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शक की सुई बाबू की ओर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:30 AM IST
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बिजनौर में एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये के घोटाले के सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घोटाले में शक की सुई कार्यालय में तैनात एक बाबू की ओर घूमने लगी है। सीएमओ ने मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश के बाद ही मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इस मामले में कई अनियमितताएं और सामने आई हैं। घोटाले का सबूत मिटाने के लिए एनआरएचएम कार्यालय से एफएमआर (फाइनेंशियल मंथली रिकॉर्ड बुक) बुक गायब हो गई है। इसके चलते घोटाले की शक की सुई कार्यालय में तैनात बाबू की ओर घूमने लगी है। एफएमआर बुक में ही एनआरएचएम का खर्च का ब्योरा रहता है। बुधवार को घोटाले की जांच करने के लिए एडी मुरादाबाद (अपर निदेशक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण) आने वाले थेे, लेकिन वह नहीं आए। सीएमओ सुखबीर सिंह ने मामले की जांच करते हुए बुधवार को बैंक खाते खंगाले। इस दौरान करीब तीन करोड़ रुपये का घोटाला समाने आया है।
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एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इस मामले में कई अनियमितताएं और सामने आई हैं। घोटाले का सबूत मिटाने के लिए एनआरएचएम कार्यालय से एफएमआर (फाइनेंशियल मंथली रिकॉर्ड बुक) बुक गायब हो गई है। इसके चलते घोटाले की शक की सुई कार्यालय में तैनात बाबू की ओर घूमने लगी है। एफएमआर बुक में ही एनआरएचएम का खर्च का ब्योरा रहता है। बुधवार को घोटाले की जांच करने के लिए एडी मुरादाबाद (अपर निदेशक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण) आने वाले थेे, लेकिन वह नहीं आए। सीएमओ सुखबीर सिंह ने मामले की जांच करते हुए बुधवार को बैंक खाते खंगाले। इस दौरान करीब तीन करोड़ रुपये का घोटाला समाने आया है।
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