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शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह धनराशि मिलने की जगी उम्मीद
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मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह राशि मिलने की जगी उम्मीद
बिजनौर। पंचायत चुनाव के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आकर जिले के कई शिक्षकों की मौत होने का मामला तूल पकड़े हुए है। बेसिक शिक्षा विभाग ने चुनाव के बाद मरे 25 शिक्षकों की सूची शासन को भेजी है। जिसके बाद मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद जगी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना की चपेट में आए कई शिक्षकों का निधन हो गया था। बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा केवल तीन शिक्षकों की मृत्यु कोरोना से होने की बात कहने पर शिक्षक आक्रोशित हो गए। जिसके विरोध में शिक्षक संगठनों ने आपत्ति दर्ज की थी तथा आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने 16 सौ से अधिक शिक्षकों की मृत्यु होने का दावा किया था। शिक्षक संगठनों के उग्र होने पर जांच कराई गई । अब जिले से बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 शिक्षकों की मृत्यु पंचायत चुनाव के उपरांत होना मानते हुए सूची शासन को भेजी है।
इतना ही नहीं माध्यमिक शिक्षा के भी इसके अलावा छह शिक्षकों की मृत्यु हुई है। ऐसे में जिले में कुल अब तक 31 शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि शिक्षक हितों की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जा रहा है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि जब तक शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह धनराशि का भुगतान नहीं हो जाता संगठन चुप नहीं बैठेगा। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सहित कई शिक्षक संगठन कोरोना की चपेट में आए शिक्षकों के आश्रितों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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बीएसए महेश चंद के मुताबिक पंचायत चुनाव के उपरांत जिले में जिन शिक्षकों की मृत्यु हुई है उनकी सूची शासन को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 25 शिक्षकों की मृत्यु हुई है।
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बिजनौर। पंचायत चुनाव के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आकर जिले के कई शिक्षकों की मौत होने का मामला तूल पकड़े हुए है। बेसिक शिक्षा विभाग ने चुनाव के बाद मरे 25 शिक्षकों की सूची शासन को भेजी है। जिसके बाद मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद जगी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना की चपेट में आए कई शिक्षकों का निधन हो गया था। बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा केवल तीन शिक्षकों की मृत्यु कोरोना से होने की बात कहने पर शिक्षक आक्रोशित हो गए। जिसके विरोध में शिक्षक संगठनों ने आपत्ति दर्ज की थी तथा आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने 16 सौ से अधिक शिक्षकों की मृत्यु होने का दावा किया था। शिक्षक संगठनों के उग्र होने पर जांच कराई गई । अब जिले से बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 शिक्षकों की मृत्यु पंचायत चुनाव के उपरांत होना मानते हुए सूची शासन को भेजी है।
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इतना ही नहीं माध्यमिक शिक्षा के भी इसके अलावा छह शिक्षकों की मृत्यु हुई है। ऐसे में जिले में कुल अब तक 31 शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि शिक्षक हितों की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जा रहा है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि जब तक शिक्षकों के आश्रितों को अनुग्रह धनराशि का भुगतान नहीं हो जाता संगठन चुप नहीं बैठेगा। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सहित कई शिक्षक संगठन कोरोना की चपेट में आए शिक्षकों के आश्रितों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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बीएसए महेश चंद के मुताबिक पंचायत चुनाव के उपरांत जिले में जिन शिक्षकों की मृत्यु हुई है उनकी सूची शासन को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 25 शिक्षकों की मृत्यु हुई है।