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दहशत के साये में घरों को बेचने का फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:00 AM IST
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बिजनौर के ग्राम पेद्दा में मकानों पर लिखा है बिकाऊ है मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में पेद्दा कांड ने काफी तूल पकड़ लिया है। इस कांड में जेल में बंद चार आरोपियों के परिवार की महिलाएं काफी दहशत में हैं। महिलाओं ने कहा कि वह घर पर अकेली रहती हैं। उनकी जानमाल की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। महिलाओं ने कहा कि पुलिस-प्रशासन का भी सहयोग नहीं मिलता। इससे अच्छा है कि वह अपना मकान ही बेचकर कहीं जाकर सुरक्षित बस सकें। इसलिए महिलाओं ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है लिख दिया है।
गांव पेद्दा में 16 सितंबर को हुई घटना में तीन की मौत और 12 लोग घायल हुए थे। इस मामले में 29 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में 20 लोग सलाखों के पीछे हैं। गांव के टीकम, संसार सिंह, सविता के दोनों पुत्र राहुल, राजीव व गांव का बिल्लू भी जेल में बंद हैं। इन परिवारों की महिलाओं ने सोमवार को अपने घरों पर लिख दिया है कि यह मकान बिकाऊ है। इससे गांव में खलबली मच गई। गांव की अन्य महिलाएं इनके पास आने जाने लगीं। टीकम की पत्नी बिरेश व संसार की पत्नी सर्वेश ने कहा कि घर पर महिलाएं ही हैं। महिलाएं ही दिन व रात में घरों पर अकेली रहती हैं। उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। इसलिए चारों परिवारों ने अपने मकान बेचने का फैसला किया है। महिलाओं ने कहा कि वह अकेली गांव में रहकर क्या करेंगी।
कहीं और जाकर बस जाएं। इसलिए उन्होंने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है लिखवा दिया है। अब वह असुरक्षित हालात में गांव में कतई नहीं रहना चाहती हैं। हर समय उन्हें डर सताता रहता है। शहर कोतवाल ऋषिराम कठेरिया के मुताबिक पेद्दा गांव में पुलिस चौकी खुल गई है। वहां पुलिस रहती है। इसके अलावा भी पुलिस गांव में आती जाती रहती है। गांव में असुरक्षा के बारे में किसी ने पुलिस को नहीं बताया है। पुलिस की नजर पेद्दा गांव पर लगी रहती है।
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सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
बिजनौर में गांव पेद्दा की घटना के मामले में विधायक रुचि वीरा की ओर से बुलाई गई बैठक में प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए किए गए वादे को पूरा करने की मांग की गई। एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला और अपना मांगपत्र देकर सभी मांगों को पूरा कराने को कहा गया।सोमवार को वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रांगण में हुई बैठक में वक्ताओं ने पेद्दा कांड के दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने कहा कि पेद्दा की घटना में निहत्थे व मजलूमों पर जो गोलियां बरसाई गई, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने पेद्दा के गांव वालों की तारीफ करते हुए कहा कि इतने बड़े नरसंहार के बाद भी पेद्दा के लोगों ने संयम से काम लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के वादे को पूरा करें। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। उन्हें दस सूत्रीय मांग पत्र दिया। मांग पत्र में गांव में फोर्स दोबारा लगवाने, बाकी आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार कर उनसे हथियार बरामद कराने, गिरफ्तारी न होने पर उनके खिलाफ धारा 83 की कार्रवाई करने, सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने, चोटिल गवाहों के 161 के बयान कराने की मांग की। साथ ही पीड़ित छात्रा यासमीन का 164 का बयान दर्ज कराने की मांग की गई। निर्दोष बनाकर कुछ आरोपियों को निकालने की कोशिश की जा रही है, उसे रोका जाए। कुछ आरोपी मकानों पर मकान बिकाऊ लिखकर कैराना की तरह माहौल खराब करना चाहते हैं। इस साजिश को नाकाम करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में कारी अरशद, कारी अब्दुल रज्जाक, मुफ्ती उवैस अकरम, मौलाना अली हसन, मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।
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गांव पेद्दा में 16 सितंबर को हुई घटना में तीन की मौत और 12 लोग घायल हुए थे। इस मामले में 29 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में 20 लोग सलाखों के पीछे हैं। गांव के टीकम, संसार सिंह, सविता के दोनों पुत्र राहुल, राजीव व गांव का बिल्लू भी जेल में बंद हैं। इन परिवारों की महिलाओं ने सोमवार को अपने घरों पर लिख दिया है कि यह मकान बिकाऊ है। इससे गांव में खलबली मच गई। गांव की अन्य महिलाएं इनके पास आने जाने लगीं। टीकम की पत्नी बिरेश व संसार की पत्नी सर्वेश ने कहा कि घर पर महिलाएं ही हैं। महिलाएं ही दिन व रात में घरों पर अकेली रहती हैं। उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। इसलिए चारों परिवारों ने अपने मकान बेचने का फैसला किया है। महिलाओं ने कहा कि वह अकेली गांव में रहकर क्या करेंगी।
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कहीं और जाकर बस जाएं। इसलिए उन्होंने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है लिखवा दिया है। अब वह असुरक्षित हालात में गांव में कतई नहीं रहना चाहती हैं। हर समय उन्हें डर सताता रहता है। शहर कोतवाल ऋषिराम कठेरिया के मुताबिक पेद्दा गांव में पुलिस चौकी खुल गई है। वहां पुलिस रहती है। इसके अलावा भी पुलिस गांव में आती जाती रहती है। गांव में असुरक्षा के बारे में किसी ने पुलिस को नहीं बताया है। पुलिस की नजर पेद्दा गांव पर लगी रहती है।
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सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
बिजनौर में गांव पेद्दा की घटना के मामले में विधायक रुचि वीरा की ओर से बुलाई गई बैठक में प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए किए गए वादे को पूरा करने की मांग की गई। एक प्रतिनिधि मंडल एसपी से मिला और अपना मांगपत्र देकर सभी मांगों को पूरा कराने को कहा गया।सोमवार को वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रांगण में हुई बैठक में वक्ताओं ने पेद्दा कांड के दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने कहा कि पेद्दा की घटना में निहत्थे व मजलूमों पर जो गोलियां बरसाई गई, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने पेद्दा के गांव वालों की तारीफ करते हुए कहा कि इतने बड़े नरसंहार के बाद भी पेद्दा के लोगों ने संयम से काम लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के वादे को पूरा करें। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। उन्हें दस सूत्रीय मांग पत्र दिया। मांग पत्र में गांव में फोर्स दोबारा लगवाने, बाकी आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार कर उनसे हथियार बरामद कराने, गिरफ्तारी न होने पर उनके खिलाफ धारा 83 की कार्रवाई करने, सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने, चोटिल गवाहों के 161 के बयान कराने की मांग की। साथ ही पीड़ित छात्रा यासमीन का 164 का बयान दर्ज कराने की मांग की गई। निर्दोष बनाकर कुछ आरोपियों को निकालने की कोशिश की जा रही है, उसे रोका जाए। कुछ आरोपी मकानों पर मकान बिकाऊ लिखकर कैराना की तरह माहौल खराब करना चाहते हैं। इस साजिश को नाकाम करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में कारी अरशद, कारी अब्दुल रज्जाक, मुफ्ती उवैस अकरम, मौलाना अली हसन, मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।