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एक्सईएन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
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मृतक के शव को विद्युत निगम के खंडीय कार्यालय पर रख प्रदर्शन करते अनवरपुर चंडिका के ग्रामीण व परिज
- फोटो : DHAMPUR
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एक्सईएन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
धामपुर/अफजलगढ़। अफजलगढ़ क्षेत्र में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को धामपुर विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय के बाहर संविदाकर्मी का शव रखकर प्रदर्शन किया। बुधवार को संविदाकर्मी की हाईटेंशन लाइन पर काम करते करंट लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीण संविदाकर्मी के परिवार को 10 लाख रुपये दिलाने और निगम में मृतक की पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग पर अड़े रहे। शाम तक विद्युत निगम के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे।
गौरतलब है कि गांव अनवरपुर चंडिका निवासी ओमप्रकाश का 25 वर्षीय पुत्र राहुल धामपुर विद्युत वितरण खंड द्वितीय में संविदा पर लाइनमैन था। वह बुधवार को अफजलगढ़ में हाईटेंशन बिजली की लाइन के पोल पर काम कर रहा था। पोल में करंट आने से राहुल गंभीर रूप से झुलस कर जमीन पर गिर गया था। चिंताजनक हालत में अन्य कर्मियों ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, वहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। राहुल की मुरादाबाद में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। राहुल के शव को लेकर परिजन ग्रामीणों के साथ धामपुर में निगम के खंडीय कार्यालय द्वितीय पहुंचे। परिजनों ने उसके शव को एक्सईएन अरुण कुमार के कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन किया।
आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी निगम के एक्सईएन और अन्य अधिकारियों ने उसकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने एक्सईएन से मुआवजे के रूप में परिजनों को 10 लाख रुपये दिलाने और उसकी पत्नी को निगम में सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि राहुल उनके चार पुत्रों में सबसे छोटा था। वह अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गया है। शाम तक ग्रामीण एक्सईएन कार्यालय पर ही अडे़ रहे। एक्सईएन ने संविदा प्रावधानों के अनुसार लाभ दिलाने का भरोसा देते हुए परिजनों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को पूरा कराने की जिद पर अड़े हैं। इस दौरान प्रधान रामनाथ सिंह, अनू, उमेश, नरेंद्र, राजेंद्र, इंद्रपाल सिंह, उदयवीर सिंह, तेजपाल सिंह, जयपाल सिंह, विपिन, लवलीन सिंह, मोहित कुमार, मनोज कुमार, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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तीन लाख का चेक देकर खत्म कराया धरना
धामपुर। 10 लाख रुपये मुआवजे और संविदाकर्मी की पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग पर अडे़ ग्रामीणों ने शाम करीब सात बजे धरना समाप्त किया। एक्सईएन ने उनकी मांग को तो पूरा नहीं किया, लेकिन निगम संविदा प्रावधानों के अनुसार प्रदत्त होने वाले पांच लाख रुपये में से तीन लाख रुपये का चेक देकर उन्होंने परिजनों को शांत किया। एक्सईएन ने बताया कि संविदा कर्मचारियों का निगम से सीधा कोई मतलब नहीं होता है। संविदा कर्मी का ठेकेदार से अनुबंध होता है। लेकिन अनुबंध के अनुसार ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मी की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। इनमें से तीन लाख रुपये का चेक संविदाकर्मी के परिजनों को दे दिया गया है। बाकी दो लाख रुपये का चेक फरवरी माह के अंत तक दे दिया जाएगा।
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धामपुर/अफजलगढ़। अफजलगढ़ क्षेत्र में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को धामपुर विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय के बाहर संविदाकर्मी का शव रखकर प्रदर्शन किया। बुधवार को संविदाकर्मी की हाईटेंशन लाइन पर काम करते करंट लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीण संविदाकर्मी के परिवार को 10 लाख रुपये दिलाने और निगम में मृतक की पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग पर अड़े रहे। शाम तक विद्युत निगम के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुटे रहे।
गौरतलब है कि गांव अनवरपुर चंडिका निवासी ओमप्रकाश का 25 वर्षीय पुत्र राहुल धामपुर विद्युत वितरण खंड द्वितीय में संविदा पर लाइनमैन था। वह बुधवार को अफजलगढ़ में हाईटेंशन बिजली की लाइन के पोल पर काम कर रहा था। पोल में करंट आने से राहुल गंभीर रूप से झुलस कर जमीन पर गिर गया था। चिंताजनक हालत में अन्य कर्मियों ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, वहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। राहुल की मुरादाबाद में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। राहुल के शव को लेकर परिजन ग्रामीणों के साथ धामपुर में निगम के खंडीय कार्यालय द्वितीय पहुंचे। परिजनों ने उसके शव को एक्सईएन अरुण कुमार के कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन किया।
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आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी निगम के एक्सईएन और अन्य अधिकारियों ने उसकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने एक्सईएन से मुआवजे के रूप में परिजनों को 10 लाख रुपये दिलाने और उसकी पत्नी को निगम में सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि राहुल उनके चार पुत्रों में सबसे छोटा था। वह अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गया है। शाम तक ग्रामीण एक्सईएन कार्यालय पर ही अडे़ रहे। एक्सईएन ने संविदा प्रावधानों के अनुसार लाभ दिलाने का भरोसा देते हुए परिजनों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को पूरा कराने की जिद पर अड़े हैं। इस दौरान प्रधान रामनाथ सिंह, अनू, उमेश, नरेंद्र, राजेंद्र, इंद्रपाल सिंह, उदयवीर सिंह, तेजपाल सिंह, जयपाल सिंह, विपिन, लवलीन सिंह, मोहित कुमार, मनोज कुमार, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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तीन लाख का चेक देकर खत्म कराया धरना
धामपुर। 10 लाख रुपये मुआवजे और संविदाकर्मी की पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग पर अडे़ ग्रामीणों ने शाम करीब सात बजे धरना समाप्त किया। एक्सईएन ने उनकी मांग को तो पूरा नहीं किया, लेकिन निगम संविदा प्रावधानों के अनुसार प्रदत्त होने वाले पांच लाख रुपये में से तीन लाख रुपये का चेक देकर उन्होंने परिजनों को शांत किया। एक्सईएन ने बताया कि संविदा कर्मचारियों का निगम से सीधा कोई मतलब नहीं होता है। संविदा कर्मी का ठेकेदार से अनुबंध होता है। लेकिन अनुबंध के अनुसार ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मी की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। इनमें से तीन लाख रुपये का चेक संविदाकर्मी के परिजनों को दे दिया गया है। बाकी दो लाख रुपये का चेक फरवरी माह के अंत तक दे दिया जाएगा।