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Bijnor News: बेगावाला - अखंड महानाम संकीर्तन में झूमे भक्त
Thu, 30 Mar 2023 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 30 Mar 2023 12:27 AM IST
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बिजनौर में धर्मनगरी बंगाली कालोनी में अखंड महानाम संकीर्तन में भाग लेते श्रृद्धालु।
- 48 घंटे लगातार चला हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम हरे
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बेगावाला। धर्मनगरी बंगाली कॉलोनी वर्तमान में भक्ति में डूबी हुई है। यहां पर 48 घंटे से लगातार अखंड महानाम संकीर्तन का बुधवार सुबह समापन हो गया। गांव में मेला भी लगा हुआ है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु आए हुए हैं।
श्रद्धालुओं ने संकीर्तन का भरपूर आनंद लिया। केवल बंगाली समाज के लोग ही नहीं वरन अन्य लोग भी यहां कीर्तन को सुनने आते हैं और खूब आनंद लेते हैं। यह संकीर्तन पिछले 26 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। संकीर्तन के बाद शाम को भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसमें कई प्रदेशों से बंगाली समाज की कीर्तन मंडली भाग लेती है, जिसमें दो-दो घंटे का संकीर्तन प्रत्येक मंडली करती है। दो घंटे तक ढोल मजारों की ताल पर नाचते और गाते हैं।
यह हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम हरे हरे का ही जाप करते है। इसमें उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि स्थानों से बंगाली समाज के श्रद्धालु आते हैं और संकीर्तन का आनंद लेते हैं। बंगाली गांव धर्मनगरी, हेमराज, घासीवाला, चंदपुरा, नवलपुर आदि गांव के अलावा अन्य दर्जनभर गांव के लोग भी भंडारे में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। यह खिचड़ी मूंग की दाल की बनाई जाती है जो बंगाली समाज का एक विशेष पकवान है।
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बेगावाला। धर्मनगरी बंगाली कॉलोनी वर्तमान में भक्ति में डूबी हुई है। यहां पर 48 घंटे से लगातार अखंड महानाम संकीर्तन का बुधवार सुबह समापन हो गया। गांव में मेला भी लगा हुआ है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु आए हुए हैं।
श्रद्धालुओं ने संकीर्तन का भरपूर आनंद लिया। केवल बंगाली समाज के लोग ही नहीं वरन अन्य लोग भी यहां कीर्तन को सुनने आते हैं और खूब आनंद लेते हैं। यह संकीर्तन पिछले 26 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। संकीर्तन के बाद शाम को भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसमें कई प्रदेशों से बंगाली समाज की कीर्तन मंडली भाग लेती है, जिसमें दो-दो घंटे का संकीर्तन प्रत्येक मंडली करती है। दो घंटे तक ढोल मजारों की ताल पर नाचते और गाते हैं।
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यह हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम हरे हरे का ही जाप करते है। इसमें उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश आदि स्थानों से बंगाली समाज के श्रद्धालु आते हैं और संकीर्तन का आनंद लेते हैं। बंगाली गांव धर्मनगरी, हेमराज, घासीवाला, चंदपुरा, नवलपुर आदि गांव के अलावा अन्य दर्जनभर गांव के लोग भी भंडारे में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। यह खिचड़ी मूंग की दाल की बनाई जाती है जो बंगाली समाज का एक विशेष पकवान है।
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