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बिजनौर में बढ़ा खतरा: अब झुंड बनाकर शिकार पर निकल रहे तेंदुए, 65 किलो होता है वजन, जिले में 90 किलो के तेंदुए
Thu, 03 Oct 2024 05:56 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 03 Oct 2024 05:56 PM IST
सार
जिले में गुलदार की बढ़ती संख्या के साथ ही इसके व्यवहार ने सभी को हैरत में डाल रखा है। यहां पर इनकी संख्या 500 से भी ज्यादा होने का अनुमान है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में गन्ने के खेतों में रहने वाले गुलदार (तेंदुए) का बदलता व्यवहार वन अफसरों की चिंता बढ़ा रहा है। आरक्षित वन क्षेत्रों में अकेले रहना पसंद करने वाला गुलदार गन्ने के खेतों में झुंड बनाकर रहने लगा है। इसका ताजा उदाहरण बिजनौर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम भोगी में देखने को मिला। वहां एक नलकूप की छत पर तीन गुलदार एक साथ बैठे दिखाई दिए। किसानों ने इसकी वीडियो भी बनाई है।
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जिले में गुलदार की बढ़ती संख्या के साथ ही इसके व्यवहार ने सभी को हैरत में डाल रखा है। जिले के हालातों पर नजर डालें तो यहां पर इनकी संख्या 500 से भी ज्यादा होने का अनुमान है। ऐसे में गुलदार के व्यवहार को लेकर भी नए नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
आमतौर पर इसका वजन औसतन 65 किलोग्राम तक ही देखा जाता था, लेकिन बिजनौर में 90 किलोग्राम तक वजनी गुलदार भी पकड़े गए।
आमतौर पर इसका वजन औसतन 65 किलोग्राम तक ही देखा जाता था, लेकिन बिजनौर में 90 किलोग्राम तक वजनी गुलदार भी पकड़े गए।
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जिले के गन्ने के खेतों में गुलदार अब परिवार बनाकर झुंड में रहने लगा है। करीब एक माह पहले जहां किरतपुर रोड पर एक नलकूप पर दो गुलदार एक साथ देखे गए थे। वहीं, अब बुधवार की रात ग्राम भोगी में तीन गुलदार एक साथ एक नलकूप की छत पर दिखाई दिए। किसानों ने इसकी वीडियो भी बना ली। वीडियो देख वन अफसर भी हैरान हैं।
जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में 24 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। अब तक डेढ़ साल में 67 गुलदार पकड़े जा चुके हैं, वहीं 35 गुलदार दुर्घटना, आपसी संघर्ष और बीमारी से मारे गए हैं।
जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में 24 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। अब तक डेढ़ साल में 67 गुलदार पकड़े जा चुके हैं, वहीं 35 गुलदार दुर्घटना, आपसी संघर्ष और बीमारी से मारे गए हैं।
जल्द शुरू होगा गुलदार पर सर्वे
भारतीय वन्य जीव संस्था के विशेषज्ञों ने पिछले दिनों तीन दिन सर्वे के बाद जिले में गुलदार के व्यवहार पर विस्तृत शोध की बात कही थी। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद गन्ने के खेतों में गुलदार की संख्या, इनके व्यवहार और समस्या का समाधान तलाशा जाएगा।
भारतीय वन्य जीव संस्था के विशेषज्ञों ने पिछले दिनों तीन दिन सर्वे के बाद जिले में गुलदार के व्यवहार पर विस्तृत शोध की बात कही थी। इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद गन्ने के खेतों में गुलदार की संख्या, इनके व्यवहार और समस्या का समाधान तलाशा जाएगा।
गांव में लगवाए जाएंगे पिंजरे
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि ग्राम भोगी में तीन गुलदार एक साथ देखने का पता चला है। रेंजर को भेजा जा रहा है। साथ ही गांव में पिंजरे लगवाए जाएंगे।
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि ग्राम भोगी में तीन गुलदार एक साथ देखने का पता चला है। रेंजर को भेजा जा रहा है। साथ ही गांव में पिंजरे लगवाए जाएंगे।