फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Debt and failure failed to embrace death

कर्ज और मुफलिसी ने तोड़ दिया था रणवीर को

Sun, 17 Nov 2019 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
Debt and failure failed to embrace death
कर्ज और मुफलिसी ने तोड़ दिया तो लगा लिया मौत को गले
विज्ञापन

बिजनौर। किसान रणवीर सिंह (38) कर्ज में डूबा हुआ था। मुफलिसी ने उसे तोड़ दिया था। बैंक कर्मचारियों ने कर्ज वसूली के लिए घर पर आना शुरू कर दिया था। रणवीर के आगे कर्ज चुकाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। कर्ज न चुका पाने की वजह से रणवीर सिंह काफी समय से तनाव में था।

गांव वालों के अनुसार रणवीर के पास केवल तीन बीघा जमीन थी। उसी में वह अपने परिवार की गुजर बसर करता था। गांववालों के अनुसार जमीन तो थी लेकिन उससे गुजारे लायक कमाई नहीं होती थी। तीन बच्चों के खर्च का बोझ वह जमीन से हो रही फसल से नहीं उठा पाता था। अपनी जमीन के काम में लगने के कारण रणवीर कहीं और मजदूरी भी नहीं कर पाता था। उसने कुछ समय पहले जलीलपुर की पीएनबी शाखा से 40 हजार रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने में वह नाकाम रहा। अब बैंक वालों ने घर पर तकादा करने के लिए आना शुरू कर दिया था। गांव वालों के अनुसार बैंक कर्मचारी उसकी आरसी कटने की चेतावनी दे रहे थे। वे उस पर समय से रुपये जमा करने के लिए कह रहे थे। अगर रणवीर की आरसी कट जाती तो उसे कर्ज से भी दस प्रतिशत तक ज्यादा रुपये देना होता। रणवीर पहले से ही बढ़े कर्ज और आरसी कटने के डर से बहुत तनाव में रहने लगा था। उसने अपने रिश्तेदारों से मदद की गुहार भी की, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। रणवीर सिंह को कर्ज जमा करने के लिए रुपयों का इंतजाम करने का कोई रास्ता नजर नहीं आया तो उसने मौत को गले लगा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed