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घर की रौनक होती हैं बेटियां: डीएम
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बिजनौर में महिला अस्पताल में बच्चियों को जन्म देने वाली माताओं को किट देते डीएम रमाकांत पांडेय।
- फोटो : BIJNOR
घर की रौनक होती हैं बेटियां: डीएम
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने जिला महिला अस्पताल में रात में जन्म देने वाली 13 नवजात बच्चियों एवं उनकी माताओं को खिलौने, फल, बिस्कुट, बेबी पाउडर, मच्छरदानी आदि वस्तुओं की किट तथा जन्म प्रमाण पत्र का वितरण किया।
डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि बेटी के जन्म से घर में रौनक आती है। इनसे बरकत एवं शोभा होती है तथा परिवार वालों के लिए वरदान होती हैं। उन्होंने कहा कि बेटी और बेटे में भेदभाव करना रूढ़िवादिता का प्रतीक है। बेटी किसी भी स्तर पर बेटों से पीछे नहीं हैं। बेटियों का पालन-पोषण भी बेटों की ही तरह से कर, उन्हें अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा के लिए लड़कों के समान अवसर प्रदान करें। ताकि बेटियां भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभाओं को उजागर कर सकें।
इस दौरान डीएम ने जिला अस्पताल के द्वार पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जन जागरूकता के लिए लगाई गई फ्लैक्सी पर हस्ताक्षर किए। जिला महिला अस्पताल के अलावा प्रत्येक तहसील स्तरीय सरकारी अस्पतालों में भी रात में जन्म देने वाली नवजात बच्चियों एवं उनकी माताओं को खिलौने, फल, बिस्कुट, बेबी पाउडर, मच्छरदानी आदि वस्तुओं पर आधारित किट तथा जन्म प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर सीएमओ विजय कुमार यादव, एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, महिला अस्पताल की सीएमएस प्रभा रानी, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय यादव के अलावा जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने जिला महिला अस्पताल में रात में जन्म देने वाली 13 नवजात बच्चियों एवं उनकी माताओं को खिलौने, फल, बिस्कुट, बेबी पाउडर, मच्छरदानी आदि वस्तुओं की किट तथा जन्म प्रमाण पत्र का वितरण किया।
डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि बेटी के जन्म से घर में रौनक आती है। इनसे बरकत एवं शोभा होती है तथा परिवार वालों के लिए वरदान होती हैं। उन्होंने कहा कि बेटी और बेटे में भेदभाव करना रूढ़िवादिता का प्रतीक है। बेटी किसी भी स्तर पर बेटों से पीछे नहीं हैं। बेटियों का पालन-पोषण भी बेटों की ही तरह से कर, उन्हें अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा के लिए लड़कों के समान अवसर प्रदान करें। ताकि बेटियां भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभाओं को उजागर कर सकें।
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इस दौरान डीएम ने जिला अस्पताल के द्वार पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जन जागरूकता के लिए लगाई गई फ्लैक्सी पर हस्ताक्षर किए। जिला महिला अस्पताल के अलावा प्रत्येक तहसील स्तरीय सरकारी अस्पतालों में भी रात में जन्म देने वाली नवजात बच्चियों एवं उनकी माताओं को खिलौने, फल, बिस्कुट, बेबी पाउडर, मच्छरदानी आदि वस्तुओं पर आधारित किट तथा जन्म प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर सीएमओ विजय कुमार यादव, एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक, महिला अस्पताल की सीएमएस प्रभा रानी, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय यादव के अलावा जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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