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मृतक आश्रितों को नहीं काटने होंगे कार्यालयों के चक्कर

Fri, 20 Aug 2021 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:15 PM IST
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Deceased dependents will not have to cut the rounds of offices
मृतक आश्रितों को नहीं काटने होंगे कार्यालयों के चक्कर
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बिजनौर। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न सरकारी विभागों में कार्य कर चुके मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी और मुआवजा पाने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। शासन ने इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग को सौंपी है। अफसरों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग ने अन्य सभी विभागों को ऐसे मामलों की सूचना शीघ्रता से उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजे हैं। अभी तक ऐसे आठ मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें से तीन की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है, जबकि अन्य पांच कर्मचारी विभिन्न कारणों से हुई मृत्यु के मामले हैं।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार के अधीन आने वाले किसी भी सरकारी विभाग में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर संबंधित विभाग द्वारा मृतक के एक आश्रित को नौकरी, पेंशन और मुआवजा आदि दिया जाता है। इसके लिए आश्रितों को संबंधित विभागों तमाम चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बावजूद वर्षों बीतने पर भी उन्हें सरकारी नौकरी एवं अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे लोग कार्यालयों तथा अधिकारियों की परिक्रमा कर थक जाते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल पाता। इन आश्रितों से यहां तक कह दिया जाता है कि उनकी सूची मुख्यमंत्री कार्यालय से नहीं आई है। किसी का मृत्यु प्रमाणपत्र न मिल पाने का बहाना बनाकर टकराया जाता रहता है, तो किसी के पते का सत्यापन न होने की बात कहकर मृतक आश्रितों को मिलने वाली धनराशि एवं अन्य सुविधाएं रोकी जाती हैं। शासन ने ऐसे लोगों की मदद के लिए सभी विभागों के अध्यक्षों को निर्देशित किया है। सरकार ने सभी विभागों के कार्यालय अध्यक्षों को ऐसे मृतक कर्मचारियों की सूचना शीघ्रता से स्वास्थ्य महकमे के सुपुर्द करने के निर्देश दिए हैं।
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अभी तक आठ मृतक कर्मचारियों के मामलों का निस्तारण कराया जा चुका है। इनमें से तीन की मौत कोरोना और पांच अन्य कारणों से हुई मौत के मामले हैं। बाकी मृतकों की सूची जुटाई जा रही है।
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- डा. विजय कुमार गोयल, सीएमओ
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