस्यों को बरामद करने के लिए कोर्ट के आदेश पर विधायक के पति उदयनवीरा के घर पर पुलिस ने सर्च अभियान चलाया था।

इस दौरान हल्दौर थाने के गांव फजलपुर ढाकी निवासी प्रधान पति मौ. दानिश, मौ. जाकिर ,महबूब और गांव नसीरपुर शेख निवासी मुनजीब के साथ कार से गांव धर्मनगरी की ओर जा रहे थे। दानिश के पास लाइसेंसी बंदूक थी। पुलिस ने कार की तलाशी के दौरान चारों को दबोच कर तलाशी ली तो उनके पास दो लाख की नगद भी मिली।

पकड़े गए लोगों ने पुलिस को बताया कि वह ठेकेदारी करते है। रुपये किसी को पेमेंट करने के लिए उनके पास थे। पुलिस ने चारों का शांति भंग में चालान कर दिया र्है। बंदूक जमा करा ली गई है। शहर कोतवाल अरविंद शर्मा के मुताबिक पकड़े गए चारों लोगों का शांति भंग करने की आशंका में धारा 151 में चालान किया गया है।

57 जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी
बिजनौर। प्रशासन ने जिला पंचायत सदस्यों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिन सदस्यों के पांच लाख के मुचलके किए गए थे।

जिले भर में उन सबके वारंट जारी कर दिए है। वारंट जारी होने से सदस्य व उनके परिजनों में खलबली मची हुई है। जिला पंचायत के 57 सदस्य हैं। सपा प्रत्याशी नीलम पारस व दूसरे प्रत्याशी उदयनवीरा दोनों प्रत्याशी के गुट सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए ऐडी से चोटी तक का जोर लगा रहे है।

उदयनवीरा ने अपने पाले के सदस्यों को धर्मनगरी अपने आवास पर रखा है। दूसरे गुट के लोग इन सदस्यों तक नहीं पहुंच पा रहे है।

सत्तादल के नेताओं का प्रशासन पर दबाव है कि सदस्यों को नीलम पारस के गुट में किया जाए। प्रशासन ने सभी जिला पंचायत सदस्यों के पांच पांच लाख के मुचलके करके उन्हें नोटिस जारी किए थे। घर पर नहीं मिलने के कारण सदस्यों को नोटिस तामिल नहीं हो पाएं है।

चुनाव से दो दिन पहले प्रशासन ने सदस्यों पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिए है। बिजनौर में आठ, चांदपुर में पांच, नजीबाबाद में तीन समेत पूरे जिले में जमानती व गैर जमानती वारंट जारी हुए है। एसडीएम सदर अजय तिवारी ने वारंट जारी होने की पुष्टि की है।

डराने के लिए चलाया सर्च अभियान
बिजनौर। सदर विधायक रुचि वीरा ने कहा कि जिला पंचायत के चुनाव में प्रशासन जिले के सपा नेताओं के दबाव में उनके परिवार के साथ जिला पंचायत सदस्यों का खूब उत्पीड़न किया जा रहा है। सदस्यों और उन्हें डराने के लिए सर्च अभियान चलाया गया।

कोर्ट के आदेश थे कि अधिवक्ता के साथ केवल सीओ मकान में सर्च करने जाएं। मगर पूरे जिले की पुलिस ने गांव धर्मनगरी में चढ़ाई कर दी।

मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए रुचिवीरा ने कहा कि प्रशासन उनका मनोबल गिराने और भयभीत करने का काम कर रहा है। जिला पंचायत सदस्यों के पांच लाख के मुचलके पाबंद किए गए हैं। उनके घरों पर पुलिस दबिश दे रही है। कई सदस्य घर पर न होने के कारण अपने मुचलकों के नोटिस तामिल नहीं कर सके हैं।

उन सदस्यों के वारंट जारी करने की तैयारी है। वह इस मामले में भी कोर्ट का सहारा ले रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी नीलम पारस का चुनाव मंत्री मूलचंद चौहान लड़ा रहे हैं।

मंत्री अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। जो सदस्य पढ़े लिखे हैं उन्हें मंत्री वोट डालने के लिए हैल्पर दिला रहे हैं। उनके पति समेत उनके खेमे के नेताओं व जिला पंचायत सदस्यों के परिजनों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।

जिन सदस्यों के प्रमाणपत्र गुम हो गए हैं या नीलम पारस गुट ने ले लिए हैं मंत्री उनके दूसरे प्रमाणपत्र नहीं बनने दे रहे हैं।

वोट डालने के दौरान सदस्यों को पकड़ा न जाए, वह इसके लिए सभी से सहयोग मांग रही हैं। सभी दलों, वकीलों, व्यापारियों व आम जनता से चुनाव के रोज बड़ी तादाद में उन्होंने बिजनौर पहुंचने को कहा। महिला होकर वह ईमानदारी से काम कर रही हैं तो उसका नतीजा उन्हें यह मिला है। गवर्नर, चुनाव आयोग को उन्होंने सारे हालात बता दिए है।


दोहराया कि वह अभी भी सपा में है। सौ प्रतिशत चुनाव में जीत उनकी है। उनके पास चुनाव जीतने के लिए 40 वोट है। सदस्य अमित के अपहरण के मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही। अमित के परिजन पुलिस अफसरों के पास चक्कर काटते थक गए हैं।
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