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खतरा ः फिर उफनी गंगा और मालन
अमर उजाला बिजनौर
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:33 AM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम सुक्खेपुर के जंगल में गंगा की चपेट में आई गन्ने की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर/मंडावर। पहाड़ों पर बारिश से गंगा और मालन फिर से उफनने लगी है। गांव ब्रह्मपुरी में फिर से पानी भर गया है। रावली के रपटे पर भी दो से ढाई फीट पानी भर गया है। कई साल पहले गांव सुक्खेपुर के अधिकांश हिस्से को काट चुकी गंगा अब बाकी बचे हुए घरों की ओर कटान कर रही है। खादर क्षेत्र में फिर से दहशत का माहौल है।
सालों पहले गंगा की धारा गांव सुक्खेपुर के अधिकांश हिस्से को काटकर अपने साथ बहा ले गई थी। तत्कालीन डीएम ने बेघर हो चुके गांव वालों को अन्य स्थान पर बसाया था। इस गांव का नाम डीएम के नाम पर मार्कंडेयपुरम रखा गया था। इस साल गंगा की धारा ने फिर से गांव सुक्खेपुर की ओर कटान शुरू कर दिया है। मिट्टी के टीले कटकर गंगा में समा रहे हैं।
गांव निवासी नेत्रपाल सिंह, नौबहार सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, अर्जुन, सोमपाल, नरेश, विजेंद्र आदि के अनुसार गंगा ने कई सालों से कटान नहीं किया था।इस बार गंगा की तेज धारा गांव की ओर कटान कर रही है। गांव वालों के मुताबिक अगर तटबंध बने होते तो गंगा कटान न करती। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कटान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में भी मालन का पानी भर गया है और रावली के रपटे पर भी करीब दो से ढाई फीट तक पानी चलने लगा है। हजारों बीघा फसलें भी पानी से जलमग्र हो गई हैं। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा में इस समय एक लाख क्यूसेक पानी चल रहा है।
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वहीं बिजनौर में सुबह करीब साढ़े तीन बजे से अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह आठ बजे तक तेज बारिश होती रही। बारिश से मोहल्ला काजीपाड़ा, चाहशीरी, जाटान, नई बस्ती, मुख्य बाजार आदि में जलभराव की स्थिति रही। नौ बजे तक बारिश रुकी। मोहल्ला नई बस्ती में सुबह 11 बजे तक जलभराव की स्थिति रही। बारिश से मोहल्ला कुंवर बाल गोविंद में अंग्रेजों के जमाने के बने एक खस्ताहाल भवन की दीवार भी गिर गई। जिले भर में औसतन 73.4 प्रतिशत बारिश हुई। करीब 11 बजे मौसम साफ होने के बाद फिर से बादल छा गए। वहीं बारिश से किसानों के चेहरे खिले हैं।
वहीं शेरकोट के गांव मंधौरों में बारिश के दौरान एक व्यक्ति के मकान की दीवार ढहने से मकान में सो रहा कशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने किशोर को मलबे के नीचे से निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस गांव में तीन अन्य लोगों के मकानों की छतों और दीवार बारिश के कारण ढही है। गांव के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उसका कच्चा मकान है। शुक्रवार सवेरे चार बजे उसके मकान की छत दीवार के साथ मकान में सो रहे 12 वर्षीय किशोर आकाश के ऊपर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हुए। मलबा हटाकर किशोर को नीचे से निकाला। बेहोशी की हालत में आकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत स्थिर बनी है। गांव के हरिराज सिंह, जयपाल सिंह, किशोरी के मकान की दीवार की बारिश में गिरी है।
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सालों पहले गंगा की धारा गांव सुक्खेपुर के अधिकांश हिस्से को काटकर अपने साथ बहा ले गई थी। तत्कालीन डीएम ने बेघर हो चुके गांव वालों को अन्य स्थान पर बसाया था। इस गांव का नाम डीएम के नाम पर मार्कंडेयपुरम रखा गया था। इस साल गंगा की धारा ने फिर से गांव सुक्खेपुर की ओर कटान शुरू कर दिया है। मिट्टी के टीले कटकर गंगा में समा रहे हैं।
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गांव निवासी नेत्रपाल सिंह, नौबहार सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, अर्जुन, सोमपाल, नरेश, विजेंद्र आदि के अनुसार गंगा ने कई सालों से कटान नहीं किया था।इस बार गंगा की तेज धारा गांव की ओर कटान कर रही है। गांव वालों के मुताबिक अगर तटबंध बने होते तो गंगा कटान न करती। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कटान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में भी मालन का पानी भर गया है और रावली के रपटे पर भी करीब दो से ढाई फीट तक पानी चलने लगा है। हजारों बीघा फसलें भी पानी से जलमग्र हो गई हैं। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा में इस समय एक लाख क्यूसेक पानी चल रहा है।
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वहीं बिजनौर में सुबह करीब साढ़े तीन बजे से अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। सुबह आठ बजे तक तेज बारिश होती रही। बारिश से मोहल्ला काजीपाड़ा, चाहशीरी, जाटान, नई बस्ती, मुख्य बाजार आदि में जलभराव की स्थिति रही। नौ बजे तक बारिश रुकी। मोहल्ला नई बस्ती में सुबह 11 बजे तक जलभराव की स्थिति रही। बारिश से मोहल्ला कुंवर बाल गोविंद में अंग्रेजों के जमाने के बने एक खस्ताहाल भवन की दीवार भी गिर गई। जिले भर में औसतन 73.4 प्रतिशत बारिश हुई। करीब 11 बजे मौसम साफ होने के बाद फिर से बादल छा गए। वहीं बारिश से किसानों के चेहरे खिले हैं।
वहीं शेरकोट के गांव मंधौरों में बारिश के दौरान एक व्यक्ति के मकान की दीवार ढहने से मकान में सो रहा कशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने किशोर को मलबे के नीचे से निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस गांव में तीन अन्य लोगों के मकानों की छतों और दीवार बारिश के कारण ढही है। गांव के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उसका कच्चा मकान है। शुक्रवार सवेरे चार बजे उसके मकान की छत दीवार के साथ मकान में सो रहे 12 वर्षीय किशोर आकाश के ऊपर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हुए। मलबा हटाकर किशोर को नीचे से निकाला। बेहोशी की हालत में आकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत स्थिर बनी है। गांव के हरिराज सिंह, जयपाल सिंह, किशोरी के मकान की दीवार की बारिश में गिरी है।