फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Declaring healthy without second investigation, sending them home

बिना दूसरी जांच के ही स्वस्थ घोषित कर भेज रहे घर

Sat, 19 Sep 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
Declaring healthy without second investigation, sending them home
बिना दूसरी जांच के ही स्वस्थ घोषित कर भेज रहे घर
विज्ञापन

बिजनौर। जिले में कोरोना को लेकर हाय तौबा मची हुई है, लेकिन उसके उपचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। होम आइसोलेट होने वाले रोगियों के घरों की जांच तक नहीं की जा रही है। संक्रमित रोगियों में कोरोना का कोई लक्षण तक नहीं दिख रहा है। शुरुआती दौर में कोरोना रोगियों को 28 और फिर 14 दिन के लिए आइसोलेट किया जाता रहा है, लेकिन अब तो मात्र दस दिन में ही बिना दूसरी जांच के ही उन्हें स्वस्थ घोषित कर घर भेज दिया जा रहा है।

जिले में शनिवार को 34 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इस तरह जिले में शनिवार तक कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 2586 हो गई है। ग्राम स्वाहेड़ी स्थित कोविड केयर सेंटर में रोगियों के साथ बरती जा रही लापरवाही नई नहीं है। कभी खाने में कोताही तो कभी उनके उपचार व साफ-सफाई का मामला उठता रहा है। कोरोना संक्रमित मरीज ही उपचार को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमित रोगियों की उपचार के दौरान दूसरी जांच तक नहीं कराई जा रही है और उन्हें स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक चिकित्सक ने बताया कि जांच होने पर कोरोना संक्रमित की पहचान होती है। उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। उपचार के कुछ दिनों बाद दूसरी जांच भी होनी चाहिए। यदि यह रिपोर्ट नेगेटिव है, तो तभी रोगी को छोड़ना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। अब मात्र 14 दिन के आइसोलेेशन की बजाए दस दिन में ही रोगियों को छुट्टी दी जा रही है। सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि रोगियों को 14 दिनों की बजाए अब दस दिनों में ही छुट्टी दी जाती है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर कोरोना काल के शुरुआती दौर में कोरोना संक्रमित मरीज को 28 दिन में अस्पताल से छुट्टी दी जाती थी। इससे पूर्व दो रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उसे रोग मुक्त घोषित किया जाता था, लेकिन अब दस दिन आइसोलेट और सात दिन क्वारंटीन करने का प्रावधान है। शासन के निर्देश हैं कि सात दिन के बाद अगर मरीज को बुखार आदि नहीं आता और उसे कोई तकलीफ नहीं होती तो उसे रोग मुक्त मान लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed