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डीएम से तालाब कब्जा मुक्त कराने की मांग
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डीएम से तालाब कब्जा मुक्त कराने की मांग
बिजनौर। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने डीएम को पत्र लिखकर नगीना तहसील के बढ़ापुर थाने में स्थित एक तालाब को कब्जा मुक्त कराने, कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। डीएम रमाकांत पांडेय ने एसडीएम नगीना से तीन दिन में मामले की रिपोर्ट मांगी है।
संगठन के जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने मंगलवार को डीएम रमाकांत पांडेय को पत्र देकर बताया कि नूरपुर थाने के गांव टंडेरा निवासी अफसर अली ने स्योहारा निवासी फैसल वारसी के साथ मिलकर नगीना तहसील थाना बढ़ापुर के गांव मखदूमपुर में एक तालाब पर कब्जा कर रखा है। बताया कि पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि पर स्थित इस तालाब को साल 2012 में नीलामी के आधार पर 64 हजार रुपये सालाना पर मत्स्य पालन के लिए आवंटित किया गया था। तत्कालीन एसडीएम नगीना ने इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। आरोप है कि आवंटी अफसर अली और उसके साथी ने तालाब को आटकर उस पर पोल्ट्री फार्म खोल रखा है। यह पट्टे की शर्तों को उल्लंघन है। दूसरा तालाब को पट्टे पर दिए आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आवंटी ने अभी तक एक साल का ही लगान जमा किया है। साल 2019 में तहसील द्वारा आवंटी को लगान जमा करने के लिए नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर तहसीलदार नगीना ने दिसंबर 2019 में एसडीएम को रिपोर्ट भेजकर तालाब का वार्षिक लगान जमा नहीं करने तथा पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटी का मत्स्य पालन पट्टा निरस्त किए जाने की संस्तुति की थी। लेकिन आवंटी के रसूख के चलते अभी तक पट्टा निरस्त नहीं किया जा सका है। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने डीएम से तालाब को कब्जा मुक्त कराने तथा कब्जा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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बिजनौर। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने डीएम को पत्र लिखकर नगीना तहसील के बढ़ापुर थाने में स्थित एक तालाब को कब्जा मुक्त कराने, कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। डीएम रमाकांत पांडेय ने एसडीएम नगीना से तीन दिन में मामले की रिपोर्ट मांगी है।
संगठन के जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन ने मंगलवार को डीएम रमाकांत पांडेय को पत्र देकर बताया कि नूरपुर थाने के गांव टंडेरा निवासी अफसर अली ने स्योहारा निवासी फैसल वारसी के साथ मिलकर नगीना तहसील थाना बढ़ापुर के गांव मखदूमपुर में एक तालाब पर कब्जा कर रखा है। बताया कि पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि पर स्थित इस तालाब को साल 2012 में नीलामी के आधार पर 64 हजार रुपये सालाना पर मत्स्य पालन के लिए आवंटित किया गया था। तत्कालीन एसडीएम नगीना ने इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। आरोप है कि आवंटी अफसर अली और उसके साथी ने तालाब को आटकर उस पर पोल्ट्री फार्म खोल रखा है। यह पट्टे की शर्तों को उल्लंघन है। दूसरा तालाब को पट्टे पर दिए आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आवंटी ने अभी तक एक साल का ही लगान जमा किया है। साल 2019 में तहसील द्वारा आवंटी को लगान जमा करने के लिए नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर तहसीलदार नगीना ने दिसंबर 2019 में एसडीएम को रिपोर्ट भेजकर तालाब का वार्षिक लगान जमा नहीं करने तथा पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटी का मत्स्य पालन पट्टा निरस्त किए जाने की संस्तुति की थी। लेकिन आवंटी के रसूख के चलते अभी तक पट्टा निरस्त नहीं किया जा सका है। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने डीएम से तालाब को कब्जा मुक्त कराने तथा कब्जा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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