बिजनौर: विकास की उम्मीदों को लगेंगें पंख, साढ़े छह करोड़ की लागत से बनेगा साइकिल ट्रैक
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गंगा बैराज पर पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई काम किए जा रहे हैं। इसमें से एक साइकिल ट्रैक के लिए लोक निर्माण विभाग ने करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।
बिजनौर गंगा बैराज से रावली तक करीब नौ किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर दिन ही नहीं, रात के समय भी साइकिलिंग की जा सकेगी। इस पर रात के लिए पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी की जानी है। इसके अलावा दो करोड़ रुपये की लागत से शीशमहल के पीछे बने करीब एक किलोमीटर लंबे बांध को विकसित किया जाएगा। जहां से हैदरपुर वेटलैंड की तर्ज पर बर्ड वॉचिंग की जा सकेगी।
बिजनौर बैराज से रावली तक तटबंध बना हुआ है। जिस पर सड़क बनी हुई थी, लेकिन अब इसे साइकिल ट्रैक में तब्दील किया जाना है। बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया था। अब इसका एस्टीमेट भी तैयार हो चुका है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ऐसा साइकिल ट्रैक आसपास के जिलों में भी नहीं है। इसकी खासियत यह होगी कि यहां रात और दिन कभी भी साइकिल चलाई जा सकेगी।
रात के लिए प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। सभी मानकों के आधार पर ट्रैक का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा इस ट्रैक के किनारे लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। थकने पर गंगा किनारे बैठकर आराम किया जा सकेगा। इसे पर्यटन से भी जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि बिजनौर बैराज को और भी अधिक रमणीय और सुंदर बनाने के लिए साइकिल ट्रैक की सौगात देने की तैयारी प्रशासन कर रहा है।
दो करोड़ से विकसित होगा बर्ड वाचिंग प्वाइंट
बैराज पर शीशमहल के पास खाली पड़ी जमीन पर दो करोड़ रुपये की लागत से बर्ड वाचिंग प्वाइंट को विकसित किया जाना है। साइकिल ट्रैक के साथ-साथ इसका भी प्रस्ताव भेजा गया था। गंगा तट पर आने वाले प्रवासी पक्षियों को यहां से निहारा जा सकेगा। यह हैदरपुर वेटलैंड की तर्ज पर विकसित किया जाना है।
नौकायन का भी उठा सकेंगे लुत्फ
बिजनौर बैराज और गंगा तट को संवारने के कई स्तरों पर विकास किया जाना है। इसमें हैदरपुर वेटलैंड की तर्ज पर शीशमहल के पास बर्ड वाचिंग प्वाइंट, साइकिल ट्रैक और नौकायन भी शामिल है। गंगा में मोटर बोट चलेंगी। जिसमें बैठकर गंगा के सुंदर नजारों को निहारा जा सकेगा।