{"_id":"60b52ab98ebc3e1c8d012cde","slug":"demand-to-pay-cane-price-without-delay-dhampur-news-mrt5407196166","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद ने प्रदेश के कृषि मंत्री को चिट्टी लिख किसानों का गन्ना मूल्य का अविलंब भुगतान करने की मांग उठाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद ने प्रदेश के कृषि मंत्री को चिट्टी लिख किसानों का गन्ना मूल्य का अविलंब भुगतान करने की मांग उठाई
विज्ञापन
गन्ना मूल्य का अविलंब भुगतान करने की मांग
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पत्र भेजकर किसानों के गन्ने का अविलंब भुगतान कराने की सिफारिश की है।
सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश लगातार दूसरी बार देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादन करने वाला राज्य रहा है। देश से पिछले वर्ष लगभग 70 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ था। उसमें सबसे अधिक भागीदारी उत्तर प्रदेश की रही। इसके बावजूद पिछले तीन पेराई सीजन में गन्ने का एसएपी में कोई बढ़ोतरी सरकार ने नहीं की। जबकि खाद, डीजल, बिजली आदि के रेटों में भारी इजाफा कर दिया गया है। भुगतान समय से नहीं किया जा रहा।
सरकार द्वारा बार-बार किसानों से वायदा किया जाता रहा है कि गन्ने का भुगतान 14 दिनों के अंदर दे दिया जाएगा। लेकिन गन्ना किसानों का वर्तमान पेराई सत्र का लगभग 11.5 हजार करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें जनपद बिजनौर की ही नौ चीनी मिलों पर लगभग 800 करोड़ रुपये बकाया है। जिसके अंतर्गत नगीना संसदीय क्षेत्र नगीना लोकसभा के किसान भी है। कोरोना कर्फ्यू में किसानों को भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गन्ने का शीघ्र भुगतान कराने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पत्र भेजकर किसानों के गन्ने का अविलंब भुगतान कराने की सिफारिश की है।
सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश लगातार दूसरी बार देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादन करने वाला राज्य रहा है। देश से पिछले वर्ष लगभग 70 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ था। उसमें सबसे अधिक भागीदारी उत्तर प्रदेश की रही। इसके बावजूद पिछले तीन पेराई सीजन में गन्ने का एसएपी में कोई बढ़ोतरी सरकार ने नहीं की। जबकि खाद, डीजल, बिजली आदि के रेटों में भारी इजाफा कर दिया गया है। भुगतान समय से नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
सरकार द्वारा बार-बार किसानों से वायदा किया जाता रहा है कि गन्ने का भुगतान 14 दिनों के अंदर दे दिया जाएगा। लेकिन गन्ना किसानों का वर्तमान पेराई सत्र का लगभग 11.5 हजार करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें जनपद बिजनौर की ही नौ चीनी मिलों पर लगभग 800 करोड़ रुपये बकाया है। जिसके अंतर्गत नगीना संसदीय क्षेत्र नगीना लोकसभा के किसान भी है। कोरोना कर्फ्यू में किसानों को भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गन्ने का शीघ्र भुगतान कराने का आग्रह किया है।
विज्ञापन